विज्ञापन
विज्ञापन

17 दिन में 128 बच्चों की मौत के बाद आज मुजफ्फरपुर पहुंचे नीतीश, लगे मुर्दाबाद के नारे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Updated Tue, 18 Jun 2019 08:29 PM IST
बिहार में दिमागी बुखार के कारण 128 बच्चों की मौत हो चुकी है
बिहार में दिमागी बुखार के कारण 128 बच्चों की मौत हो चुकी है - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
बिहार के मुजफ्फरपुर में इन दिनों एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) बच्चों पर कहर बनकर टूट रहा है।  बच्चे रोजाना इस बीमारी के कारण काल के गाल में समा रहे हैं। पिछले 17 दिनों में 128 बच्चों की मौत (समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार 108 बच्चों) होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नींद टूटी है। वह आज को मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) का दौरा करने पहुंचे। यहां उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग एसकेएमसीएच अस्पताल के बाहर उनके खिलाफ प्रदर्शन किया और नीतीश गो बैक और मुर्दाबाद के नारे लगाए।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर आईसीयू में भर्ती बच्चों को देखा और उनके परिजनों से बात की। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि दिमागी बुखार के लिए जो वायरस जिम्मेदार है उसका पता लगाइये। वहीं एसकेएमसीएच अस्पताल के बाहर पीड़ित बच्चों के परिजनों ने हंगामा किया क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया। वह अस्पताल की खराब स्थिति से नाराज हैं। लोगों का कहना है कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर बात करना चाहते हैं लेकिन अस्पताल प्रशासन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दे रहा है। बिहार के नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा, 'एईएस के प्रकोप के कारण एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। अभी तक 200 बच्चों का इलाज करके उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।'

मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक

इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री ने एईएस और लू से निपटने के लिए आपात बैठक बुलाई। जिसमें मुजफ्फरपुर में एसकेएमसीएच परिसर में 100 बेड का नया पीडियाट्रिक आईसीयू बनाने का फैसला और एईएस के कारण जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने का निर्णय लिया गया।

बच्चों की लगातार हो रही मौत की खबर के बीच मुख्यमंत्री का इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखना सवाल खड़े कर रहा था। सोमवार को बिहार के एक मंत्री से जब पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार अस्पताल का दौरा करेंगे तो उन्होंने जवाब दिया, 'मुख्यमंत्री हर चीज पर नजर रख रहे हैं। क्या जरूरी है? निगरानी करना या मरीजों का इलाज करना या उनसे यहां मिलने के लिए आना?'

गर्मियों में बच्चे पड़ते हैं बीमार

मुजफ्फरपुर मामले पर जदयू के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने कहा, 'मुजफ्फरपुर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इतने सालों से जब भी गर्मी का मौसम आता है बच्चे बीमार पड़ते हैं और मौत की संख्या बड़ी हो जाती है। ऐसा होता है। सरकार भी तैयारी करती है। जैसे ही बारिश होगी यह रुक जाएगा।'
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

शेयर मार्केट, अब नहीं रहेगा गुत्थी
Invertis university

शेयर मार्केट, अब नहीं रहेगा गुत्थी

समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में
Astrology Services

समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Bihar

'बाहुबली' अनंत सिंह: जुर्म की दुनिया से सियासत तक की दास्तां, राजनीति में लाए 'सुशासन बाबू'

बिहार के बाढ़ और मोकामा में 'छोटे सरकार' के नाम से पहचान बनाने वाले बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर यूएपीए एक्ट के तहत संभवत देश में पहला मामला दर्ज किया गया है।

18 अगस्त 2019

विज्ञापन

बांद्रा स्टेशन पहुंचे शाहरुख खान, फेवरेट स्टार को देखने के लिए फैंस की लग गई भीड़

शाहरुख खान एक खास मौके पर पहुंचे बांद्रा रेलवे स्टेशन। दरअसल, बांद्रा रेलवे स्टेशन का 132वां जन्मदिन का मौका था जहां किंग खान को देखने के लिए हजारों फैंस की भीड़ जमा हो गई।

24 अगस्त 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree