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Bihar: 14 बीघा जमीन विवाद में हुई गुंजन खेमका की हत्या, अब उद्योगपति गोपाल खेमका मर्डर की वजह तलाश रही पुलिस

Sat, 05 Jul 2025 04:25 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वैशाली Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sat, 05 Jul 2025 04:25 PM IST
सार

पटना में उद्योगपति गोपाल खेमका की शुक्रवार रात सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पहले 2018 में उनके बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में गोली मारकर हत्या की गई थी। दोनों मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी तो हुई, लेकिन परिजनों ने पुलिस जांच पर असंतोष जताया। अब दोहरे हत्याकांड से बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
 

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14 बीघा जमीन विवाद में हुई गुंजन खेमका की हत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

    बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात में बड़े उद्योगपति गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना रात में गांधी मैदान थाना क्षेत्र के पास घटी, जब अपराधियों ने उनके सिर में गोली मार दी। इस हत्या के बाद राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। साथ ही राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी सात साल पहले ठीक इसी तरह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।


    बेटे गुंजन खेमका की हत्या 18 दिसंबर 2018 को वैशाली जिले के हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में हुई थी। अपराधियों ने दिनदहाड़े उनकी फैक्ट्री के गेट पर गोली मार दी थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। मामले में मुख्य शूटर अभिषेक कुमार मस्तू को भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि जेल से रिहा होने के कुछ ही समय बाद पटना में उसकी भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। अभिषेक का साथी चीकू को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

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    बताया गया था कि गुंजन खेमका की हत्या 14 बीघा जमीन के विवाद को लेकर हुई थी। परिजनों ने उस समय हत्या की धमकी मिलने की बात भी कही थी, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। हालांकि पुलिस ने मामले को जल्द बंद कर दिया और चार्जशीट दाखिल कर दी, लेकिन परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना था कि कई अन्य अपराधियों की भूमिका को नजरअंदाज किया गया और केस को रफा दफा करने की कोशिश हुई। अब पिता गोपाल खेमका की हत्या ने एक बार फिर पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
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