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आर्थिक मंदी के 10 साल: बैंकिंग क्षेत्र में महिलाओं को मिले मौका तो सुधरेंगे हालात

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 07 Sep 2018 11:34 AM IST
if ladies were their in banking system than no recession has taken place, says imf chief
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आगामी 15 सितंबर को आर्थिक मंदी के 10 साल पूरे हो जाएंगे। इस मंदी का आसार पूरी दुनिया में देखने को मिला था। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की एमडी क्रिस्टीन लेगार्ड ने एक चेतावनी भरा ब्लॉग लिखा है। उन्होंने कहा है कि हालत अभी भी सुधरे नहीं हैं क्योंकि बैंकिंग सेक्टर में अभी भी पुरुषों का वर्चस्व है।
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बैंकिंग सेक्टर में अभी भी बड़े सुधार करने की जरुरत है। इस मंदी की उपज तो अमेरिका में हुई थी, लेकिन इसका असर पूरी दुनिया में 2-3 सालों तक देखने को मिला था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 10 साल बाद भी ऐसी आर्थिक मंदी होने का खतरा बरकरार है या नहीं। 

लीमैन सिस्टर्स होती तो न होती मंदी

लेगार्ड ने अपने ब्लॉग में लिखा कि कही 2008 में अगर अमेरिका में लीमैन ब्रदर्स की जगह लीमैन सिस्टर्स होती तो फिर आर्थिक मंदी नहीं होती। अभी भी ब्रिटेन के चार दिग्गज बैंकों के सीईओ पुरुष हैं। वहीं, एफटीएसई में शामिल 100 बड़ी कंपनियों के बोर्ड में महिला डायरेक्टरों का अनुपात गिरता जा रहा है। कॉरपोरेट सेक्टर में भी महिलाओं की लीडरशिप उल्लेखनीय नहीं है। 

बड़े से बड़े अर्थशास्त्री हुए विफल

लीमैन ब्रदर्स का पतन एक बड़ा सबक है, बड़े से बड़े अर्थशास्त्री भी इसका अनुमान लगाने में विफल रहे। इसमें सुधार के लिए बड़ा घटक है फाइनेंस क्षेत्र में महिला नेतृत्व बढ़ाना। अमेरिका के बड़े बैंक लीमैन ब्रदर्स की विफलता एक अपमानजनक पल था। 10 साल पहले आर्थिक मंदी के दौरान अमेरिका की अर्थव्यवस्था को 6 से 14 ट्रिलियन डॉलर को नुकसान हुआ था इसके साथ ही देश के दो सबसे बड़े बैंक भी पूरी तरह से दिवालिया होकर समाप्त हो गए थे। मेरिल लिंच का बैंक ऑफ अमेरिका ने अधिग्रहण कर लिया था, वहीं लीमैन ब्रदर्स ने अपने बैंकिंग व्यापार को बार्कलेज व नोमुरा को बेच दिया था। 

इन छह लोगों पर दोष हो पाया था सिद्ध

इतनी बड़ी आर्थिक मंदी का जिम्मेदार करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को बताया गया था, लेकिन आरोप केवल 6 पर ही सिद्ध हो पाए थे। इन छह लोगों में एंगलो-आइरिश बैंक के पूर्व सीईओ डेविड ड्रम, गिल्टनिर के पूर्व सीईओ लॉरस वेल्डिंग, लैंड्सबैंकी के सिगुरजोन अरणासन, कोपथिंग के पूर्व चेयरमैन सिगुरडर इनारसन व पूर्व सीईओ हरिडर मार सिगुरडर व क्रेडिट सुसे के पूर्व ग्लोबल चीफ करीम सेराजेलडिन शामिल हैं। 
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अभी भी खतरा है बरकरार

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