ईडी के छापे के बाद बोले सिद्धू: फास्टवे पर कार्रवाई जरूरी, कैप्टन ने रोका मेरा कानून, अगर बनता तो हजारों करोड़ का राजस्व मिलता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 25 Nov 2021 02:18 PM IST

सार

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादल परिवार पर हमला बोला। नवजोत सिंह सिद्धू ने बादल परिवार पर फास्टवे केबल नेटवर्क को कानूनी संरक्षण देने का आरोप लगाया। 
नवजोत सिंह सिद्धू। (फाइल फोटो)
नवजोत सिंह सिद्धू। (फाइल फोटो) - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

फास्टवे केबल नेटवर्क पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय की दबिश के बाद सबसे पहले कांग्रेस प्रदेश प्रधान नवजोत सिद्धू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका साफ कहना है कि जब तक फास्टवे पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक पंजाब के लोगों को सस्ता केबल संभव नहीं है। 
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बादल सरकार ने फास्टवे को पंजाब में एकाधिकार दिया था। इसे तोड़ने के लिए उन्होंने कैप्टन सरकार को एक योजना तैयार कर दी थी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर इस योजना को सरकार लागू करती तो एक हजार करोड़ रुपये की रिकवरी फास्टवे से थी। 


नवजोत सिद्धू और फास्टवे केबल नेटवर्क के मालिक गुरदीप सिंह जुझार के बीच लंबे समय से 36 का आंकड़ा चलता आ रहा है। लेकिन निकाय मंत्री होने के बावजूद सिद्धू कुछ नहीं कर पाए थे। नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस सरकार बनने के बाद निकाय मंत्री बनाया गया था। उनके निशाने पर सबसे पहले फास्टवे केबल नेटवर्क आया था। 
 

जुलाई 2017 में उन्होंने एक आदेश नगर निगम लुधियाना को भेजा था। इस आदेश में निगम के 400 मुलाजिमों को लुधियाना शहर का डोर टु डोर सर्वे करने को कहा था। यह सर्वे हर हाल में 31 जुलाई 2017 तक पूरा करने के लिए कहा गया था। इस सर्वे में मुलाजिमों को साफ कहा गया था कि वह प्रत्येक घर या दुकान में जाकर यह चेक करेंगे कि उनके यहां पर किस कंपनी का केबल चलता है। उनके घर तक केबल तार पहुंचाने के लिए कितने सरकारी पोल का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि उनकी यह योजना अधर में रह गई और यह सर्वे का काम पूरा नहीं हो सका था। 
इसके बाद सिद्धू ने फिरोजपुर रोड स्थित ग्रैंड वॉक मॉल को अपने निशाने पर लिया। निगम अफसरों ने इस मॉल को तैयार करते समय किन नियमों की धज्जियां उड़ाईं, उसकी रिपोर्ट तैयार करने को कहा। आखिरकार मॉल के ऊपर से एक मंजिल को हटाया गया। इसके बाद मॉल के साथ एक सड़क के कुछ हिस्से को लेकर कार्रवाई की गई लेकिन सिद्धू जो सोच रहे थे वह निगम अफसरों नहीं किया। उसी समय से नवजोत सिद्धू के दिल में यह मलाल रहा है।
 

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