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Bihar News: 9 बार की जीत और अब डिप्टी सीएम की कमान, जानें बिजेंद्र प्रसाद यादव का सियासी सफर

Wed, 15 Apr 2026 12:23 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल Published by: कोसी ब्यूरो Updated Wed, 15 Apr 2026 12:23 PM IST
सार

बिहार में अनुभवी नेता और नीतीश कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। 79 वर्षीय बिजेंद्र यादव ने सीएम सम्राट चौधरी के साथ शपथ ली। वे सुपौल जिले के रहने वाले हैं और लगातार 9 बार विधायक चुने जा चुके हैं।

Oldest minister Bijendra Prasad Yadav took oath as Deputy CM in Samrat chaudhary cabinet Supaul Bihar news
बिजेंद्र प्रसाद यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

    सुपौल विधानसभा सीट से लगातार नौ बार विधायक चुने गए बिजेंद्र प्रसाद यादव अब बिहार की नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं। सम्राट चौधरी कैबिनेट में शामिल 79 वर्षीय बिजेंद्र यादव अपने लंबे राजनीतिक अनुभव, सादगी और मजबूत प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। उनका राजनीतिक जीवन संघर्ष, विकास कार्यों और विवादों तीनों का मिश्रण रहा है।


    जन्म, शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि
    बिजेंद्र प्रसाद यादव का जन्म 10 अक्टूबर 1946 को सुपौल जिले के सरायगढ़ भपटियाही प्रखंड के मुरली गांव में हुआ। वे स्वर्गीय सुखराम यादव के पुत्र हैं। सुपौल नगर परिषद के वार्ड 04 में उनका स्थायी मकान है। उन्होंने वर्ष 1965 में वीरपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की।

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    राजनीतिक सफर और पहचान
    वर्ष 1990 से वे लगातार सुपौल विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। समर्थक उन्हें “कोसी का विश्वकर्मा” भी कहते हैं, क्योंकि उनके नाम क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर कई उपलब्धियां जुड़ी हैं। वे जेपी आंदोलन से जुड़े रहे और 1990 में जनता दल के टिकट पर पहली बार विधायक बने। इसके बाद से वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं और सुपौल की राजनीति में उनका गहरा प्रभाव माना जाता है।
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    मंत्री पद और प्रशासनिक अनुभव
    1991 से अब तक वे विभिन्न सरकारों लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी की कैबिनेट में मंत्री रहे हैं। वर्तमान में वे ऊर्जा और वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं।

    संपत्ति और आय का विवरण
    चुनावी हलफनामे के अनुसार बिजेंद्र यादव के पास 2.52 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 1.45 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। इसमें मुरली गांव की 6.07 एकड़ पैतृक जमीन भी शामिल है। उनके पास 20 ग्राम सोना और 120 ग्राम चांदी है, जबकि उनकी पत्नी के पास 45 ग्राम सोना और 800 ग्राम चांदी है। खास बात यह है कि उनकी पत्नी के पास पैन कार्ड नहीं है। उनकी आय का स्रोत विधायक-मंत्री वेतन, जेपी सेनानी पेंशन, कृषि और किराए से होने वाली आमदनी है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में उनकी सालाना आय 6.24 लाख रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर 14.74 लाख रुपये हो गई।

    कुशहा त्रासदी और इस्तीफा
    2008 में कोसी नदी की कुशहा त्रासदी के दौरान तटबंध टूटने से भारी तबाही हुई थी। उस समय बिजेंद्र यादव जल संसाधन मंत्री थे। स्थिति नियंत्रित न होने पर उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया। बाद में जांच आयोग ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। बिजेंद्र यादव अपने सख्त और सादगीपूर्ण अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 2025 चुनाव के दौरान उन्होंने नामांकन सभा में मात्र 50 सेकंड का संबोधन किया, जिसमें उन्होंने कहा, “अगर मैंने काम नहीं किया है तो मुझे वोट मत दीजिए, और अगर काम किया है तो आशीर्वाद दीजिए।”

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    चुनावी इतिहास में लगातार जीत का सिलसिला
    • 1995 में 51,417 वोटों से दूसरी बार जीत दर्ज की
    • 2000 में जदयू के टिकट पर राजद उम्मीदवार को हराया
    • 2005 (फरवरी और अक्टूबर दोनों चुनाव) में बड़ी जीत हासिल की
    • 2010 में 55,179 वोटों से जीत दर्ज की
    • 2015 में भाजपा उम्मीदवार को 37,997 वोटों से हराया (सबसे बड़ी जीत)
    • 2020 में कांग्रेस उम्मीदवार को 28,099 वोटों से हराया
    • 2025 में 1,09,085 वोट लेकर लगातार 9वीं बार विधायक बने
    • वर्तमान में उनके पास ऊर्जा और वित्त विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी है।
    (इनपुट- केशव, सुपौल)

     

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