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Bihar: नवविवाहिता की मौत के बाद हंगामा, महनार स्वास्थ्य केंद्र बना रणक्षेत्र, महिला डॉक्टर शौचालय में छिपीं

Fri, 01 May 2026 08:31 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Fri, 01 May 2026 08:31 AM IST
सार

वैशाली जिले के महनार स्वास्थ्य केंद्र में सड़क हादसे में नवविवाहिता की मौत के बाद भारी हंगामा हो गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ और विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दो महिला डॉक्टरों को शौचालय में छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी, जहां वे करीब तीन घंटे तक फंसी रहीं।

Bihar Protest after road accident in Vaishali female doctors hide in toilet vaishali News
अस्पताल में मौजूद पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

    वैशाली जिले में सड़क हादसे में एक महिला की मौत के बाद महनार स्वास्थ्य केंद्र में जमकर बवाल हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि आक्रोशित लोगों के डर से अस्पताल में तैनात दो महिला चिकित्सकों को शौचालय में छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी। दोनों डॉक्टर करीब तीन घंटे तक अंदर ही फंसी रहीं। इस दौरान उन्होंने कई बार पुलिस को फोन किया, लेकिन महनार थाना पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची।


    सड़क हादसे में नवविवाहिता की मौत

    जानकारी के अनुसार, हाजीपुर-महनार मुख्य पथ पर देसरी थाना क्षेत्र के बिलट चौक के पास दो बाइकों की सीधी टक्कर हो गई थी। इस हादसे में एक नवविवाहिता की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन दोनों को लेकर महनार स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

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    इलाज में लापरवाही का आरोप, शुरू हुआ हंगामा

    मृतक महिला की पहचान चांदपुरा थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर गांव निवासी गरीबन कुमार की पत्नी शिल्पी कुमारी के रूप में हुई है। बताया गया कि उसकी शादी मात्र 8 महीने पहले ही हुई थी। महिला की मौत की खबर सुनते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
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    डॉक्टरों को शौचालय में छिपकर बचानी पड़ी जान

    भीड़ के आक्रोश को देखते हुए अस्पताल में तैनात दो महिला डॉक्टरों ने शौचालय में छिपकर अपनी जान बचाई। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि दोनों डॉक्टर लगभग 3 घंटे तक शौचालय में ही बंद रहीं। इस दौरान वे लगातार पुलिस को फोन करती रहीं, लेकिन महनार थाना पुलिस मौके पर समय पर नहीं पहुंची।

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    अस्पताल बना रणक्षेत्र, कर्मचारी भागे

    हंगामे के दौरान अस्पताल का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया और परिसर रणक्षेत्र में बदल गया। अस्पताल के कई कर्मचारी मौके से भाग निकले, लेकिन महिला डॉक्टर वहीं फंस गईं और उन्हें शौचालय में छिपना पड़ा। महनार प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मुकेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर प्रशासन मौके पर पहुंचा। दो थानों की पुलिस भी मौके पर आई और स्थिति को नियंत्रित किया गया। काफी समझाने के बाद आक्रोश शांत हुआ और कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेजा गया।

    डॉक्टरों की जान सुरक्षित, जांच जारी

    प्रशासन ने बताया कि दोनों महिला डॉक्टर सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षा के तहत सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। परिजनों का आरोप था कि इलाज में लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि महिला अस्पताल लाने से पहले ही मृत हो चुकी थी। घटना के दौरान सबसे बड़ा सवाल यह रहा कि महनार थाना पास होने के बावजूद पुलिस समय पर क्यों नहीं पहुंची। करीब तीन घंटे तक डॉक्टर मदद के लिए फोन करते रहे, लेकिन पुलिस देरी से मौके पर पहुंची। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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