झारखंड में आदिवासियों का दर्द सहलाने के बाद पटना पहुंचे अमित शाह

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Updated Thu, 12 Jul 2018 11:02 AM IST
nitish kumar, Amit sahah
nitish kumar, Amit sahah
ख़बर सुनें
झारखंड में आदिवासियों का दर्द सहलाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पटना पहुंच चुके हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्य गेस्ट हाउस पहुंच चुके हैं और अब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ नाश्ता कर रहे हैं। ब्रेकफास्ट टेबल पर कई बीजेपी नेता भी मौजूद हैं।
इस दौरान ज्ञान भवन में उनकी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ तीन-तीन बैठकें होंगी, जबकि सुबह नाश्ते व रात में खाने पर उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री नीतीश से होनी तय है। इससे ये संभावना बन रही है कि आज बिहार की चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। 
 



सूत्रों की माने तो जदयू कार्यकारिणी के बाद सीट बंटवारे पर हुई बयानबाजी के आधार पर शाह दोनों पार्टियों को साथ मिलकर काम करने की सहमति बनाने वाला फार्मूला लेकर आ रहे हैं। 

हालांकि जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार का चेहरा ही बिहार में एक ऐसा चेहरा है, जो सभी जगहों पर समान रूप से लोकप्रिय है। 

मालूम हो कि 2014 लोकसभा चुनाव में राजग उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार में बंटी 40 सीटों में कुल 31 सीटें जीता था, जबकि अलग चुनाव लड़े जदयू को 2 सीट मिली थी। अब जदयू के भी राजग का हिस्सा होने से 33 सीटें इनके कब्जे में हैं। 

बाकी की सात सीटों पर राजद, कांग्रेस और दूसरे दल काबिज हैं। माना जा रहा है कि अमित शाह इन्हीं 7 सीटों के जरिए नीतिश को सहमत करने का फार्मूला आजमाने जा रहे हैं। 

विपक्ष की टिकी नजर

महागठबंधन के सभी घटक दलों की अमित शाह की पटना यात्रा पर नजर टिकी है। एनडीए के घटक दल रालोसपा को भी इसके नतीजे का इंतजार है। वहीं जद(यू) के वरिष्ठ नेता इसे बहुत निर्णायक बैठक नहीं मान रहे हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ सूत्र का कहना है कि भाजपा के साथ हमारा मुख्य मुद्दा सीटों के बंटवारे का है। बिहार में जद(यू) भाजपा से बड़ी और बड़े जनाधार वाली पार्टी है। इसलिए आगामी लोकसभा चुनाव में जद(यू) भाजपा के बराबर सीटों पर ही चुनाव लड़ना चाहती है।

हमारा और हमारे नेता नीतीश कुमार का एजेंडा साफ है। नीतीश कुमार ने एनडीए में बने रहने की घोषणा कर दी है। सूत्र का कहना है कि गेंद भाजपा अध्यक्ष के पाले में है। उन्हें बताना है कि वह कितना गठबंधन धर्म निभाना चाहते हैं। इसलिए जद(यू) राज्य की 40 लोकसभा सीटों के घटक दलों में बंटवारे को लेकर भाजपा के प्रस्ताव का इंतजार कर रही है।

महागठबंधन प्रसन्न है

एनडीए के खेमे में तकरार से महागठबंधन खेमा प्रसन्न है। उसकी प्रसन्नता का एक बड़ा कारण नीतिश कुमार की छवि का फंस जाना है। नीतीश कुमार ने पिछला विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ा था। महागठबंधन को बहुमत मिला, सरकार बनी और बाद में नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) ने महागठबंधन से नाता तोड़ लिया। इसे राजद नेता लालू प्रसाद यादव ने पीठ में छूरा घोपना करार दिया था।

पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद ने जद(यू) का विश्वासघात बताकर कड़ी आलोचना की थी और जद(यू) के वरिष्ठ नेता शरद यादव तथा कुछ राज्यसभा सदस्यों, नेताओं ने विरोध करते हुए पार्टी से बगावत कर दी थी। अब इस सभी कुनबे को नीतीश कुमार के साथ भाजपा के नये समीकरण का इंतजार है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Chandigarh

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों समेत 7 लोगों को मारने वाली पर नहीं कर सकते रहम: हाईकोर्ट

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों और दादी समेत सात लोगों की हत्या करने वाली पर रहम नहीं किया जा सकता। उसकी और उसके प्रेमी की मौत की सजा बरकरार रहेगी।

18 जुलाई 2018

Related Videos

बिहार में किन्नर करेंगे महिलाओं की सुरक्षा!

बिहार में जल्द ही आपको किन्नर महिलाओं की सुरक्षा करते नजर आएंगे। पटना में हुए लोकसंवाद कार्यक्रम मंष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ये सुझाव दिया गया कि महिला रिमांड रूम और शॉर्ट स्टे रूम पर किन्नरों को सुरक्षा गार्ड के तौर पर तैनात किया जाए।

18 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen