विज्ञापन
विज्ञापन

आज का साक्षात्कार: बीएस-6 लागू करने की समय-सीमा में नहीं मिलेगी ढील 

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 17 Jun 2019 06:50 AM IST
Arjun Ram Meghwal
Arjun Ram Meghwal
ख़बर सुनें
देश में 1 अप्रैल, 2020 बीएस-6 मानक लागू हो रहा है। इसके बाद बीएस-4 मानक के वाहनों की न तो बिक्री होगी और न ही इनका पंजीकरण होगा। उधर, मोटर वाहन में सुस्ती से वाहनों की बिक्री घट गई है। ऐसे में उद्योग जगत ने सरकार से पुरानी इंवेट्री बेचने को कुछ अतिरिक्त समय देने की गुहार लगाई है। उद्योग जगत की स्थिति और सरकार की नीति पर अमर उजाला के शिशिर चौरसिया ने केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से बातचीत की। पेश है अंश :

बीएस-6 लागू करने की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, मोटर वाहन उद्योग की धड़कन तेज हो रही है। उनका कहना है कि सुस्ती के कारण पड़ी इन्वेंट्री को बेचने के लिए थोड़ा वक्त मिलना चाहिए?

बीएस-6 लागू करने का उद्देश्य कार्बन उर्त्सजन में कमी लाना है। इस पर हम आगे बढ़ेंगे क्योंकि हमें पर्यावरण को स्वच्छ रखना है। लेकिन, उद्योग जगत की बात भी सुनी जाएगी। उनका कहना भी सही है कि मोटर वाहन उद्योग में सुस्ती से उनकी इन्वेंट्री बढ़ रही है। जाहिर है कि वे उसे बेचेंगे ही, गोदाम में तो रखेंगे नहीं। मोटर वाहन उद्योग की जायज मांगें स्वीकार की जाएंगी। लेकिन, उन्हें भी समझना होगा कि हम इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए इसे लागू करने की समय-सीमा में कोई ढील नहीं दी जाएगी और न ही इस संबंध में अभी कोई फैसला हुआ है।

नीति आयोग ने कहा है कि अप्रैल, 2023 से सिर्फ ई-तिपहिया और अप्रैल, 2025 से 150 सीसी क्षमता वाले ई-दोपहिया ही बिकेंगे। उद्योग जगत का कहना है कि बीएस-6 पर आने के लिए 80 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश हुआ है। ऐसे में इतनी जल्दी ई-वाहन को अनिवार्य करना ठीक नहीं है?

ई-वाहन की ओर जो कदम उठाए जा रहे हैं, उसका उद्देश्य भी वातावरण को साफ और स्वच्छ रखना है। लेकिन, जहां तक मेरी जानकारी है, अभी इस बारे में कोई नीति बनी नहीं है। अभी यह कंसल्टेशन प्रॉसेस से ही गुजर रहा है। यदि कोई नीति बनाई जाएगी तो इस संबंध में उद्योग जगत की बातें भी सुनी जाएंगी। 

सरकार ई-वाहन पर जोर दे रही है, लेकिन इसके लिए बैट्री और कलपुर्जे तो यहां बनते नहीं हैं। ऐसे में यह योजना कैसे परवान चढ़ेगी?

 देश में एक बार जब ई-वाहनों का निर्माण तेजी से होने लगेगा तो उसके लिए जरूरी बैट्री एवं कलपुर्जे भी नहीं बनने लगेंगे। वर्तमान में इसकी बैट्री यहां नहीं बन रही है, लेकिन इसके घरेलू स्तर पर निर्माण के लिए कई कंपनियां प्रयासरत हैं। वे देश में ही बैट्री निर्माण के लिए संयंत्र लगा रहे हैं। 

सीमेंट उद्योग पर कार्टेल बनाने के आरोप लगते रहे हैं। क्या सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की मदद से सीमेंट का निर्माण कर निजी कंपनियों पर लगाम नहीं लगा सकते?

आपने सही कहा... हमारे पास सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया नाम की एक कंपनी है। लेकिन यह सही तरीके से चल नहीं रही है। इसके 10 में से सात यूनिटें बंद हैं। महज तीन यूनिटों में ही काम हो रहा है। अभी तो मैंने कार्यभार संभाला है। देखता हूं कि इस दिशा में कैसे बेहतर तरीके से काम हो सकता है। मेरा तो स्पष्ट मानना है कि बदलती दुनिया के अनुरूप नई तकनीक अपनाने पर बल देना चाहिए। इसके अलावा हम इस दिशा में भी काम कर रहे हैं कि तेजी से रोजगार के अवसर कैसे सृजित हों।

वाहन निर्माता कंपनियां कह रही हैं कि देश में अभी पर्याप्त ढांचागत संरचना तैयार नहीं हुआ है। इस दिशा में क्या कार्य हो रहा है?

ढांचागत संरचना तैयार करने का काम चल रहा है। आपको मालूम होगा कि भारी उद्योग मंत्रालय ने ई-वाहन को बढ़ावा देने के लिए फेन यानी ‘फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स’ की शुरुआत की है। इसका पहला चरण पूरा हो गया है। दूसरे चरण पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसमें ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने पर काफी ध्यान दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देखिए... दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे को देश के पहले ईवी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का फैसला किया गया है। इस पर ईवी चार्जिंग स्टेशन का निर्माण शुरू हो गया है। अगले 100 दिनों में यह योजना पूरी हो जाएगी।  -अर्जुन राम मेघवाल, भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम और संसदीय कार्य राज्य मंत्री 

Recommended

IIM के स्टूडेंट्स को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहे हैं इस कैंपस के छात्र, मिले 23 लाख के पैकेज
Doon Business School dehradun

IIM के स्टूडेंट्स को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहे हैं इस कैंपस के छात्र, मिले 23 लाख के पैकेज

समस्या कैसे भी हो, हमारे ज्योतिषी से पूछें सवाल और पाएं जवाब मात्र 99 रूपये में
Astrology

समस्या कैसे भी हो, हमारे ज्योतिषी से पूछें सवाल और पाएं जवाब मात्र 99 रूपये में

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और बजट 2019 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Business

फ्लैट खरीदारों के हित में असीम शक्ति का प्रयोग करेगा सुप्रीम कोर्ट, अनुच्छेद 142 का हो सकता इस्तेमाल

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर जेपी इंफ्राटेक के 21 हजार से अधिक होम बायर्स की परेशानी सुलाझने का प्रयास नहीं किया गया तो उसे संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत उसे होम बायर्स के हितों की रक्षा करने की असीम शक्ति है।

12 जुलाई 2019

विज्ञापन

सावन में कनखल के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में उमड़े भक्त, ये नगरी है भगवान शिव की ससुराल

बुधवार से सावन का महीना शुरू हो गया है और इसी के साथ देश के तमाम शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। आपको दिखाते हैं हरिद्वार के कनखल में बने दक्षेश्वर महादेव मंदिर की तस्वीर। जानिए आखिर क्यों इस जगह को भगवान शिव की ससुराल कहा जाता है।

18 जुलाई 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree