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Bihar: उद्घाटन से पहले ही ‘बह’ गया अस्पताल, बारिश ने खोली पोल, सरकारी अस्पताल बना भ्रष्टाचार का अड्डा

Fri, 01 May 2026 05:41 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Fri, 01 May 2026 05:41 PM IST
सार

Bihar: वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड स्थित फतेहपुर पंचायत में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहली ही बारिश में बदहाल नजर आया, जब भवन की छत से पानी टपकने लगा। स्थानीय लोगों ने निर्माण में भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Under construction CHC in Raghopur Vaishali Bihar falls prey to corruption before inauguration
निर्माणाधीन सीएचसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

    वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड के फतेहपुर पंचायत में बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड द्वारा करीब 5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। तेज बारिश के बाद निर्माणाधीन भवन के दोनों तलों की छत से पानी टपकने लगा।

    उद्घाटन से पहले ही बदहाल हुआ CHC

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    बारिश के बाद अचानक छत से पानी टपकने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों का कहना है कि नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उद्घाटन से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। पिछले कई महीनों से इस भवन का निर्माण कार्य चल रहा है।

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    काम का बोर्ड तक नहीं लगाया 

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक द्वारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले स्थल पर बोर्ड तक नहीं लगाया गया। विभागीय नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी निर्माण कार्य से पहले स्थल पर एक सूचना बोर्ड लगाया जाता है, जिसमें निर्माण से संबंधित सभी जानकारी विस्तार से अंकित होती है। लोगों का कहना है कि संवेदक और अधिकारियों द्वारा निर्माण से जुड़ी जानकारी छिपाई गई है, जो अनियमितता को दर्शाता है।

    घटिया सामग्री का आरोप
    लोगों ने साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण में घटिया ईंट और अन्य निम्नस्तरीय सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारी और संवेदक की मिलीभगत से निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले भी निम्न गुणवत्ता की सामग्री के उपयोग को लेकर शिकायत की गई थी। उनका कहना है कि 5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहे इस भवन की मौजूदा स्थिति बड़े पैमाने पर धांधली की ओर इशारा करती है।

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    जांच और कार्रवाई की मांग
    ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और संबंधित अधिकारी व संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बीएमएससीआईएल के एसडीओ राहुल कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही विभागीय अधिकारी को मौके पर भेजा गया है। जहां रिसाव की समस्या थी, उसकी मरम्मत करवा दी गई है।

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