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हमारी लड़ाई हर दृष्टिकोण से सही है, हाईकोर्ट में मजबूती से रखी जाएगी छात्राओं की बात: कनुप्रिया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 06 Dec 2018 11:54 AM IST
कनुप्रिया पीयू की अध्यक्ष
कनुप्रिया पीयू की अध्यक्ष
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पीयू में 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने को लेकर दायर याचिका के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। इसको लेकर सभी पक्ष अपने-अपने जवाब तैयार करने में जुटे हैं। आंदोलन कर रहे स्टूडेंट्स खुश हैं कि उनकी बात अब कोर्ट के जरिये भी सुनी जाएगी। उन्होंने जवाब देने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष कनुप्रिया कहती हैं कि वे कोर्ट के प्रति आभारी हैं कि बात सुनने के लिए उन्हें बुलाया गया है। हमारी लड़ाई संवैधानिक रूप से और कानूनी रूप से सही है क्योंकि भारत के संविधान में लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है।
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याचिकाकर्ता की ओर से छात्रावास नियमों की पुस्तक में संशोधन की जो बात कही गई है वह गलत है। विश्वविद्यालय एक स्वायत्त निकाय है और इसके पास सिंडिकेट और सीनेट के माध्यम से किसी भी समय अपने शासन को बदलने की शक्ति है। उन्होंने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि पीआईएल में अपहरण, यौन उत्पीड़न आदि कारण भी बताए गए हैं। विश्वविद्यालय संस्थान को यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी गैर कानूनी गतिविधियां हर समय नहीं होती हैं, लेकिन इसे हॉस्टल समय से जोड़ना बेहद प्रतिकूल है। वहीं, दूसरी ओर पीयू प्रशासन भी अपने बचाव के लिए एडवोकेट्स से राय लेने में जुट गया है।

पीयू प्रशासन ने भी अपने बायलॉज का अध्ययन किया है। उसमें भी इसी बात का जिक्र है कि जरूरत के हिसाब से नियम बदले जा सकते हैं। हालांकि कोर्ट में वह क्या बात रखेंगे, वह इसके लिए तैयारी में जुटे हैं। छात्राओं की आजादी के लिए प्रोटेस्ट जारी रहेगा। स्टूडेंट पढ़ाई करके परीक्षा भी दे रहे हैं। खुले आसमान के नीचे बैठकर वह पढ़ाई भी कर रहे हैं। हम आजादी लेकर रहेंगे।

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