लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Sebi says will have to resolve investor complaints in 15 days

SEBI का निर्देश: शेयर बाजारों को 15 दिन में करना होगा निवेशकों की शिकायतों का समाधान

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sat, 07 Nov 2020 11:26 AM IST
सेबी
सेबी - फोटो : PTI
विज्ञापन
ख़बर सुनें

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि शेयर बाजारों को निवेशकों की शिकायतें मिलने के बाद उसका समाधान 15 कामकाजी दिवस के भीतर सुनिश्चित करना होगा। सेबी ने एक परिपत्र में कहा कि इस कदम का मकसद निवेशक शिकायत समाधान प्रणाली को मजबूत बनाना है। नियामक ने यह भी कहा कि निवेशक शिकायत समाधान समिति (आईजीआरसी) सूचना के अभाव और मामले की जटिलता का हवाला देते हुए शिकायत को निरस्त नहीं करेगी। 



सेबी ने कहा कि इसके अलावा आईजीआरसी का खर्च का वहन संबंधित शेयर बाजार करेंगे और शिकायतकर्ता से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। शेयर बाजार यह सुनिश्चित करेंगे कि निवेशकों से शिकायतें प्राप्त होने के बाद उसका समाधान 15 कामकाजी दिवस के भीतर हो। अगर शिकायतकर्ता से कोई अतिरिक्त सूचना और जानकारी की जरूरत है, वह शिकायत प्राप्त करने के सात कामकाजी दिवस के भीतर मांगी जाएगी। 


साथ ही शेयर बाजारों को 15 कार्यदिवसों के भीतर निपटाये गए सभी शिकायतों का रिकार्ड रखना होगा। अगर शिकायत का समाधान निर्धारित 15 दिन के भीतर नहीं होता है, तब उसके कारण को रिकार्ड में रखना होगा। हालांकि, अगर शिकायकर्ता मामले के समाधान से संतुष्ट नहीं है तो लिखित में कारणों के साथ प्रकरण आईजीआरसी के पास भेजा जा सकता है। यह शेयर बाजारों की जिम्मेदारी होगी कि वह शिकायतों का समाधान समय पर सुनिश्चित करने के लिए सदस्य या शिकायकर्ता से प्राप्त दस्तावेज/जरूरी सूचना तथा जरूरी मदद आईजीआरसी को उपलब्ध कराए।' 

आईजीआरसी द्वारा शिकायतों के समाधान के संदर्भ में सेबी ने कहा कि समिति के पास सुलह प्रक्रिया के जरिये निवेशक की शिकायत के समाधान के लिये 15 कार्य दिवस का समय होगा। अगर आईजीआरसी को अतिरिक्त सूचना की जरूरत है, वह शेयर बाजार से उसकी मांग कर सकता है। वैसे मामलों में जहां अतिरिक्त सूचना मांगी गयी है, शिकायत के समाधान में 30 कामकाजी दिवस से अधिक समय नहीं लगना चाहिए। 

मध्यस्थता मामले में सेबी ने कहा कि सदस्य और निवेशक के बीच अगर कोई विवाद होता है और वह दिवानी प्रकृति का है तो उसे अन्य प्रक्रिया में ले जाने से पहले आईजीआरसी और/या शेयर बाजार द्वारा उपलब्ध मध्यस्थता व्यवस्था में ले जाया जा सकता है। नियामक के अनुसार अगर शिकायकर्ता आईजीआरसी के निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो वह मध्यस्थता व्यवस्था का उपयोग कर सकता है। वह यह आईजीआरसी की सिफारिश के छह महीने के भीतर कर सकता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00