उतार-चढ़ाव भरे बाजार में FMP बेहतर विकल्प

Advise Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
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बैंक की एफडी पर ब्याज पूरी तरह से कर योग्य है, जबकि एफएमपी पर रिटर्न पूंजीगत लाभ पर टैक्स के अधीन (ग्रोथ विकल्प के लिए) है। यानी, कर समायोजन आधार पर एफएमपी पर रिटर्न बैंक एफडी से अधिक बैठता है। एक साल से ज्यादा के लिए एफएमपी में होने वाले निवेश पर पूंजीगत लाभ कर इंडेक्सेशन के बिना 10 फीसदी की दर से या इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी की दर से, जो भी कम हो लिया जाता है। इंडेक्सेशन के तहत मूल रूप से किसी संपत्ति के अधिग्रहण की लागत की गणना करते वक्त महंगाई दर का असर भी समायोजित किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि पूंजीगत लाभ कम रहे और इससे टैक्स कम देना पड़ता है।
मैच्योरिटी से पहले निकासी नहीं
एफएमपी में निवेश करने से पहले निवेशकों यह बात जान लेनी होगी कि मैच्योरिटी से पहले इस स्कीम से बाहर निकलना मुश्किल है। पहले यह व्यवस्था थी कि यदि निवेशक एफएमपी से बाहर निकलना चाहे, तो वह करीब दो फीसदी एग्जिट लोड देकर आसानी से बाहर निकल सकता था। लेकिन, अब म्यूचुअल फंड्स को एफएमपी निवेश से निकले की अनुमति नहीं है। इसलिए, एफएमपी में तभी निवेश करना बेहतर होगा, जब निवेश की जा रही रकम की आपको जल्दी आवश्यकता न हो।

फिक्स्ड डिपॉजिट जैसा है एफएमपी
पिछले कई महीनों से शेयर बाजार में बनी अनिश्चितता के करण निवेशकों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। गिने-चुने ही शेयर हैं जो इन दिनों शार्ट टर्म में बेहतर रिटर्न दे पा रहे हैं। ऐसी हालात में फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (एफएमपी) निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। सामान्य भाषा में एफएमपी को म्यूचुअल फंडों की ओर से जारी फिक्स्ड डिपाजिट कहा जा सकता है।

निवेशकों के लिए यह जानना भी जरूरी है कि एफएमपी के जरिए जमा पैसा कहां निवेश किया जाता है। आमतौर पर एफएमपी का पैसा विभिन्न फाइनेंशियल सिक्युरिटीज जैसेकि बैंकों और दूसरी कंपनियों द्वारा जारी सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपाजिट (सीडी) और कमर्शियल पेपर्स (सीपी) में निवेश किया जाता है।

अमूमन किसी एफएमपी की अवधि उतनी ही होती है, जितनी अवधि की सिक्युरिटीज में संबंधित एफएमपी में निवेश किया जाता है। जहां तक रिटर्न की बात है तो एफएमपी पर संभावित रिटर्न बड़े स्तर पर इस बात पर निर्भर करता है कि म्यूचुअल फंड ने इसका पैसा किस तरह की सीडी और सीपी में लगाया है।

हाल की रिटर्न स्थिति को देखते हुए यह एक रुझान है कि एक साल के ज्यादातर एफएमपी पर करीब 9.6 फीसदी से लेकर 9.8 फीसदी तक रिटर्न ऑफर हो रहा है। देखा जाता तो एफएमपी में निवेश सुरक्षित भी है। यदि एक एफएमपी केवल बैंक सीडी में निवेश करता है तो उसमें कोई जोखिम नहीं है। ज्यादातर म्यूचुअल फंड्स अपने एफएमपी उत्पादों का बड़े स्तर पर बैंक सीडी में निवेश करते हैं।

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