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इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो लग जाएगा लाखों का चूना

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 14 Jul 2019 09:10 AM IST
keep these things in mind before purchasing insurance plan
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भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए बाजार में कई तरह के इंश्योरेंस प्लान उपलब्ध हैं। इन पॉलिसी को जहां कुछ लोग फिजूलखर्ची मानते हैं, वहीं कुछ इसे अपनी जरूरत मानते हैं। असल में यह इंश्योरेंस आपके लिए बेहद जरूरी होती है। लेकिन इससे धोखाधड़ी भी काफी होती है और आपको लाखों का नुकसान हो सकता है। ऐसे में आपको इसे खरीदते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।  

मिस सेलिंग के जरिए होती है धोखाधड़ी

मिस सेलिंग के जरिए कंपनियां ग्राहकों से धोखाधड़ी करती हैं। मिस सेलिंग में बीमा या किसी भी उत्पाद को ऐसी वजहें या लाभ बताकर बेचा जाता है, जो कि वास्तव में उसमें शामिल नहीं होती। ऐसे में फ्रॉड से बचने के लिए आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। बीमा एजेंटों द्वारा अधिक कमीशन के लालच में कई बार ग्राहकों को ऐसी पॉलिसी बेच दी जाती है, जिसके लिए उन्हें लंबे समय तक काफी अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ता है।

एजेंट के बहकावे में न आएं

ग्राहकों के लिए उपयोगी न होने पर भी उन्हें प्रोडक्ट बेचा जाता है। इतना ही नहीं, किसी प्रोडक्ट से जुड़े जोखिमों को छुपाकर, ग्राहक को उसके लिए जरूरी जानकारियां न देकर या गलत सलाह देकर प्रोडक्ट बेचने की प्रवृत्ति भी अकसर देखने को मिलती है।

भ्रामक फोन कॉल से बचें

भ्रामक फोन कॉल के जरिए मिस सेलिंग का और भी बढ़ जाना बीमा उद्योग के लिए परेशानी व बदनामी का सबब बनता जा रहा है। इसमें कॉल करने वाले गलत जानकारी देने के साथ ही ब्याज मुक्त लोन व भारी बोनस जैसे झूठे वादे करके ग्राहकों को जाल में फंसाते हैं। कई बार तो वह मौजूदा पॉलिसी सरेंडर करके नई पॉलिसी लेने की सलाह तक देते हैं, जिससे ग्राहक को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है। जांच करने पर पता चला है कि अकसर ऐसा करने वाले लोग पूर्व में कभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बीमा कंपनी से जुड़े होते हैं तथा अलग होने के बाद भी खुद को कंपनी से जुड़ा बता कर इस तरह की हरकतें करते हैं।

आंख मूंदकर न मानें एजेंट की बात

आमतौर पर बीमा एजेंट ग्राहकों को पॉलिसी बेचने के लिए बड़े-बड़े दावे करते हैं। मसलन, भारी गारंटीड रिटर्न मिलेगा, पांच साल तक ही आपको प्रीमियम जमा करना है, आगे कंपनी करेगी आदि। सबसे आम बात जो सुनने में आती है, वह यह कि रिटर्न गारंटीड है, आप फॉर्म पर साइन कर दीजिए आगे मैं सब भर लूंगा। अमूमन लोग इन सभी बातों पर यकीन कर पॉलिसी खरीद लेते हैं। लेकिन क्या एजेंट द्वारा कही गई सभी बातें वास्तव में सही होती हैं? तो इसका सीधा-सपाट जवाब है बिलकुल नहीं।
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दरअसल, बीमा एजेंट ग्राहक को वही सब बातें बताता है, जो ग्राहक को सुननी अच्छी यानी लुभावनी लगती हैं और पॉलिसी से जुड़ी तकनीकी चीजों के बारे में जानकारी मुहैया नहीं कराता है।

एजेंट द्वारा इस तरह बीमा उत्पाद बेचने को ही मिस सेलिंग यानी गलत तरीके से उत्पाद बेचना कहते हैं। दरअसल, बीमा आपके मकान और कार के बाद तीसरा सबसे बड़ा महंगा उत्पाद होता है। इसलिए, उपभोक्ता जितनी जागरूकता और पूछताछ मकान और मनपसंद कार खरीदने में करता है, उतनी ही सूझबूझ और समझदारी उसे बीमा उत्पाद खरीदने में भी दिखानी चाहिए। 
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