लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Economic Review: Global Challenges will less Impact on Indian Economy Finance Ministry said Gati Shakti and PLI scheme will help

आर्थिक समीक्षा: वैश्विक चुनौतियों का अर्थव्यवस्था पर कम होगा असर, वित्त मंत्रालय ने कहा- गति शक्ति और पीएलआई से मिलेगी मदद

एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 08 Apr 2022 06:22 AM IST
सार

आर्थिक समीक्षा के अनुसार, भू-राजनीतिक संघर्ष, खाद्य पदार्थों, उर्वरक,  कच्चे तेल के दाम में तेजी से वैश्विक वृद्धि की संभावनाएं धुंधली हुई हैं। भारत पर भी असर हो सकता है। हालांकि, यह इस पर निर्भर करेगा कि वित्त वर्ष में ऊर्जा और खाद्य बाजारों में तेजी कब तक बनी रहती है। साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था प्रभाव को कम करने के लिए कितनी मजबूत है।

भारतीय अर्थव्यवस्था (सांकेतिक तस्वीर)
भारतीय अर्थव्यवस्था (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

महामारी से उबरकर अर्थव्यवस्था तेज सुधार के रास्ते पर चल पड़ी है। जीएसटी संग्रह के आंकड़े, ई-वे बिल, यूपीआई लेनदेन व समेत अनेक सूचकांकों में तेजी इसके संकेत हैं। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा, गतिशक्ति व उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं से वैश्विक चुनौतियों के असर से निपटने में मदद मिलेगी। निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे जीडीपी तेजी से आगे बढ़ेगी।



समीक्षा के अनुसार, भू-राजनीतिक संघर्ष, खाद्य पदार्थों, उर्वरक,  कच्चे तेल के दाम में तेजी से वैश्विक वृद्धि की संभावनाएं धुंधली हुई हैं। भारत पर भी असर हो सकता है। हालांकि, यह इस पर निर्भर करेगा कि वित्त वर्ष में ऊर्जा और खाद्य बाजारों में तेजी कब तक बनी रहती है। साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था प्रभाव को कम करने के लिए कितनी मजबूत है। इन झटकों से वास्तविक वृद्धि, महंगाई पर असर नहीं होगा। श्रम बल की भागीदारी में सुधार, बेरोजगारी दर में गिरावट और गरीबों को मदद देने की सरकार की प्रतिबद्धता से आगे वृद्धि के अधिक समावेशी रहने की संभावना है।


जीएसटी संग्रह
मार्च में सरकार को जीएसटी से रिकॉर्ड 1.42 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इस लिहाज से 2021-22 भी ऐतिहासिक रहा। इस दौरान जीएसटी वसूली 14.83 लाख करोड़ रुपये रही। मासिक सर्वे में कहा गया है कि मार्च में जीएसटी संग्रह 2021 के समान महीने से 14.7 फीसदी और महामारी पूर्व स्तर से 45.6 फीसदी ज्यादा रहा। 

सरकार का कहना है कि अनुपालन को आसान बनाने, उल्टा शुल्क ढांचे (तैयार सामान के मुकाबले कच्चे माल पर अधिक कर) में सुधार जैसे सुधारवादी कदमों से जीएसटी संग्रह में तेजी आई है। 

ई-वे बिल में तेजी: 2021-22 के दौरान सालाना आधार पर 25.3 फीसदी ज्यादा यानी 77.3 करोड़ ई-वे बिल जेनरेट हुआ। मूल्य के लिहाज से यह आंकड़ा 232.5 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 35 फीसदी ज्यादा है। 

बिजली खपत बढ़ी
महामारी की तीसरी लहर का देश की मांग और खपत पर ज्यादा असर नहीं रहा। पिछले वित्त वर्ष में बिजली खपत 2020-21 के मुकाबले 8.1 फीसदी और 2019-20 से 7.2 फीसदी ज्यादा रही। मार्च, 2022 में खपत सालाना आधार पर 5.9 फीसदी ज्यादा रही, जबकि मासिक आधार पर खपत 19 फीसदी बढ़ी है। 
विज्ञापन

यूपीआई लेनदेन
2021-22 के दौरान मूल्य के लिहाज से यूपीआई से लेनदेन सालाना आधार पर 105.1 फीसदी बढ़कर 84.2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान यूपीआई के जरिये 46 अरब लेनदेन हुए, जो सालाना आधार पर मात्रा के लिहाज से 105.8 फीसदी ज्यादा है। 

महंगाई: 6.07 फीसदी रही थी खुदरा महंगाई फरवरी में, जो 8 महीने में सबसे ज्यादा

खुदरा महंगाई : 2021-22 की अप्रैल-फरवरी अवधि में खुदरा महंगाई की दर 5.4 फीसदी रही, जो आरबीआई के 6 फीसदी के दायरे में है। 2020-21 की समान अवधि में खुदरा महंगाई 6.3 फीसदी रही थी। इस दौरान खाद्य महंगाई की दर 8 फीसदी से कम होकर 3.4 फीसदी रह गई।  

थोक महंगाई: 2020-21 की अप्रैल-फरवरी अवधि में थोक महंगाई की दर 0.7 फीसदी रही थी, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बढ़कर 12.7 फीसदी पहुंच गई। मासिक सर्वे में कहा गया है कि प्रतिकूल आधार प्रभाव की वजह से थोक महंगाई के मोर्चे पर झटका लगा है। 

लक्ष्य से ज्यादा निर्यात
निर्यात : 2021-22 में बढ़कर 417.8 अरब डॉलर का ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। लक्ष्य से ज्यादा निर्यात हुआ। यह आंकड़ा 2020-21 से 43.2 फीसदी और 2019-20 से 33.3 फीसदी ज्यादा है। अकेले मार्च में रिकॉर्ड 40.4 अरब डॉलर का निर्यात किया गया। 

आयात : 610.22 अरब डॉलर का आयात हुआ। यह आंकड़ा 2020-21 के मुकाबले 54.7 फीसदी और 2019-20 से 28.6 फीसदी ज्यादा है। मार्च में 59.1 अरब डॉलर का आयात हुआ, जो सालाना आयात बिल का 10 फीसदी है।

उद्योग के मोर्चे पर राहत

  • कारोबारी गतिविधियां और नए ऑर्डर में तेजी से मार्च में विनिर्माण पीएमआई 54 रहा। इस दौरान उत्पादन में 9वें माह भी वृद्धि रही। 
  • सर्विस पीएमआई फरवरी के 51.8 से बढ़कर मार्च में 53.6 पहुंच गया। कंपनियों की बिक्री-मांग तेजी से बढ़ी। 
  • औद्योगिक उत्पादन में 1.3 फीसदी तेजी रही। 2021-22 की अप्रैल-जनवरी में यह 13.7 फीसदी बढ़ा, जबकि 2020-21 की समान अवधि में 12 फीसदी तेजी रही थी।  
  • आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक फरवरी में 5.8 फीसदी बढ़कर 137.1 अंक पहुंच गया। अप्रैल-फरवरी में सूचकांक में 11 फीसदी का इजाफा हुआ।


ज्यादा कर्ज बांटे
उद्योगों को फरवरी, 2022 में 6.5 फीसदी ज्यादा कर्ज दिया गया। मासिक आधार पर इसमें 2.9 फीसदी तेजी रही। मझोले उद्यमों को 71.4 फीसदी और सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को 19.9 फीसदी ज्यादा कर्ज बांटे गए। बड़े उद्योगों में 2.4 फीसदी तेजी रही। 

आपूर्ति पर असर : रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर खाद्य तेल पर पड़ा है। 2 मार्च 2022 से 31 मार्च के बीच पाम तेल के दाम 20.1 फीसदी बढ़ गए। 

आईपीओ
इस साल फरवरी में 9 आईपीओ ने 6,831 करोड़ रुपये जुटाए। इनमें दो बड़ी कंपनियों ने 6,740 करोड़ और सात एसएमई/स्टार्टअप ने 82 करोड़ रुपये जुटाए। 

मकान बिक्री में इजाफा
नाइटफ्रैंक के हवाले से समीक्षा में कहा, आठ प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री जनवरी-मार्च, 2022 में बढ़कर चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस दौरान 78,627 मकान बिके, जो सालाना आधार पर 9 फीसदी ज्यादा है।

कृषि : इस क्षेत्र की विकास दर 2021-22 में 3.3 फीसदी रही। एक अप्रैल, 2022 तक बोई गई फसलों का क्षेत्रफल सालाना आधार पर 7.7 फीसदी बढ़कर 52.9 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। इस दौरान मोटे अनाजों की बुवाई 54.4 फीसदी बढ़ी है।

उर्वरक की उपलब्धता: देश में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव का उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। भारत उर्वरक और अन्य कच्चे माल के आयात के लिए रूस पर निर्भर है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00