पटियाला से ही चुनाव लड़ेंगे कैप्टन: ट्वीट कर किया एलान, नवजोत सिद्धू के लिए नहीं छोड़ेंगे मैदान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 21 Nov 2021 12:57 PM IST

सार

नवजोत सिद्धू के साथ शुरू हुए विवाद में कैप्टन अमरिंदर सिंह कई बार चुनौती दे चुके हैं कि वे सिद्धू को किसी कीमत पर जीतने नहीं देंगे। 
कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू।
कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंजाब में जारी सत्ता संघर्ष के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साल 2022 में पटियाला से चुनाव लड़ने का एलान किया है।  उन्होंने कहा कि वह पटियाला के अलावा किसी और जगह से चुनाव नहीं लड़ेंगे।कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने सोशल मीडिया ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए यह घोषणा की।  उन्होंने पटियाला को पंजाब का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के लिए पटियाला के लोगों को बधाई भी दी।  कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घोषणा की कि उनका परिवार 400 साल से पटियाला में रह रहा है और वह नवजोत सिंह सिद्धू के कारण पटियाला नहीं छोड़ सकते। 
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कृषि कानून रद्द करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एलान के बाद पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि वे भाजपा के साथ काम करने को उत्सुक हैं। कैप्टन ने साफ कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रकाश पर्व के मौके पर तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और किसानों से माफी मांगने से बड़ा कुछ नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री देश के कल्याण के लिए कृषि कानून लाए थे। 


कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद नई पार्टी बनाते समय कैप्टन ने कहा था कि सिद्धू जहां से भी लड़ेंगे, वे उनसे लड़ेंगे। कैप्टन ने दावा किया था कि जब से सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस की बागडोर संभाली थी, उनके सर्वेक्षणों के अनुसार, पार्टी की लोकप्रियता में 25 फीसदी की गिरावट आई थी। कैप्टन अमरिंदर सिंह सिद्धू को पंजाब की सुरक्षा के लिए खतरा करार दे चुके हैं। कैप्टन के अनुसार, नवजोत सिद्धू कांग्रेस में एक आपदा की तरह हैं।  

केंद्र सरकार के कृषि कानून वापस लेने के फैसले से सबसे ज्यादा लाभ कैप्टन अमरिंदर सिंह को मिल सकता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ लगातार कृषि कानून वापस लेने के लिए बात कर रहे थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि अगर केंद्र सरकार कानून को वापस लेती है तो वह भाजपा के साथ गठबंधन कर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। वह जोर दे रहे थे कि तीन कानूनों के साथ पार्टी के लिए प्रचार करना मुश्किल हो जाएगा, खासकर ग्रामीण इलाकों में।  

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