भारत-चीन सीमा तनाव: चीनी सामान बंदरगाहों पर क्यों अटके पड़े हैं?

बीबीसी Updated Tue, 30 Jun 2020 11:12 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

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कोविड-19 एक अप्रत्याशित महामारी है। जिससे पूरी दुनिया जूझ रही है। कोरोना के इलाज या लक्षण पता करने में जिन तीन चीजों की बड़ी भूमिका है, वे हैं- वेंटिलेटर मशीन, इन्फ्रा-रेड थर्मोमीटर और ऑक्सीमीटर बताए गए हैं।
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वैसे तो इन तीनों मेडिकल उपकरणों का निर्माण भारत में होता है, लेकिन इस प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जाने वाले छोटे-छोटे उपकरणों में से एक अच्छी मात्रा चीन से आयात होती है।
यही वजह है जो भारत में न सिर्फ मेडिकल प्रोफेशनल्स बल्कि मेडिकल उपकरण आयात करने वाली कंपनियां समेत आम आदमी के जेहन में एक ही सवाल दौड़ रहा है। कहीं भारत-चीन संबंधों में आए तनाव के असर से इन चीजों की कमी तो नहीं होगी?
भारत-चीन विवाद
मई के पहले हफ्ते से लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता गया और आखिरकार 15-16 जून की रात गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच 'घंटों चली हाथापाई और गुत्थमगुत्था में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हुई और 76 अन्य घायल हुए।

चीन की तरफ से अभी तक हताहतों या घायलों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मामला गर्म इसलिए भी हुआ कि पूरे 45 साल बाद एलएसी पर दूसरे देश की फौज के हाथों किसी भारतीय सैनिक की जान गई।

भारत में घटना की निंदा होने के साथ ही चीन से आयात होने वाली वस्तुओं के बहिष्कार और बैन की मांग बढ़ने लगी है।
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