बाय बाय 2018: डिजिटल इंडिया से चमका चंडीगढ़, पुरस्कारों से छुआ आसमां...मिले 8 अवार्ड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 31 Dec 2018 05:07 PM IST
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साल 2018 कई मायनों में अहम रहा। डिजिटल इंडिया के तहत चंडीगढ़ देश में नंबर वन रहा तो प्रशासन की ओर से चलाए गए पोषण माह को भी देश स्तर पर सराहा गया। इसके लिए सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट को 2 राज्य सहित 8 अवार्ड भी मिले। तमाम अड़चनों के बाद वर्षों से लंबित यूटी सचिवालय की नई बिल्डिंग और सीएचबी के अत्याधुनिक भवन की आधारशिला रखी गई। एक्साइज डिपार्टमेंट में माफियाओं पर नकेल कसने के मामले में पूर्व डीसी अजीत बाला जोशी चर्चित शख्सियतों में से रहे।
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प्रशासक ने दो बड़े प्रोजेक्टों की रखी आधारशिला
यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने 12 दिसंबर को सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की ग्रीन बिल्डिंग और यूटी सचिवालय की न्यू बिल्डिंग का निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। इन बिल्डिंग का निर्माण कार्य दो साल के अंदर जाकर पूरा करना है। लंबे समय से इन दोनों बिल्डिंगों का काम लटका हुआ था, आखिरकार अब दोनों का काम ही एक साथ ही शुरू हो गया है।


सीएचबी बिल्डिंग होगी गोल्ड रेटिंग
सीएचबी परिसर में सेवन स्टोरी ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण का काम बोर्ड ने दिल्ली की एक कंपनी जीएसबीए करा रही है। सात मंजिला इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य 1,31,420 स्क्वेयर फीट एरिया में 57.94 करोड़ रुपये की लागत से दो साल में पूरा होगा। यह भवन गोल्ड रेटिंग के सभी मापदंड पूरे करेगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम केसाथ ही सोलर पैनल सिस्टम भी लगाया जाएगा।

 

साल 2011 से लटका रहा निर्माण कार्य

यूटी सचिवालय की न्यू बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी शुरू हुआ। यूटी की ग्रीन बिल्डिंग 49.7 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-9 में एडिशनल डीलक्स बिल्डिंग और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बिल्डिंग के बीच में बननी है। इस नए भवन का निर्माण कार्य साल 2011 से अधर में लटका हुआ था। इसके चलते इसके निर्माण की लागत भी बढ़ाई गई।

शराब माफियाओं पर कसी नकेस, छिना था एक्साइज विभाग
शहर के पूर्व डीसी अजित बाला जोशी ने तीन साल के कार्यकाल में शराब माफियाओं पर नकेल कसने की हिम्मत जुटाई। इसकेलिए उन्हें इसकी कीमत एक्साइज की कुर्सी गंवाकर चुकानी पड़ी। इसके बावजूद वह डटे रहे और बीते अक्तूबर माह वह अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा करके यहां से गए।

अभी रंग में नहीं दिखे डीसी बराड
हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनदीप सिंह बराड अपनी शानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते रहे हैं। लेकिन बीते तीन महीनों में अभी उनकी ऐसी कोई उपलब्धि सामने नहीं आई है। फिलहाल आने वाले नए वर्ष में डीसी से आम लोगों को बहुत उम्मीदें हैं। खासकर खासकर इस्टेट ऑफिस में वर्षो से चक्कर काट रहे लोगों को डीसी से आशाएं हैं कि उन्हें नए साल में भटकने से छुटकारा मिल जाएगा।

लैंड रेवेन्यू एक्ट से 13 गांवों को मिली राहत

चंडीगढ़ के 13 गांव नगर निगम में शामिल होने का नोटिफिकेशन जारी होने केबाद लाखों लोगों को इस साल के अंत में प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। एमसी में गांवों के शामिल होने के बाद यहां लैंड रेवेन्यू एक्ट लागू कर दिया गया है। इससे के बाद इन गांवों में लाल डोरे का मसला खत्म हो गया है। लेकिन अभी अवैध रूप से बने मकानों पर सस्पेंस बरकरार है। प्रशासन चाहे तो इन्हें राहत दे सकता है। इसके लिए केंद्र द्वारा पेरीफेरी एक्ट में संशोधन करने की बात भी कही जा रही है। यूटी प्रशासन द्वारा साल 2004 से चंडीगढ़ की 12 ग्राम पंचायतों को एमसी में शामिल करने की कवायद चल रही थी। लेकिन नवंबर माह के अंत में इसे अमली जामा पहनाया जा सका।

गरीबों को इस साल भी नहीं मिल सकी छत
चंडीगढ़ में गरीबी रेखा से नीचे (ईडब्ल्यूएस) कोटे के 4960 लोगों को मलोया में फ्लैट मिलने हैं। यह प्रक्रिया प्रशासन स्तर पर मार्च महीने से चल रही है। लेकिन साल बीतने वाला है। गरीबों को अपना आशियाना नहीं मिल पाया है। मलोया में बनने वाले सभी फ्लैट ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के हैं। रिहैबिलिटेशन स्कीम के तहत ये फ्लैट्स लोगों को दिए जाएंगे।  बायोमीट्रिक सर्वे के बाद सभी लाभार्थियों का चयन पहले ही चुना जा चुका हैं। 2014 में ही ये फ्लैट तैयार हो गए थे। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते साल दर साल लोगों को इंतजार ही करना पड़ रहा है।

ट्रिब्यून फ्लाईओवर को नहीं मिल सकी मंजूरी
शहर के ट्रिब्यून चौक पर बनने वाला 1.5 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर अभी तक अधर में लटका हुआ है। प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी फ्लाईओवर को अभी तक एमएचए से मंजूरी नही मिल पाई है। जबकि फ्लाईओवर का पूरा प्रोजेक्ट तीन माह पूर्व ही केंद्र को भेजा जा चुका है। हलांकि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर के लिए 250 करोड़ रुपये की जगह 386 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। लेकिन केंद्र से हरी झंडी नहीं मिलने के चलते इस काम शुरू नहीं हो सका है।

डिजिटल पेमेंट में सिटी बना नंबर वन

प्रति व्यक्ति सबसे अधिक लेन देन करने के मामले में सिटी ब्यूटीफुल अगस्त माह में देश का नंबर वन शहर बना था। शहर में प्रति व्यक्ति डिजिटल पेमेंट में 18.5 अंक पाकर नंबर एक पर रहा है। जबकि 7.9 अंक पाकर आंध्र प्रदेश दूसरे और 5.6 स्कोर पाकर हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा है। नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया ने सर्वे के बाद देश के सभी राज्यों का स्कोर जारी किया था।

एक विशेष थीम पर चला था कार्यक्रम
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत सिटी को 2 राज्य सहित 8 अवार्ड मिले हैं। 10 अक्तूबर को इन पुरस्कारों को सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट की डायरेक्टर नवजोत कौर ने दिल्ली में ग्रहण किया। शहर में पोषण माह कार्यक्रम एक विशेष थीम पर चलाया गया था, जो कि देश स्तर पर काफी सराहा गया। इसके तहत स्कूलों और कालेजों के साथ गांव- गांव में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरूक किया गया था।

हेलमेट मामले में बैकफुट पर आया प्रशासन
सिख महिलाओं को हेलमेट पहनने के मामले में प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। नवंबर माह में यूटी प्रशासन को जुलाई 2018 के अपने उस निर्णय को वापस लेना पड़ा था, जिसमें सिख महिलाओें के साथ सभी को हेलमेट पहनने की अनिवार्यता की बात कही गई थी। लेकिन शिअद के विरोध और गृहमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन को अपना नोटिफिकेशन वापस लेना पड़ा था। इसमें प्रशासन की काफी फजीहत भी हुई।

वैट घोटाला उजागर करने के लिए किया जाएगा याद
चंडीगढ़ प्रशासन में वैट घोटाले का श्रेय निवर्तमान एडवाइजर परिमल राय को ही जाता है। उन्होंने ही इस मामले को स्वयं पकड़ा था। इसमें शुरुआती दौर में 53 कंपनियां सामने आई थी। लेकिन बाद में जांच होने के साथ ही फ्राड कंपनियों की संख्या 900 के आंकड़े को पार कर गई। इसकी अब जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। मार्च 2016 में उन्हें चंडीगढ़ का एडवाइजर बनाया गया था। दिसंबर 2018 में उन्हें गोवा राज्य के मुख्य सचिव के पद पर तैनाती मिली है।

नए एडवाइजर से आम लोगों को जगी उम्मीदें

यूटी कैडर 1986 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार परिदा चंडीगढ़ के नए एडवाइजर बनाए गए हैं। हाल ही में उन्हें पहले दिल्ली का मुख्य सचिव बनाया जा रहा था। लेकिन आईएएस अधिकारी विजय देव के मुख्य सचिव नियुक्त होने के बाद मनोज को चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार परिमल राय के स्थान पर नियुक्त किया गया है। मनोज के कार्यशैली को देखते हुए शहर के लोगों में काफी उम्मीदें जगी हैं कि आगामी नया साल उनके लिए शुभ होगा। शहर में विकास को रफ्तार मिलेगी।

60:40 के आंकड़े पर साल भर बना रहा विवाद
चंडीगढ़ प्रशासन में प्रशासनिक पदों पर तैनाती को लेकर पूरे साल विवाद बना रहा। पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री तक 60:40 के आंकड़े को बनाए रखने के लिए गुहार लगाई है। उन्होंने लगाया एमएचए पर आरोप लगाया कि पंजाब का कद कम करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन में यूटी कैडर के अधिकारियों को बड़े एवं महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया जा रहा है। हालांकि यूटी प्रशासन की ओर से कई बार पंजाब को पत्र लिखकर अफसरों को भेजने की बात कही गई है। लेकिन अभी तक पंजाब सरकार सिटको के एमडी के लिए किसी अधिकारी को नहीं भेजा गया है।

एक साल में तीन बार चंडीगढ़ आए राष्ट्रपति
इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद एक साल में तीन बार शहर आए। हली बार राष्ट्रपति भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन के घर पहुंचे थे। जिसकी चर्चा सियासी गलियारों में तेज रही। हाल ही में राष्ट्रपति सीआईआई एग्रोटेक फेयर में शामिल होने के लिए आए थे। पहली बार वह 20 मई को मोहाली आईआईएसईआर के सातवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। इससे पूर्व राष्ट्रपति 27 फरवरी को शहर आए थे। दूसरे दिन 28 फरवरी को वह डीएवी कालेज में आयोजित गोल्डन जुबली समारोह में हिस्सा लिया था।
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