ग्राउंड रिपोर्ट : बिहार की बाजी- पलायन युवा की मजबूरी, मगर नहीं बनता चुनावी मुद्दा

अमर उजाला, पटना  Updated Sun, 18 Oct 2020 07:02 AM IST
विज्ञापन
bihar election- lockdown
bihar election- lockdown - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
अमथुआ गांव के करीब 450-500 लोग रोजी रोटी के लिए विदेशों में या दूसरे प्रदेशों में इस समय भी बाहर हैं। यहां के हर युवा के दिमाग में है कि उसे गुजारे के लिए पलायन करना ही पड़ेगा।
विज्ञापन

एक समय बदहाली के बुरे दौर से गुजरने वाला बक्सर जिले के अमथुआ गांव के दिन तब बहुरे जब यहां  के रहने वाले श्याम लाल कुशवाहा ने युवाओं को काम के लिए खाड़ी देशों में भेजने के लिए एक प्लेसमेंट एजेंसी शुरू की।
श्याम लाल को इस काम के लिए युवाओं को खोजने के लिए कोई दिक्कत नहीं आई। लोगों को विदेशों में भेजने के लिए श्यामलाल ट्रेनिंग दिलाते हैं,  पिछले 30-35 वर्षों में करीब 55 हजार लोगों को खाड़ी देशों में भेज चुके हैं।
बक्सर जिला मुख्यालय से लगभग 25 किमी दूरर अमथुआ गांव में अपने बड़े घर में बैठे श्याम लाला बताते हैं, जब वो मुंबई में नौकरी कर रहे थे तो मन में आया कि मुझे सबसे पहले अपने गांव की गरीबी दूर करनी है।

और फिर लोगों को विदेशों में भेजने का काम शुरू कर दिया। वह कहते हैं, कोई सरकार आए इतनी सरकारी नौकरियां नहीं पैदा कर पाएगी कि सभी को रोजगार दिया जा सके।

50 फीसदी से अधिक घरों से पलायन 80 फीसदी के पास जमीन कम
एक रिपोर्ट के अनुसार बिहार के 50 फीसदी से अधिक घरों से लोगों को रोजी रोटी के लिए देश विदेश में पलायन करना पड़ता है। जीविका के लिए ज्यादातर घर बाहर से भेजे गए पैसों पर ही निर्भर रहते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार पलायन करने वाले लोगों की औसत आयु 32 साल की होती है। 80 फीसदी पलायन करने वाले लोगों के पास जमीन नहीं होती या एक एकड़ से कम।

बाहर के पैसे से गांव में समृद्धि
अमथुआ गांव मं घुसने पर समृद्धि दिखती है क्योंकि जो लोग विदेश गए हैं, वे अपने परिवार के लिए पैसे भेजते हैं, जिससे उनका गुजारा चलता है। युवा चाहते हैं कि उन्हें अपने देश में ही नौकरी मिले।

युवा प्रदीप कुमार ने बहरीन जाना इसलिए बेहतर समझा कि उन्हें पटना में बहुत कम पैसे मिल रहे थे। लॉकडाउन में बहरीन से लौटे प्रदीप बताते हैं, बिहार में कोई बड़ी कंपनी आना नहीं चाहती, इसलिए बाहर जाना मजबूरी है। जाति धर्म पर नेता वोट डलवाते हैं।

 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X