NDA में शामिल हुई जेडीयू, शरद ने पूछा- क्या हुआ महागठबंधन को मिले 5 साल के जनादेश का?

amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Sat, 19 Aug 2017 05:09 PM IST
शरद यादव
शरद यादव - फोटो : ANI
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पटना में आयोजित जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के एनडीए में शामिल होने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई। नीतीश ने इस पर सहमति जताई जिसका बाकी सदस्यों ने भी समर्थन किया, इसके साथ ही पार्टी अब राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा की सहयोगी बन गई। जल्द ही जेडीयू कोटे से किसी नेता को केंद्र सरकार में मंत्री पद भी दिया जा सकता है।
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वहीं नीतीश कुमार के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए पार्टी नेता शरद यादव के बागी रुख यहां भी काम रहे। उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का बहिष्कार तो किया ही उसके विरोध में अलग बैठक का भी ऐलान कर दिया। जेडीयू के फैसले पर निशाना साधते हुए शरद यादव ने कहा कि जनता ने हमें पांच साल के लिए जनादेश दिया था जिसमें हमारी सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस जैसी पार्टियां थीं। फिर दूसरे दलों से हाथ क्यों मिलाया गया। शरद ने कहा कि महागठबंधन पांच साल का वादा था और इसलिए जनता ने हमें अमानत दी थी, घोषणापत्र दलों का ईमान होता है और कुछ लोगों ने यह ईमान खो दिया।
  वहीं शरद के बागी रुख के बाद उनके समर्थकों में भी आक्रोश है उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास का घेराव करते हुए जबरदस्त हंगामा किया। जिसके बाद काफी संख्या में पुलिस को मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में तैनात किया गया। इस दौरान शरद समर्थकों के साथ राजद समर्थक भी मौजूद रहे।

शरद यादव के तेवरों को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह अब आरपार की लड़ाई का मन बना चुके हैं, माना जा रहा है कि वह जल्द ही पार्टी पर भी दावा ठोंक सकते हैं।

वहीं इस लड़ाई में उनका साथ दे रहे राजद सुप्रीमो लालू यादव ने उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी पर निशाना साध दिया है। लालू ने सुशील पर तंज कसते हुए कहा कि वह वह भारी लुटेरा है, अनाप शनाप बाते करता है, हाफ पैंट पहनता था तब से जानता हूं। लालू ने आरोप लगाया कि घोटाले में अपनी जान बचाने के लिए ही दोनों ने पीएम मोदी के सामने अपनी नाक रगड़ी है।

समर्थकों के साथ बैठक करने के लिए पटना पहुंचे शरद यादव

वहीं इससे पहले पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी में कोई दरार नहीं है। हम शरद यादव से लिखित रूप में चाहते हैं कि वह पार्टी के फैसले से सहमत नहीं है। उन्होंने बताया कि शरद यादव को भी पार्टी की बैठक में हिस्सा लेेने के लिए बुलाया गया था लेकिन वह नहीं पहुंचे।त्यागी ने कहा कि हम चाहते थे कि शरद यादव पार्टी की बैठक में आएं और जो भी मतभेद हैं उन्हें आमने सामने बैठकर हल कर लें।  
 


पढ़ें: नीतीश की पार्टी में दो फाड़: 14 राज्य अध्यक्षों के साथ शरद यादव ठोकेंगे असली JDU पर दावा!

दूसरी ओर नीतीश द्वारा बुलाई गई बैठक से इतर शरद यादव ने भी एक अन्य बैठक बुलाई है। वह अपने करीबी नेताओं के साथ पटना के एमके मेमोरियल हॉल में जन अदालत नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन करेंगे। इस बैठक के बाद ये साफ हो जाएगा की जेडीयू में दो भागों में टूटेगी या नहीं। माना जा रहा है कि शरद यादव जेडीयू पर दावा करने जैसा कदम भी उठा सकते हैं। जिसके बाद साफ है कि यह मुद्दा चुनाव आयोग के दरबार में भी पहुंच सकता है। बैठक में भाग लेने के लिए शरद यादव पटना पहुंच चुके हैं।
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