चालू खाते का घाटा बढ़कर 2.1 फीसदी, राजकोषीय घाटे में भी उछाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 29 Jun 2019 05:14 AM IST
विज्ञापन
RBI
RBI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

  • रिजर्व बैंक और महालेखा नियंत्रक ने जारी किए आंकड़े, अर्थव्यवस्था पर बढ़ेगा दबाव
  • 2.1 फीसदी रहा जीडीपी के मुकाबले चालू खाते का घाटा 2018-19 में 
  • 52 फीसदी पहुंचा राजकोषीय घाटे का लक्ष्य दो महीने में ही पूरे साल के अनुपात में 

विस्तार

पिछले वित्त वर्ष में देश का चालू खाते का घाटा (कैड) बढ़कर जीडीपी के 2.1 फीसदी के बराबर पहुंच गया है। रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बताया कि 2018-19 की चौथी तिमाही में कैड घटने के बावजूद पूरे साल के परिदृश्य में यह बढ़ा है। इसी तरह, राजकोषीय घाटा भी दो महीने में तय लक्ष्य का आधे से ज्यादा हो गया है।
विज्ञापन


रिजर्व बैंक ने बताया कि चालू खाते का घाटा विदेशी मुद्रा की निकासी और आवक के बीच का अंतर होता है। यह वित्त वर्ष 2017-18 में जीडीपी के मुकाबले 1.8 फीसदी यानी 48.7 अरब डॉलर रहा था, जो 2019 में बढ़कर 57.2 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि, वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च) में यह घटकर 0.7 फीसदी यानी 4.6 अरब डॉलर रहा, जो दिसंबर तिमाही में 2.7 फीसदी यानी 27.7 अरब डॉलर रहा था। 


मार्च 2018 में समाप्त तिमाही में कैड 1.8 फीसदी यानी 13 अरब डॉलर था। दूसरी ओर, महालेखा नियंत्रक ने आंकड़े जारी कर बताया कि 2019-20 में सरकार के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पहले दो महीने में ही आधे से ज्यादा हो गया है। इससे अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।

व्यापार घाटे ने बढ़ाया कैड

आरबीआई ने बताया कि 2018-19 में देश का व्यापार घाटा बढ़कर 180.3 अरब डॉलर पहुंच गया, जो एक साल पहले 160 अरब डॉलर रहा था। व्यापार घाटे में इस इजाफे का असर कैड पर भी दिखा है। हालांकि, मार्च तिमाही में व्यापार घाटा 35.2 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 41.6 अरब डॉलर था। इस दौरान वास्तविक विदेशी निवेश में 2.4 अरब डॉलर की गिरावट रही, जो पिछले साल 22.1 अरब डॉलर थी।

दो महीने में सालभर के बराबर हुआ राजकोषीय घाटा

महालेखा नियंत्रक ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे का 52 फीसदी का लक्ष्य महज दो महीने में ही पार हो गया। 2019-20 के पहले दो महीने में राजकोषीय घाटा 3,66,157 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का 55.3 फीसदी रहा था। राजकोषीय घाटा सरकार के खर्च और राजस्व के बीच का अंतर होता है। फरवरी में पेश बजट में सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 7.03 लाख करोड़ रुपये रखा था।

सरकारी खर्च में इजाफा

2019-20 के पहले दो महीने अप्रैल-मई में सरकार को बजटीय अनुमान के 7.3 फीसदी के बराबर राजस्व की प्राप्ति हुई। वहीं, पूंजी व्यय बजटीय अनुमान का 14.2 फीसदी रहा। सरकार का कुल व्यय पहले दो महीनों में 5.12 लाख करोड़ रुपये रहा, जो बजटीय अनुमान का 18.4 फीसदी है। सरकार ने इस साल राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 3.4 फीसदी रखा है। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और बजट 2020 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X