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कार्रवाई: बिहार विधानसभा के अंदर विधायकों से मारपीट के आरोप में दो सिपाही निलंबित, फुटेज के आधार पर पाए गए दोषी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Thu, 22 Jul 2021 06:55 PM IST

सार

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायकों के साथ हुई मारपीट और बदसलूकी के आरोप में दो पुलिसकर्मी जांच में दोषी पाए गए हैं। दोनों को फुटेज के आधार पर निलंबित कर दिया गया है।
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बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा - फोटो : ANI
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विस्तार

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया को इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि सीसीटीवी फुटेज और पर्याप्त वीडियो देखने के बाद सिपाही शेषनाथ प्रसाद और सिपाही रंजीत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया बजट सत्र के दौरान विधायकों के साथ मारपीट हुई थी, अब उस मामले पर कार्रवाई हो गई है। दो पुलिसकर्मी जांच में दोषी में पाए गए हैं। आगे की कार्रवाई पूरी रिपोर्ट आने के बाद होगी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा जिन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है उन्हें डरना नहीं चाहिए।


क्या है पूरा मामला 
दरअसल यह पूरा मामला बजट सत्र के दौरान 23 मार्च को हंगामे को शांत कराने के नाम पर विधायकों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का है। उस दिन विधानसभा परिसर में सुरक्षाकर्मियों की संख्या कम होने के कारण मार्शल और बिहार पुलिस के जवानों की तैनाती की गई थी। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल विधेयक के विरोध में राजद के विधायक उस दिन सदन के अंदर खूब हंगामा कर रहे थे।

विधानसभा अध्यक्ष का विधायकों ने किया था घेराव
बाद में विधायक विधानसभा अध्यक्ष के कमरे के बाहर धरने पर बैठ गए और उनका घेराव कर लिया। विधानसभा अध्यक्ष का घेराव होने पर पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए विरोध करने वाले सभी विधायकों को जबरदस्ती बाहर निकाला दिया। बाहर निकाले गए विधायकों ने यह आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट और धक्कामुक्की की।

कई विधायक हो गए थे घायल
इस घटना में राजद विधायक सुधाकर सिंह और सीपीएम विधायक सत्येंद्र यादव समेत कई विपक्षी विधायक घायल हो गए। बेहोश होने के कारण यादव को इलाज के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाना पड़ा। विधानसभा अध्यक्ष ने इस घटना और विधायकों के आरोप को पूरी गंभीरता से लिया। उन्होंने साफ कहा था कि किसी को भी किसी के साथ दुर्व्यवहार करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को इस मामले की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।  

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