चंडीगढ़: सात दिन में कोरोना मरीजों को दिए 2084 रेमडेसिविर इंजेक्शन, स्वास्थ्य विभाग ने बनाई थी कमेटी 

वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़  Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 11 May 2021 12:55 PM IST

सार

स्वास्थ्य विभाग के पास अभी इंजेक्शन का 4000 स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से 4000 और रेमडेसिविर इंजेक्शन देने की स्वीकृति मिल गई है। उम्मीद है कि यह स्टॉक शीघ्र स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच जाएगा। 
 
रेमेडेसिविर इंजेक्शन
रेमेडेसिविर इंजेक्शन - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

चंडीगढ़ में रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने के लिए बनाई कमेटी शहर के अस्पतालों को इंजेक्शन मुहैया करा रही है। महज सात दिनों में कमेटी ने शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कोरोना के मरीजों के लिए 2084 रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति की है। स्वास्थ्य विभाग के पास अभी इंजेक्शन का 4000 स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से 4000 और रेमडेसिविर इंजेक्शन देने की स्वीकृति मिल गई है। उम्मीद है कि यह स्टॉक शीघ्र स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच जाएगा। 
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उच्च अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट डिस्ट्रीब्यूटर से हो रही खरीद बिक्री के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही थी। इंजेक्शन के शुल्क से कई गुना ज्यादा पैसे लेने की शिकायत तेजी से बढ़ गई थी। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि कमेटी सभी साक्ष्यों की पड़ताल के बाद मरीज के लिए इंजेक्शन जारी कर रही है। इससे जहां इंजेक्शन का सदुपयोग सुनिश्चित हो पाया है, वहीं कालाबाजारी पर रोक लगी है। 

तीन मई से अब तक 2084 इंजेक्शन की आपूर्ति

रेमडेसिविर की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी कर एक मई को स्वास्थ्य निदेशक के निर्देश पर कमेटी बनाई गई थी। इसके बाद 3 मई से सरकारी व निजी अस्पतालों में कमेटी ने इंजेक्शन की आपूर्ति शुरू की गई। 3 से 9 मई के बीच स्वास्थ्य विभाग की कमेटी ने पीजीआई को 1000, शहर के निजी अस्पतालों को 407 व अन्य सरकारी अस्पतालों को 1191 इंजेक्शन की आपूर्ति की है। वहीं, 8 मई को किसी भी सरकारी व निजी अस्पताल ने कमेटी से इंजेक्शन की मांग नहीं की थी।

अस्पताल और विभाग दोनों के पास रिकॉर्ड
डॉ. कंग ने बताया कि किस अस्पताल को इंजेक्शन के कितने डोज दिए जाने हैं, इसका निर्णय स्वास्थ्य विभाग ले रहा है। वहीं, इंजेक्शन लेने वाले सरकारी और निजी अस्पताल या नर्सिंग होम ने किस मरीज को कब और कितनी डोज दी, इसका पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है। इसके अलावा अस्पताल संचालक मरीज का नाम, आधार नंबर या आईडी प्रूफ, मरीज को अस्पताल में इलाज के लिए कब भर्ती किया गया और इंजेक्शन के लिए किस डॉक्टर ने प्रिसक्रिप्शन लिखा है, उसका नाम रिकॉर्ड में रख रहे हैं। 

इमरजेंसी के लिए सिर्फ 6 डोज
डॉ. कंग ने बताया कि नए दिशा-निर्देश के अनुसार निजी अस्पतालों को इमरजेंसी के लिए सिर्फ 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन का डोज रखने की अनुमति दी गई है। अगर अस्पताल उस डोज का इस्तेमाल इमरजेंसी में करता है तो उसका रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। 
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