Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   SEBI extend the deadline till March 31st 2019 for dematerialisation of physical shares

फिजिकल शेयर को डीमैट करवाने के लिए सेबी ने अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 तक बढ़ाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 04 Dec 2018 04:12 AM IST
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शेयर बाजार में निवेश करने वाले देश भर के वैसे लाखों निवेशकों को सेबी से राहत मिली है, जिनके पास भी अभी फिजिकल फार्म में ही कंपनियों के शेयर हैं। दरअसल शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड -सेबी- ने फिजिकल फार्म में पड़े शेयरों को डीमैट करवाने की जो अंतिम तिथि पांच दिसंबर 2018 तय की थी, उसे बढ़ा कर 31 मार्च 2019 कर दिया है। इस समय देश में करीब 5.30 लाख करोड़ रुपये के शेयर फिजिकल फार्म में पड़े हैं जो कि लाखों निवेशकों में बंटे हैं। इनमें से अधिकतर को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि सेबी ने ऐसी अधिसूचना जारी कर दी है। इसलिए इस क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों ने सेबी से इस तिथि में विस्तार की गुहार लगाई थी।

शेयरों और प्रतिभूतियों में निवेश और फंसे निवेश को निकलनवाने के क्षेत्र में सलाह देने वाले फर्म शेयर समाधान के सह संस्थापक विकास जैन का कहना है कि अभी भी देश भर में करीब 5.30 लाख करोड़ रुपये के शेयर अभी भी फिजिकल फार्म में पड़े हैं। पुराने जमाने में जोऱ् निवेशक शेयर बाजार में निवेश करते थे, उनमें से काफी निवेशकों ने अभी तक डीमैट अकाउंट नहीं खुलवाया है। इनमें से ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक हैं। कुछ निवेशक तो ऐसे हैं, जो अपने कामकाज के दिनों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे महानगरों में रहते थे और कुछ कंपनियों में निवेश कर दिया। अब रिटायर्ड जीवन गांव मरें या दूर-दराज के इलाकों में गुजार रहे हैं। हाल ही में उनसे ऐसे ही एक निवेशक ने संपर्क किया था। जब उन्हें बताया गया कि पांच दिसंबर तक ही फिजिकल शेयर को डीमैट करवाने का समय है, तो वे घबरा गए। इसलिए, सेबी को अंतिम तिथि बढाने के बारे में ढेरों रिप्रजेंटेशन मिला था। इसके बाद सेबी ने इसे बढ़ा कर 31 मार्च 2019 कर दिया है।

सेबी ने जून में ही निकाल दी थी अधिसूचना

सेबी ने आठ जून 2018 को ही एक अधिसूचना निकाल कर फिजिकल शेयर को डीमैट फार्म में बदलवाने की अंतिम तिथि पांच दिसंबर 2018 तय कर दिया था। इसके बाद फिजिकल फार्म में रखे शेयर सर्टिफिकेट का कोई मूल्य नहीं रह जाएगा। हालांकि निवेशकों और पेशेवरों से रिप्रजेंटेशन मिलने के बाद छह नवंबर 2018 को सेबी ने एक सरकुलर निकाल कर वैसे निवेशकों को राहत दी, जिनके पुराने शेयर सर्टिफिकेट और पैन कार्ड में नाम या हस्ताक्षर में अंतर था या पैन कार्ड नहीं था।

सेंसेक्स के चार फीसदी शेयर फिजिकल फार्म में

हाल ही में छपी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वर्ष पहली अक्टूबर को बांबे शेयर बाजार -बीएसई- के संवंदी सूचकांक -सेंसेक्स- में शामिल 30 कंपनियों के शेयरों में से ही करीब चार फीसदी शेयर फजिकल फार्म में थे। यह तो सिर्फ एक नमूना भर है क्योंकि देश के सभी शेयर बाजारों में 5000 से भी ज्यादा कंपनियां सूचीबद्घ हैं। जैन का कहना है कि इन कंपनियों के करोड़ों-करोड़ रुपये के शेयर अभी भी फिजिकल फार्म में हैं।

क्या है फिजिकल शेयर

पहले जब कोई व्यक्ति किसी कंपनी का शेयर खरीदता था, उन्हें कंपनी की तरफ से छपा हुआ एक शेयर प्रमाण पत्र जारी किया जाता था। यही प्रमाणपत्र फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट है। इसे जब किसी डीमैट सेवा देने वाली कंपनी के पास जमा करा दिया जाता है और उसे इलेक्ट्रोनिक फार्म में बदल दिया जाता है तो वह डीमैट शेयर कहलाता है।
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