'My Result Plus

शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या में 80 फीसदी की कमी, इस वजह से बनाई दूरी

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 16 Apr 2018 03:38 PM IST
kathgodam shatabdi
kathgodam shatabdi - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
प्रीमियम ट्रेनों में शुमार शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या लगातर गिरती जा रही है, जिससे रेलवे को काफी नुकसान हो रहा है। कई ट्रेनों में 80 फीसदी सींटे खाली रह रही हैं। इसके चलते रेलवे जल्द ही इन ट्रेन में कोच की संख्या को घटा सकता है। 
केवल इन शताब्दी ट्रेनों में है सबसे ज्यादा यात्री
दो शताब्दी ट्रेनों में अभी भी सबसे ज्यादा यात्री सफर करते हैं, जिनमें नई दिल्ली-हबीबगंज और नई दिल्ली-चंडीगढ़ शामिल है। इन दोनों ट्रेनों में 150 फीसदी से ज्यादा बुकिंग रहती है। बाकी 23 ट्रेनों में स्थिति काफी खराब है। ऐसा इसलिए क्योंकि यात्री शताब्दी ट्रेन के बजाए बस से सफर करना अब ज्यादा पसंद करने लगे हैं। 

राजधानी, दुरंतो को मिल रहे हैं यात्री
वहीं रेलवे को राजधानी और दुरंतो में काफी ज्यादा संख्या में यात्री मिल रहे हैं। इन दोनों ट्रेनों में 83 फीसदी यात्री सफर कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद इससे रेलवे को किसी तरह का लाभ नहीं हो रहा है। वहीं मेल/ एक्सप्रेस ट्रेन में मौजूद थर्ड एसी से रेलवे को ज्यादा लाभ हो रहा है। 

इस वजह से हो रही है कमी
बीच के स्टेशनों के यात्री ट्रेन के बजाए बस की यात्रा को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अब सड़कें अच्छी हो गई है और एसी बसें ज्यादा मिलने लगी हैं। रेलवे द्वारा बीच के स्टेशनों पर यात्रा करने के लिए किराये घटाये जाने के बाद भी किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। रेलवे ने हाल ही में आगरा-जयपुर शताब्दी ट्रेन को जनशताब्दी में तब्दील कर दिया है। इसके बाद इस ट्रेन में यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 

RELATED

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Business News in Hindi related to stock exchange, sensex news, finance, breaking news from share market news in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Business and more Hindi News.

Spotlight

Most Read

Business

अब गलत आयकर रिटर्न भरने वाले वेतनभोगियों पर होगी कार्रवाई

ऐसे टैक्स प्लानरों और सलाहकारों को भी आगाह किया गया है कि पकड़े जाने पर उनके खिलाफ सीबीआई और ईडी द्वारा कार्रवाई की जाएगी।

18 अप्रैल 2018

Related Videos

ये है फटाफट डोसा बनाने की मशीन, 1 मिनट में 30 तरह के डोसे

साउथ इंडियन फूड की बात हो तो डोसा सबसे पहले दिमाग में आता है। अक्सर दिक्कत ये आती है कि डोसा की डिमांड ज्यादा होती है लेकिन सप्लाई कम। ऐसे में रेस्टोरेंट मालिकान की दिक्कत ये रहती है कि कैसे कम वक्त में ज्यादा से ज्यादा सप्लाई ग्राहकों को होती रहे।

19 अप्रैल 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen