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कोरोना से जंग: बिहार हर्ड इम्युनिटी के करीब, 73 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी विकसित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: देव कश्यप Updated Sun, 25 Jul 2021 06:11 AM IST

सार

अधिकारियों ने कहा कि बिहार कोविड -19 के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी की सीमा के करीब है क्योंकि 73 फीसदी आबादी में वायरस के खिलाफ या तो पिछले संक्रमण से या टीकाकरण के माध्यम से एंटीबॉडीज विकसित हो गई है।
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कोरोना वायरस के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी (सांकेतिक तस्वीर)
कोरोना वायरस के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार

बिहार देश का ऐसा पहला राज्य है जो हर्ड इम्युनिटी के करीब पहुंच गया है। अधिकारियों के मुताबिक, बिहार कोविड-19 के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी की सीमा के करीब पहुंच गया है, क्योंकि यहां 73 फीसदी आबादी के बीच वायरस के खिलाफ या तो पिछले संक्रमण से या टीकाकरण के माध्यम से एंटीबॉडीज विकसित होने की की व्यापक सूचना मिली है।
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विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी समाज या समूह में अगर 70 फीसदी तक लोगों ने वैक्सीन ले ली है, तो उसमें संबंधित बीमारी के प्रति हर्ड इम्युनिटी आ जाती है। ऐसे में अब कोरोना की तीसरी लहर अगर बिहार में आती है, तो वह कम घातक होगी और मौतें भी काफी कम होंगी। हालांकि, लोगों को अब भी सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्क और दो गज की दूरी का पालन करना होगा।


इंडियन एसोसिएशन ऑफ पब्लिक हेल्थ के उपाध्यक्ष और पटना एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि '73 फीसदी की सेरोपॉजिटिविटी बिहार के लिए एक अच्छा संकेत है। इसका मतलब यह है कि केवल 27 फीसदी लोग अब वायरस के संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील हैं, जिनमें से कुछ महामारी की प्रत्याशित तीसरी लहर के दौरान गंभीर हो सकते हैं।'

डॉ सिंह ने कहा कि '70 -80 फीसदी से अधिक की सेरोपॉजिटिविटी हर्ड इम्युनिटी विकसित करने में मदद करती है। हालांकि, चूंकि वायरस में बहुत तेजी से म्यूटेशन हो रहा है, इसलिए लोगों के फिर से संक्रमित होने की संभावना है और कोविड-19 के उचित व्यवहार का पालन करना जरूरी होगा। पुन: संक्रमण के मामले में, ऐसे 73 फीसदी आबादी में हल्के लक्षण होंगे, जो लोग पहले ही वायरस से संक्रमित हो चुके हैं या टीकाकरण के माध्यम से एंटीबॉडीज विकसित कर ली है।

बिहार के छह जिलों में बक्सर ने 83.8 फीसदी की उच्चतम सेरोपॉजिटिविटी की सूचना दी, इसके बाद मधुबनी में 77.1 फीसदी, अरवल में 73.7 फीसदी, बेगूसराय में 72.7 फीसदी, मुजफ्फरपुर में 65.3 फीसदी और पूर्णिया  में 65 फीसदी है। भारत के 21 राज्यों में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा 14 जून से 6 जुलाई के बीच चौथे सेरोलॉजिकल सर्वे के दौरान 70 फीसदी लोगों का सैंपल लिया गया था। बिहार में राष्ट्रीय औसत 67.6 फीसदी की तुलना में सबसे ज्यादा सेरोपॉजिटिविटी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

बक्सर जिले की सामान्य आबादी के बीच 10 समूहों में लिए गए 400 लोगों के सैंपल में से 335 किसी न किसी स्तर पर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इन लोगों में एंडीबॉडीज विकसित हो चुकी है।

हर्ड इम्युनिटी का मतलब
हर्ड इम्युनिटी का मतलब है कि अधिकांश लोगों ने किसी बीमारी के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता प्राप्त कर ली है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग संचरण को रोक सकें। माना जाता है कि पर्याप्त वैक्सीनेशन के बाद उस समाज या समूह में संक्रामक रोग के फैलने की चेन को तोड़ा जा सकता है।

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