हरियाणा सरकार की खास पहल, सब्जी और बागवानी फसलों का भी होगा बीमा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 13 Oct 2020 02:02 AM IST
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हरियाणा में अब ट्रस्ट मॉडल आधार पर सब्जी एवं बागवानी फसलों का भी बीमा किया जाएगा। ताकि सब्जी और बागवानी फसल उत्पादकों को आपदा के दौरान मदद मिल सके। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बाद हरियाणा सरकार ने अपने स्तर पर ट्रस्ट मॉडल आधार पर सब्जी एवं बागवानी फसलों को भी बीमा कवर देने का निर्णय लिया है।
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मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि इस नई बीमा योजना में किसानों को 2.5 प्रतिशत का प्रीमियम देना होगा और उन्हें प्रति एकड़ 40 हजार का बीमा कवर मिलेगा। 14 सब्जियों को इस बीमा कवर में शामिल किया जाएगा। इनमें टमाटर, प्याज, आलू, बंद गोभी, मटर, गाजर, भिंडी, लौकी, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, फूल गोभी व मूली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, किन्नू, अमरूद, आम, बेर, हल्दी और लहसून को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि किसान हित के नाम पर कांग्रेस सिर्फ ढोंग करना जानती है। जबकि हकीकत में वह किसान के नाम पर साहूकारों के लिए बिचौलिये का काम करती है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा के नाम पर कांग्रेस के वर्ष 2005 से वर्ष 2014 तक के कार्यकाल में 164.30 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर दिए गए। जबकि हमारे कार्यकाल में किसानों से प्रीमियम के रूप में 914 करोड़ रुपये लिए गए और उन्हें बीमा लाभ के रूप में 2943.92 करोड़ रुपये दिए गए। इसी प्रकार, जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा नहीं करवाया था, उनको मुआवजे के रूप में वर्ष 2014 से वर्ष 2020 तक 2764.93 करोड़ रुपये वितरित किये गए। जबकि वर्ष 2005 से वर्ष 2014 के बीच में केवल 627.06 करोड़ रुपये ही दिए गए थे।
दलाल ने कहा कि न तो मंडियां बंद होंगी और न ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बंद होगा। वर्ष 2014 से वर्ष 2020 तक 21 नई अनाज मंडियों और 11 सब्जी मंडियों का निर्माण करवाया गया है। उनके अनुसार पिछली सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए प्रति वर्ष 4853.40 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी थी। जबकि हमारी सरकार ने पिछले वर्ष ही 6856.02 करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी के रूप में दिए। इसके अलावा, बिजली सरचार्ज माफी योजना के तहत 1 लाख 11 हजार 617 उपभोक्ताओं को भी लाभांवित किया गया। 

उन्होंने कहा कि अब तक 60 हजार मीट्रिक टन बाजरा, 15 लाख मीट्रिक टन धान तथा तीन लाख क्विंटल कपास की खरीद की है और इसके लिए 450 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, जो सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जाएगी। उनके अनुसार कांग्रेस को तो यही बात हजम नहीं हो रही कि किस प्रकार वर्तमान सरकार ने किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने की व्यवस्था आरंभ की है।
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