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जेब में है पैसा, तो बैंकों में नहीं लगानी पड़ेगी कतार

बीबीसी हिंदी Updated Wed, 03 Jul 2019 06:43 AM IST
if you are rich than end of queue system in banks and several other places
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मेक्सिको के सबसे बड़े बैंकों में से एक बनोर्टे में अगर आपके खाते में खूब सारा पैसा है तो आपको बैंक की 900 शाखाओं में से किसी भी एक शाखा में घुसते ही इसका एहसास हो जाएगा। बैंक पहुंचकर आप जैसे ही अपना क्रेडिट कार्ड स्वाइप करेंगे, कर्मचारियों को आपके आने का संदेश मिल जाएगा और आप प्राथमिकता में हो जाएंगे।
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एक सहायक आपका स्वागत करेगा और आपको किसी भी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। यह सब वेबटेक की तकनीक से संभव हुआ है। यह कंपनी प्रबंधन की विशेषज्ञ है।

वेबटेक के ग्राहक बेहद खास या अमीर ग्राहकों को प्राथमिकता देने के तरीके चाहते हैं ताकि उनके लिए सेवाओं को अनुकूलित किया जा सके। इसका मतलब है चुनिंदा लोगों के लिए विशेष खातिरदारी। यह क्रेडिट कार्ड के स्वाइप से हो सकता है, लेकिन वेबटेक दूसरे तरीकों के साथ भी प्रयोग कर रही है।मिसाल के लिए, इसके लिए ब्लूटूथ का प्रयोग किया जा सकता है, जिससे किसी बेहद अमीर ग्राहक के आते ही बैंक कर्मचारियों के फोन में संदेश पहुंच जाएगा।

वेबटेक के डिप्टी सीईओ टोबियस बेसोन कहते हैं, "तकनीक उपलब्ध है, देखना यह है कि लोग इसे मंजूर करेंगे या नहीं।"

पैसे है तो कतार में क्यों लगें

लेकिन एक समस्या है। प्राथमिकता वाली कतार या अतिरिक्त पैसे चुकाकर तुरंत सेवा पाने के तरीके को लेकर सभी लोग उत्साहित नहीं हैं। इसे अमरीकी अवधारणा माना जाता है, लेकिन यह अब दुनिया भर में फैल रही है। अगर आपने फास्ट-ट्रैक टिकट या वीआईपी पास खरीदा है तो हवाई अड्डे की सुरक्षा जांच से लेकर संगीत समारोहों तक हर जगह कतार में खड़े होने से बच सकते हैं। 2017 में गार्डियन के स्तंभकार जूलियन बगीनी ने लिखा था कि यह "पैसा बोलता है संस्कृति" हावी होने का संकेत है।

बगीनी ने माना था कि कतार कभी भी उतने समतावादी नहीं रहे जितना समझा जाता है। अमीरों की हमेशा खातिरदारी मिलती रही है। फिर भी प्राथमिकता वाली कतार का मतलब है कि पैसा वही काम कर रहा है जो कभी वर्ग करता था, यानी समाज को बांटना।

अमरीका के डिज्नीलैंड या ब्रिटेन के एल्टन टावर्स जैसे थीम पार्क में प्राथमिकता वाली कतार पहले से है। वहां महंगे टिकट खरीदने वाले मेहमान मुख्य कतार में लगने से बच सकते हैं। बैंकों में, यहां तक कि सेंटा ग्रोटो (क्रिसमस वंडरलैंड) में भी इसके विस्तार का मतलब है कि यह विचार कई देशों में फैल गया है।

कुछ संदर्भों में प्राथमिकता कतार पर कानूनी पेचीदगियां हो सकती हैं। ब्रिटेन के संवैधानिक वकील एंड्र्यू ली स्यूर का कहना है कि सीमा पर पैसे चुकाकर जल्दी प्रवेश पाने का विकल्प यात्रियों के मानव अधिकार सिद्धांतों का उल्लंघन है।

समय बनाम पैसा

शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में व्यवहार विज्ञान की विशेषज्ञ आयलेट फिशबैक का कहना है कि सरकारी सेवाओं को परे रखकर देखिए तो प्राथमिकता वाली कतार में समझदारी दिखती है। प्राथमिकता वाली कतारें लोगों को यह चुनने का हक देती हैं कि वे आगे बढ़ने के लिए किस संसाधन का इस्तेमाल करना चाहते हैं- समय का या पैसे का। कई लोगों के लिए समय पैसे से ज्यादा मूल्यवान है, इसलिए उनके लिए पैसे देकर समय बचा लेना वरदान की तरह है।

जो ग्राहक वास्तव में फास्ट-ट्रैक विकल्प का इस्तेमाल नहीं करते वे भी ग्राहक सेवा के बारे में अच्छी सोच बना लेते हैं- बशर्ते कि मुख्य कतार उनका बहुत अधिक समय न ले। फिशबैक कहती हैं, "यह अच्छी सेवा का अहसास दिलाता है, भले ही लोग इसका इस्तेमाल न करें।"

वह यह भी तर्क देती हैं कि कई स्थितियों में कतार में खड़े होने से किसी उत्पाद या सेवा का मूल्य अधिक लगता है। कई बार यह काम नहीं करता- कोई नहीं चाहता कि एक पार्सल भेजने के लिए डाकघर में दो घंटे कतार में लगना पड़े।
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