मकान बेचा है तो समझ लें टैक्स का गणित, पूंजीगत लाभ पर चुकाना पड़ता है कर

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Updated Mon, 03 Aug 2020 06:24 AM IST
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सार

  • 24 महीने बाद मकान बेचने पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ मिलता है
  • 20% की दर से लंबी अविध के पूंजीगत लाभ पर टैक्स का भुगतान करना पड़ता है मकान बेचने के बाद

विस्तार

महामारी के दौर में पैसों के लिए कई लोगों ने आवासीय संपत्ति बेची है या बेचने की योजना बना रहे होंगे। उन्हें यह जानना जरूरी है कि बिक्री से होने वाले लाभ पर कितनी टैक्स देनदारी बनती है। आयकर विभाग आपको नोटिस भी भेज सकता है। इसकी गणना और टैक्स बचाने के उपाय बता रहे हैं प्रमोद तिवारी-
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आयकर मामलों के जानकार गिरीश नारंग का कहना है कि मकान बेचने से होने वाले लाभ पर दो तरह से कर की गणना की जाती है। अगर आपने मकान दो साल अपने पास रखने के बाद बेचा है तो इस पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ माना जाएगा।
लेकिन आपने 24 महीने से पहले ही मकान बेच दिया है तो अल्पकालिक पूंजीगत लाभ माना जाएगा। इस पर टैक्स बचाने का कोई तरीका नहीं है, क्योंकि यह आपकी अतिरिक्त आय मानी जाएगी और टैक्स की गणना आपके स्लैब के अनुसार होगी।
आपकी अंतिम टैक्स देनदारी सभी तरह के निवेश के बाद बनती है तो दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ की राशि को जीवनबीमा, मेडिक्लेम, पीपीएफ आदि में निवेश कर सकते हैं। साथ ही इस पर मंहगाई के सापेक्ष इंडेक्सेशन का लाभ भी मिलेगा।       

दूसरा घर खरीदकर बचा सकते हैं आयकर 
आयकर की धारा 54 के तहत लाभ की राशि दूसरा मकान खरीदने में लगाकर भी टैक्स बचा सकते हैं। यह छूट बिक्री के दो साल के भीतर दूसरा रेडी तो मूव मकान खरीदने पर मिलेगी। मकान बेचने से एक साल पहले भी दूसरा घर खरीदा है तो इस पर भी छूट मिलेगी। यह राशि दो करोड़ से ज्यादा नहीं है तो दो मकान खरीदने में भ्ाी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा एक ही बार मिलती है।

मकान निर्माण पर बचत
मकान बिक्री से तीन साल के भीतर नया घर बनाते हैं तो उसकी लागत में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ को शामिल कर टैक्स बचा सकते हैं। हालांकि, ये सुनिश्चित करना होगा कि तीन साल में कब्जा मिल जाना चाहिए। नई खरीदी संपत्ति को तीन साल तक बेच नहीं सकते हैं अन्यथा ली गई छूट को आपकी आय में जोड़ दिया जाएगा।

सरकारी बांड में करें निवेश
बिक्री से 6 महीने के भीतर सरकार के निर्धारित बांड में निवेश से भी टैक्स बचा सकते हैं। एनएचएआई, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम, रेलवे वित्त निगम आदि के कैपिटल गेन बांड में पैसे लगा सकते हैं। एक वित्तवर्ष में 50 लाख तक निवेश कर सकते हैं और लॉकइन अवधि 5 साल होगी। इस दौरान इन्हें भुनाया या गिरवी नहीं रखा जा सकता।

रिटर्न में देनी होगी जानकारी... 
मकान की बिक्री से हुए लाभ को निवेश करने के लिए भले ही आपको दो-तीन साल का समय मिलता हो लेकिन बिक्री के बाद भरे जाने वाले आईटीआर में इसकी जानकारी देनी होगी। -अर्चित गुप्ता, संस्थापक-सीईओ, क्लीयरटैक्स
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