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सियासत : पशुपति कुमार पारस ने लोजपा की सभी समितियों को किया भंग, अपने चारों सांसदों को दी बड़ी जिम्मेदारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 19 Jun 2021 09:20 PM IST

सार

पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में लोजपा गुट ने विभिन्न प्रकोष्ठों की समितियों को भंग करते हुए अपने चारों सांसदों चौधरी महबूब अली कैसर, वीणा देवी, प्रिंस राज और चंदन सिंह को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
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पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान
पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सांसद पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में लोजपा गुट ने राष्ट्रीय, राज्य कार्यकारिणी और विभिन्न प्रकोष्ठों की समितियों को भंग करते हुए अपने चारों सांसदों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत सांसद चौधरी महबूब अली कैसर और वीणा देवी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और  प्रिंस राज एवं चंदन सिंह को राष्ट्रीय महासचिव घोषित किया है।
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इस फैसले के बाद पशुपति कुमार पारस ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी की जो पुरानी कमेटी थी, राष्ट्रीय हो, प्रदेश की हो या जितने भी प्रकोष्ठ हैं, सभी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है। नई छोटी सी कमेटी तत्काल कार्य करने के लिए बनाई गई है, 8 लोगों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बनाई गई है।   


बता दें कि लोजपा के पांच सांसद पशुपति कुमार पारस, चौधरी महबूब अली कैसर, वीणा देवी, चंदन सिंह और प्रिंस राज ने चिराग पासवान को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। इसके बाद उन्होंने चिराग के चाचा पशुपति कुमार पारस को अपना नेता चुन लिया।

लोकसभा स्पीकर के पास पहुंचे चिराग
चिराग पासवान ने कहा कि मैंने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को तथ्यों से अवगत कराया है। मैंने उनसे अनुरोध किया है वह लोजपा के निलंबित सांसदों में से एक पशुपति कुमार पारस को सदन में पार्टी का नेता बनाने के फैसले पर दोबारा विचार करें। यह गैरकानूनी है और हमारी पार्टी का संविधान इसकी अनुमति नहीं देता है। 



चिराग पासवान ने किया भावुक ट्वीट
गौरतलब है कि पार्टी में हुई बगावत को लेकर चिराग पासवान ने अपने चाचा के नाम के नाम भावुक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि पापा की मौत के बाद आपके व्यवहार से मैं टूट गया। मैं पार्टी और परिवार को साथ रखने में असफल रहा। बता दें कि चिराग एक पुराना पत्र भी ट्विटर पर साझा किया। चिराग पासवान ने ट्वीट में लिखा, 'पापा की बनाई इस पार्टी और अपने परिवार को साथ रखने के लिए किए मैंने प्रयास किया, लेकिन असफल रहा। पार्टी मां के समान है और मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों का मैं धन्यवाद देता हूं। एक पुराना पत्र साझा करता हूं।'

 

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