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चिराग की चिंता: पार्टी पर चाचा के कब्जे के बाद स्पीकर को लिखी चिट्ठी, संसदीय दल का नेता मानने पर ऐतराज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 17 Jun 2021 08:07 PM IST

सार

आखिरकार लोक जनशक्ति पार्टी पर स्व. रामविलास पासवान के अनुज पशुपति पारस का कब्जा हो गया। पटना में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। उधर पासवान के पुत्र चिराग पासवान ने इस बैठक को अवैधानिक बताया है। उधर, पैरों के नीचे से जमीन खिसकने के बाद भी चिराग हार मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी दिखाई है।
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चिराग पासवान।
चिराग पासवान। - फोटो : PTI
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विस्तार

बिहार में दलित नेता स्व. रामविलास पासवान द्वारा स्थापित लोजपा उनके पुत्र चिराग पासवान के हाथ से फिसल गई। पासवान के छोटे भाई पशुपति पारस को पटना में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। इसके बाद चिराग पासवान ने कार्यकारिणी की बैठक को अवैधानिक बताते हुए इसमें कोरम नहीं होने का दावा किया है। उधर, चिराग हार मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने अब भी खुद को पार्टी अध्यक्ष बताते हुए कहा कि वह जरूरत पड़ी तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
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पिता द्वारा बनाई पार्टी को टूटते नहीं देख सकता : चिराग
चाचा की अपने खिलाफ बगावत के बाद चिराग पासवान ने कहा, 'अपने पिता द्वारा बनाई गई पार्टी का इस तरह टूटते नहीं देख सकता हूं। जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा। मैं लंबी जंग के लिए तैयार हूं। मैं शेर का बेटा हूं और डरता नहीं हूं। मैं अब भी लोजपा अध्यक्ष हूं।' 

 
चिराग का दावा-कार्यकारिणी के 75 में से केवल नौ सदस्य मौजूद थे
चिराग ने कहा कि लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन 75 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी करती है। पटना में हुई बैठक में केवल नौ सदस्य मौजूद थे। निलंबित सदस्यों ने मेरे चाचा को अध्यक्ष चुना है। 

लोस स्पीकर को लिखा पत्र, पारस को संसदीय दल का नेता मानने पर पुनर्विचार करें
चिराग पासवान ने बताया कि मैंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे पशुपति पारस को पार्टी के संसदीय दल का नेता मानने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। हमारी पार्टी का संविधान कहता है कि संसदीय दल या विधायक दल का नेता केंद्रीय संसदीय बोर्ड द्वारा चुना जाएगा।  लोजपा नेता ने कहा कि लोस स्पीकर ओम बिडला को हमारी पार्टी के संविधान की जानकारी नहीं है, इसलिए उन्होंने पारस को संसदीय दल का नेता मान लिया है। मैंने बिड़ला को सूचित किया है कि पारस की नियुक्ति अवैध है। 

पारस को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया
इससे पहले पटना में हुई बैठक राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस को लोजपा का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। लोजपा कार्यालय में इसकी औपचारिक घोषणा भी कर दी गई। अध्यक्ष बनने के बाद पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान पर निशाना साधा। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस के नाम पर सांसदों ने एकमत से सहमति जताई। 

चार घंटे चली बैठक, 71 सदस्यों ने एकमत से समर्थन किया
लोजपा नेता सूरजभान सिंह के पटना के कंकड़बाग टीवी टॉवर स्थित आवास पर चार घंटे से अधिक चली बैठक में 10 प्रस्तावकों ने पशुपति पारस का नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए रखा।सूरजभान सिंह ने कहा कि पशुपति पारस को पार्टी का निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे से 3 बजे तक चली कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया। 71 सदस्यों ने एक मत से समर्थन दिया है।

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