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बिहार

शनिवार, 19 अक्टूबर 2019

बिहार: महाबोधि मंदिर में चढ़ावे के बंटवारे को लेकर दो बौद्ध भिक्षुओं में जूतमपैजार, एक को आईं गंभीर चोटें

बिहार के बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर के परिसर में रविवार को दो बौद्ध भिक्षुओं के आपस में भिड़ जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार इस घटना में एक भिक्षु को गंभीर चोटें आई हैं। मंदिर परिसर की सुरक्षा में लगे कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर जैसे-तैसे मामला शांत कराया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस झगड़े की पीछे की वजह मंदिर में आए चढ़ावे का बंटवारा बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मंदिर के मुख्य पुजारी ने बोधगया थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार रविवार को मुख्य मंदिर के बोधि वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना हो रही थी। परंपरा के अनुसार तीन माह का वर्षामास खत्म होने के बाद पूर्णिमा पर चीवर दान समारोह आयोजित किया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस बार वियतनाम के श्रद्धालुओं ने चीवर दान किया था। पूजा स्थल से कुछ दूर 40-50 भिक्षु समूह में बैठे थे। इनको निमंत्रित नहीं किया गया था। इस बीच पूजा-प्रार्थना के दौरान हो-हल्ला शुरू हो गया। आरोप है कि ठाकुर नाम के भिक्षु ने हो हल्ला शुरू करते हुए एक अन्य भिक्षु के साथ गाली गलौज कर मारपीट कर दी।

मारपीट में दूसरा भिक्षु घायल हो गया, उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारपीट करने वाला भिक्षु मस्तीपुर इलाके का निवासी बताया गया है। स्थानीय एसएचओ मोहन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। 

उन्होंने कहा कि हंगामा करने वाले भिक्षु को मंदिर परिसर से बाहर निकाल दिया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार इस झगड़े से विदेशी श्रद्धालु आहत हुए। उन्होंने ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। 

पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गया जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से दो लोगों की पहचान हुई है।
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विधायक से मुलाकात के दौरान दाल-चावल खाते दिखे लालू, तस्वीर वायरल

चारा घोटाले में मुख्य आरोपी के तौर पर झारखंड जेल में सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव की एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है। इसमें वे दाल-चावल खाते दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि लालू यादव इस समय अस्पताल में भर्ती हैं। वायरल हो रही तस्वीर भी अस्पताल में ही ली गई है।

दरअसल लालू प्रसाद यादव को इस समय 15 से ज्यादा बीमारियों के इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में होने के चलते हर शनिवार वह तीन लोगों से मुलाकात कर सकते हैं।

ऐसे में बीते शनिवार बिहार के जगदीशपुर से विधायक राम विशुन सिंह उर्फ लोहिया लालू से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इस मुलाकात के बाद से ही सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें विधायक और लालू प्रसाद दाल-चावल और सब्जी का आनंद लेते हुए दिख रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, लगभग 45 मिनट तक चली मुलाकात के खत्म होने के बाद विधायक ने अस्पताल से बाहर आकर मीडिया से अंदर हुई बातों का जिक्र किया। विधायक ने बताया कि लालू पटना में आई बाढ़ और उससे फैली बीमारियों को लेकर चिंतित हैं।

उन्होंने पार्टी को विधानसभा उपचुनाव में पूरी ताकत लगाकर जीतने का संदेश दिया है। साथ ही आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों में महागठबंधन कर जीत हासिल करने को पक्का बताया है।

विधायक बीमार का हाल-चाल लेने गए थे या...

अस्पताल में विधायक राम विनुश सिंह और लालू प्रसाद यादव की मुलाकात की यह तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें दोनों दाल-चावल खाते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस बारे में चर्चा कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि विधायक बीमार का हाल-चाल लेने गए थे या दाल-चावल खाने...। तस्वीर में तो लालू प्रसाद यादव स्वस्थ दिख रहे हैं।
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बिहारः तेजस्वी यादव की सभा में जमकर चलीं कुर्सियां, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

बिहार के सहरसा में सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा उपचुनाव चुनावी रैली में रविवार को राजद कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त हाथापाई हुई। रैली में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। 



चुनावी सभा का आयोजन सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर स्थित उच्च विद्यालय में किया गया था। इसके बाद देखते ही देखते कुर्सियां चलने लगीं। लोग एक-दूसरे पर कुर्सियों को फेंकने लगे। स्थिति बेकाबू होने लगी। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। इसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है।
 
   

जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में तेजस्वी यादव पहुंच गए थे। इसी बीच, एक युवक मंच पर चढ़ गया और तेजस्वी यादव को माला पहनाने की कोशिश करने लगा।  फिर सुरक्षा के लिहाज से युवक को पुलिस ने मंच पर से उतार दिया। बताया जाता है कि इसी के बाद उस युवक के समर्थक आक्रोशित हो उठे और सभा में हंगामा कर दिया।  
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केजरीवाल के मुफ्त चिकित्सा वाले बयान पर बवाल, बिहार की अदालत में आपराधित शिकायत दर्ज

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बिहार में एक आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है। ये शिकायत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिहार से आए लोगों के बारे में दिए गए केजरीवाल के मुफ्त चिकित्सा वाले बयान को लेकर दर्ज की गई है। 

केजरीवाल के खिलाफ ये याचिका सामाजिक कार्यकर्ता नीतीश कुमार ने बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रेम चंद्र वर्मा की अदालत के समक्ष दायर की गई। मामले को सुनवाई के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास भेज दिया गया है।

अपनी शिकायत में कुमार ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल की टिप्पणी से उन्हें दुख हुआ। कुमार के वकील सुरेंद्र कुमार भारती ने कहा कि केजरीवाल ने कहा था कि बिहार के लोग 500 रुपये का टिकट खरीदकर दिल्ली आते हैं और पांच लाख रुपये के मुफ्त चिकित्सा उपचार का लाभ उठाकर वापस जाते हैं।

कुमार ने अपनी याचिका में कहा कि दिल्ली के सीएम ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है। उन्होंने देश और राज्य की शांति, एकता, संप्रभुता और सद्भाव को कम करने की कोशिश की है। केरीवाल पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत याचिका दर्ज की गई है। 
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अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

हाई कोर्ट ने बिहार की अनुसूचित जातियों और ओबीसी को झारखंड में आरक्षण देने के फैसले को रखा सुरक्षित

झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बिहार की अनुसूचित जातियों और ओबीसी को झारखंड में आरक्षण का लाभ देने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया।

झारखंड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एचसी मिश्र, एवं अपरेश कुमार सिंह तथा बीबी मंगलमूर्ति की खंडपीठ ने इस मामले में तीन दिनों की सुनवाई के बाद आज अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कहा गया कि एकीकृत बिहार, वर्तमान बिहार और वर्तमान झारखंड में उनकी जाति अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के रूप में शामिल है इसलिए वर्तमान झारखंड में उन्हें एससी और ओबीसी के रूप में आरक्षण मिलना चाहिए।

प्रार्थी कहना था कि पिछले कई सालों से वह झारखंड क्षेत्र में रह रहे हैं। नए राज्य झारखंड के निर्माण के बाद 15 नवंबर 2000 से वह लगातार झारखंड में हैं।

उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए उन्हें आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता है कि वह बिहार के स्थाई निवासी हैं। उनकी ओर से अदालत को बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 16 (4) के तहत उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए।

सरकार की ओर से महाधिवक्ता अजीत कुमार और अपर महाधिवक्ता मनोज टंडन ने इसका विरोध करते हुए कहा कि झारखंड के स्थाई निवासी को ही राज्य की आरक्षण नीति के तहत लाभ दिया जा सकता है। दूसरे राज्यों के लोगों को उस राज्य की आरक्षण नीति का लाभ सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ही दिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य में वहीं के स्थानीय निवासियों को आरक्षण का लाभ मिलता है। इस कारण झारखंड में भी दूसरे राज्य के लोगों को सामान्य श्रेणी में ही माना जाएगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
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रामविलास पासवान बोले- बिहार उपचुनाव में होगा विपक्ष का सफाया

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को कहा कि 21 अक्टूबर को बिहार में होने वाले उपचुनाव की सभी सीटें सत्तारूढ़ दल एनडीए के खाते में जाएंगी। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि इन लोगों की बांटने वाली राजनीति यहां नहीं चलेगी।

बिहार की पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव होना है। आम चुनाव के बाद सांसद निर्वाचित हुए रामचंद्र पासवान की मृत्यु के बाद से समस्तीपुर लोकसभा सीट खाली है।

बिहार उपचुनाव में राजग के तीनों सहयोगी भाजपा, जदयू और लोजपा के उम्मीदवार शामिल हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू चार विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि भाजपा एक विधानसभा सीट पर लड़ रही है। समस्तीपुर लोकसभा सीट लोजपा के खाते में है, जहां से दिवंगत नेता रामचंद्र पासवान के पुत्र प्रिंस राज प्रत्याशी  हैं। 

लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर जनता को पूरा भरोसा है, हमारे सभी उम्मीदवार विजयी होंगे।
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बिहार: डेंगू और पटना में गंदगी पर हाईकोर्ट सख्त, नीतीश सरकार से जवाब तलब

पटना हाईकोर्ट ने राज्य की नीतीश सरकार से बाढ़ से बेहाल हुए पटना में स्वच्छता कार्य करने और राज्य में तेजी से फैल रहे डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों का विवरण देने का निर्देश दिया है।  इस मामले की अगली सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी।

मालूम हो कि सितंबर के आखिरी सप्ताह में बिहार में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई थी। 27 से 30 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश से 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति हो गई थी। पटना में पंप मंगवाकर कई इलाकों से पानी निकाला गया। 

सरकार के प्रयासों के बावजूद बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ के हालात से लोग अबतक पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं। गंदे पानी के जमाव के बीच डेंगू जैसी बीमारी फैलने लगी और लोग हताहत भी हुए। 

वहीं दूसरी ओर इस हालात की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उच्च स्तरीय बैठक की। हालात के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए उन्होंने इंजीनियरों और अन्य कर्मियों पर कार्रवाई के अलावा कई आईएएस अधिकारियों को भी इधर से उधर कर दिया। 

डेंगू का कहर: चपेट में आए भाजपा विधायक

राज्य में अबतक 1100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू से केवल आम जनता ही चपेट में नहीं आ रही हैं, बल्कि नेताओं को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। 

डेंगू की चपेट में आकर पटना के बांकीपुर के विधायक नीतिन नवीन भी बीमार पड़ गए हैं। वहीं, कुम्हरार के विधायक अरुण सिन्हा भी बीमार पड़ गए हैं। उन्हें सिर में चक्कर और कमजोरी की शिकायत हो रही है।

डेंगू की चपेट में आने के बाद बांकीपुर के भाजपा विधायक नीतिन नवीन के पास जब मीडिया उनका हाल जानने पहुंची तो, विधायक ने कहा कि 'मैं सभी लोगों से कहना चाहूंगा कि वे सावधानियां बरतें। बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।'

दूसरी ओर बिहार सरकार के स्वास्थय सचिव संजय कुमार ने कहा है कि पिछले दो दिनों में डेंगू के मामलों में 100 की बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, 30-40% एडीस मच्छर के लार्वा घरों के अंदर प्रजनन कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि हम पटना में लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे पानी को ठहरने न दें। अभी तक डेंगू के कारण कोई मृत्यु दर नहीं हुई है।





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बिहार: लड़ रही थीं दोनों पत्नियां, गुस्साए पति ने ब्लेड से काट दी जुबान

पटना में बाढ़
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। जिले के सकरा थाना के सरैया गांव में दो सौतन के बीच झगड़े से गुस्साए पति ने दूसरी पत्नी की ब्लेड से  जीभ काट दी। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी पति को पोल से बांध दिया। बाद में जहां से पुलिस उसे गिरफ्तार करके ले गई।

आरोपी पति की पहचान मोहम्मद शफीक के तौर पर हुई है। वहीं पीड़िता की पहचान 22 साल की मीना खातून के तौर पर हुई है। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया है। अस्पताल के सर्जरी विभाग के डॉक्टर अमलेंदु का कहना है कि महिला की जीभ में गंभीर जख्म है। शरीर से काफी ज्यादा खून निकल गया है। उसकी हालत नाजुक है।

वहीं घटना के संबंध में पीड़िता की मां आयशा खातून ने दामाद और बेटी की सौतन पर एफआईआर दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है। आरोपी घटना वाले दिन ही राजस्थान से लौटा था। दोनों सौतनें आपस में लड़ रही थीं। दूसरी पत्नी मीना प्रताड़ना से तंग आकर घर से बाहर निकलकर चिल्ला रही थी।

जिससे शफीक को गुस्सा आ गया और उसने पहले मीना को कमरे में बंद करके पीटा। उसके बाद ब्लेड से उसकी जीभ के दो टुकड़े कर दिए गए। स्थानीय लोगों ने जख्मी महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं आरोपी को पोल से बांधकर पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। परिवारवालों का कहना है कि पहली पत्नी से बच्चा न होने की वजह से आरोपी ने मीना को झांसा देकर निकाह किया था।

हालांकि वह पहली पत्नी के साथ मिलकर उसे प्रताड़ित करने लगा। उसे न तो ठीक तरह से खाना दिया जाता और न ही सोने को कमरा। प्रताड़ना से तंग आकर जब वह चिल्लाती तो उसे जीभ काटकर आवाज बंद करने की धमकी दी जाती थी। पुलिस ने मोहम्मद शफीक के अलावा उसकी पहली पत्नी अंगूरी खातून के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना के बाद से अंगूरी फरार है।
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बिहार: बाढ़ को लेकर सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी के खिलाफ शिकायत

बिहार में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद जलजमाव और बाढ़ जैसे हालात को लेकर पटना हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के समक्ष दाखिल की गई इस शिकायत में आठ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
 

मालूम हो कि सितंबर के आखिरी सप्ताह में बिहार में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई थी। 27 से 30 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश से 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति हो गई थी। पटना में पंप मंगवाकर कई इलाकों से पानी निकाला गया। 

सरकार के प्रयासों के बावजूद बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ के हालात से लोग अबतक पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं। गंदे पानी के जमाव के बीच डेंगू जैसी बीमारी फैलने लगी और लोग हताहत भी हुए। 

वहीं दूसरी ओर इस हालात की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उच्च स्तरीय बैठक की। हालात के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए उन्होंने इंजीनियरों और अन्य कर्मियों पर कार्रवाई के अलावा कई आईएएस अधिकारियों को भी इधर से उधर कर दिया। 


 
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पटना में डेंगू का कहर: चपेट में आए भाजपा विधायक, दो दिन में बढ़ी और मरीजों की संख्या

पूरे बिहार समेत राजधानी पटना में डेंगू का कहर जारी है। राज्य में अबतक 1100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू से केवल आम जनता ही चपेट में नहीं आ रही हैं, बल्कि नेताओं को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। 



डेंगू की चपेट में आकर पटना के बांकीपुर के विधायक नीतिन नवीन भी बीमार पड़ गए हैं। वहीं, कुम्हरार के विधायक अरुण सिन्हा भी बीमार पड़ गए हैं। उन्हें सिर में चक्कर और कमजोरी की शिकायत हो रही है।

डेंगू की चपेट में आने के बाद बांकीपुर के भाजपा विधायक नीतिन नवीन के पास जब मीडिया उनका हाल जानने पहुंची तो, विधायक ने कहा कि 'मैं सभी लोगों से कहना चाहूंगा कि वे सावधानियां बरतें। बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।'

दूसरी ओर बिहार सरकार के स्वास्थय सचिव संजय कुमार ने कहा है कि पिछले दो दिनों में डेंगू के मामलों में 100 की बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, 30-40% एडीस मच्छर के लार्वा घरों के अंदर प्रजनन कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि हम पटना में लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे पानी को ठहरने न दें। अभी तक डेंगू के कारण कोई मृत्यु दर नहीं हुई है।



बता दें कि पटना में अभी भी कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक 1500 से ज्यादा डेंगू मरीजों की पहचान की गई है। 

पटना सहित राज्य के कई इलाकों में डेंगू पांव पसारता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि डेंगू प्रभावित इलाकों में पर्याप्त छिड़काव नहीं हो रहा है तथा जलजमाव वाले क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं हो रहा है। 
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जदयू संग मतभेद की अटकलों पर अमित शाह ने लगाया विराम, कहा- बिहार में नीतीश ही एनडीए के नेता

बिहार की राजनीति में भाजपा और जदयू नेताओं के बीच बयानी हमलों के बाद एनडीए गठबंधन में लगाई जा रही मतभेद की अटकलों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय  गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। 

शाह ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव हम साथ मिलकर लड़ेंगे और जदयू अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिहार में एनडीए गठबंधन अटल है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगें और बिहार में वर्तमान नेतृत्व में।

दोनों दलों के बीच मतभेदों पर शाह ने कहा कि किसी भी गठबंधन में मतभेद और मनभेद होता रहता है। गठबंधन में हमेशा से ही कुछ न कुछ मनमुटाव रहा है और इसे एक अच्छे गठबंधन का मानदंड माना जाना चाहिए। बस मतभेद को मनभेद में नहीं बदलना चाहिए।

मालूम हो कि बिहार में भारी बारिश के बाद बाढ़ और जलजमाव की स्थिति के बाद भाजपा और जदयू के नेताओं के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई थी। नीतीश सरकार ने इसे प्राकृतिक आपदा बताया था, जबकि केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने इसके लिए सीधे नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया था। 

इसके बाद राज्य सरकार में मंत्री अशोक चौधरी से लेकर महासचिव केसी त्यागी तक ने गिरिराज के बयान की आलोचना करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से संज्ञान लेने की उम्मीद जताई थी। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने बिहार में जदयू को 'छोटा भाई' बने रहने की सलाह दी थी।

दोनों ही पार्टी के नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई थी और गठबंधन में टूट की अटकलें लगाई जा रही थी। अमित शाह ने गुरुवार को इन अटकलों को खारिज कर दिया।
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बिहारः पटना कमिश्नर के पद से हटाए गए आनंद किशोर, चैतन्य प्रसाद पर भी गिरी गाज

बिहार की राजधानी पटना में भारी जलजमाव को लेकर अफसरों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के कमिश्नर आनंद किशोर को पद से हटा दिया है। उन्हें अब नगर विकास विभाग के साथ पटना मेट्रो की नई जिम्मेदारी मिली है। पटना के प्रमंडलीय आयुक्त का प्रभार परिवहन सचिव संजय अग्रवाल को दिया गया है। 

बुडको के एमडी अमरेंद्र प्रसाद सिंह को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनके जगह मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात युवा आइएएस अधिकारी चंद्रशेखर सिंह की वहां पोस्टिंग की है।वर्तमान में चंद्रशेखर सिंह मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद को भी हटा दिया गया है।    

बता दें कि सोमवार को मुख्यमंत्री ने पटना के जलजमाव पर चार घंटे तक बैठक की थी। बुडको के 11 वरिष्ठ अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। साथ ही पटना नगर निगम के दो दर्जन से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई की गई गई थी। 

चैतन्य प्रसाद को विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। वे संसदीय कार्य विभाग का अतिरिक्त काम भी देखेंगे। राज्य योजना पर्षद के परामर्शी डॉ. दीपक प्रसाद को मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रधान सचिव बनाया गया है।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के विशेष सचिव प्रदीप कुमार झा को सूचना एवं जन संपर्क विभाग  का निदेशक बनाया गया है। हरजोत कौर बम्हरा जो विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के साथ ही खान एवं भू-तत्व विभाग की प्रधान सचिव थी वे अब सिर्फ खान एवं भू-तत्व विभाग के प्रधान सचिव का काम देखेंगी।  

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पीएमसीएच में डेंगू मरीजों से मिलने गए केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे पर युवक ने फेंकी स्याही

बिहार की राजधानी पटना में स्थित पीएमसीएच में डेंगू मरीजों से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली है। केंद्रीय मंत्री जब मरीजों से मिलकर अस्पताल से बाहर निकल रहे थे, तभी गेट के पास एक युवक ने मंत्री के चेहरे पर काली स्याही फेंक कर भाग निकला। 



दरअसल, केंद्रीय मंत्री मीडिया से बातचीत कर रहे थे, तभी एक युवक मंत्री के करीब आया और काली स्याही को उनके चेहरे और उनकी गाड़ी पर फेंककर भाग गया। मंत्री और सुरक्षाकर्मी जब तक उसे पकड़ने के लिए कोई कदम उठाते वह तेज रफ्तार से भाग खड़ा हुआ। सुरक्षाकर्मियों ने उसे दौड़कर पकड़ना चाहा, लेकिन युवक तब तक उनकी पहुंच से दूर जा चुका था। 

अश्विनी चौबे ने घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ये उन लोगों का काम है जो गंदी राजनीति करते हैं। पता नहीं, उन्हें इससे क्या मिलेगा? मंत्री का इशारा जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव की तरफ था। 

केंद्रीय मंत्री पर काली स्याही फेंकने वाले युवक ने एक निजी चैनल को अपना नाम निशांत झा बताया है और कहा है कि वह जनअधिकार पार्टी (जाप) का युवा प्रदेश सचिव है। उसने कहा कि वह जलजमाव से लोगों की परेशानी देखकर परेशान था, इसलिए गुस्से में आकर मंत्री पर स्याही पर फेंकी। उसने कहा है कि यह उसने स्वंय किया है, उसे किसी ने यह करने के लिए नहीं उकसाया था। 

बता दें कि बिहार की राजधानी पटना में जलजमाव को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों ने सरकार और मंत्रियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।  
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