हरियाणा: बजट को असंतुलित तरीके से खर्च कर रहे हैं सरकारी महकमे, महालेखाकार ने जताई नाराजगी

यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 13 Jul 2021 03:49 PM IST

सार

महालेखाकार ने 4 महीने की रिपोर्ट के साथ वित्त सचिव को पत्र लिखकर सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 
 
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पैसा - फोटो : iStock
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विस्तार

हरियाणा के सरकारी महकमे बजट को असंतुलित तरीके से खर्च कर रहे हैं। खर्च की गई राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र भी महालेखाकार कार्यालय को नहीं भेजे जा रहे। इससे महकमों के खर्च में वित्तीय अनियमितताओं की बू आ रही है। महालेखाकार लेखा एवं हकदारी, हरियाणा इससे खफा हैं।
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महालेखाकार विनीता मिश्रा ने दिसंबर 2020 से मार्च 2021 तक की रिपोर्ट को संलग्न करते हुए वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने महकमों की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई है। मासिक लेखों में त्रुटियों, पेंशन संशोधन के मामले अधूरे भेजने के साथ ही उन्होंने अनेक कमियों को उजागर किया है। वित्त सचिव प्रसाद ने महालेखाकार की चिट्ठी का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभाग की लंबित रिपोर्ट सात दिन के भीतर महालेखाकार कार्यालय को भेजें। इसकी सूचना वित्त विभाग को भी भेजनी होगी। सभी विभाग उनके निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई करें।



विनीता मिश्रा ने पत्र में लिखा है कि विभागों की त्रुटियों में सुधार की कार्रवाई जल्दी शुरू करें ताकि प्रदेश की लेखा प्रणाली के रखरखाव की स्थिति को श्रेष्ठ बनाया जा सके। सभी आहरण एवं वितरण व जिला कोषागार अधिकारियों को पेंशन संशोधन मामले व बैंक से जुड़े दस्तावेजों की छंटनी सही तरीके से करने के निर्देश जारी करें।

महकमों से जुड़े इन बिंदुओं पर उठाए सवाल
  • मासिक लेखा में त्रुटि व देरी से प्रस्तुत करना।
  • अन्य सरकारों व विभागों से जुड़े लंबित दावों से असंतुलित हो रही सरकार की वित्तीय स्थिति।
  • बजट के व्यय में असंतुलन।
  • जीएसटी की बकाया राशि को फाइनल माइनर हेड में हस्तांतरण न करना।
  • 2021-22 की तीसरी तिमाही तक 122 निरीक्षण रिपोर्ट के 453 पैरा शेष हैं। खजाना अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे।
  • सहायता अनुदान खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिए जा रहे।
पेंशन संशोधनों के मामले में बैंक दस्तावेज की जांच सही से न करने पर कैग भी उठा चुका सवाल
पंजाब राज्य के पुनर्गठन के समय 342 करोड़ की राशि उत्तराधिकारी राज्यों में आवंटित होनी थी। 115 करोड़ कर राशि का आवंटन अभी तक नहीं हुआ। आवंटन को अपीलीय प्राधिकरण, वित्त मंत्रालय ने अंतिम रूप देना है। सरकार इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाए।
 

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