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शिवराज सिंह हुए कोरोना संक्रमित तो दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने ली चुटकी

भोपाल में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 25 इलाकों में 29 जुलाई तक लॉकडाउन

कोरोना वायरस अब महानगरों से फैलकर छोटे शहरों में बढ़ रहा है। यहां तक कि कोरोना ने गांवों और कस्बों में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। इधर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना के एक दिन में 95 मामले सामने आए, जिसके बाद शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,867 हो गई है। 


कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने 25 इलाकों में 24 जुलाई तक लॉकडाउन लागू करने का एलान कर दिया है। बता दें कि शहर में पहले ही दो दिन का साप्ताहिक लॉकडाउन लगा रहता है, जिसमें शनिवार और रविवार के दिन पूरा शहर बंद रहता है।

अब प्रशासन की ओर से एक बार फिर लॉकडाउन लागू करने के बाद इन इलाकों के लोगों को 26 जुलाई तक लॉकडाउन में ही रहना होगा। ये आदेश मंगलवार रात आठ बजे से प्रभावी हो गए हैं लेकिन लालघाटी, भेल, शिवाजी नगर समेत कुछ दूसरे इलाकों में यह व्यवस्था गुरुवार रात से लागू होगी। 

हर क्षेत्र के एसडीएम अपने क्षेत्र में बढ़ने वाले कोरोना के मामलों के आधार पर फैसला लेंगे। इसके अलावा शहर में रात आठ बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। एसडीएम सतीश कुमार एस ने बताया कि लॉकडाउन से शहर में दो लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित होगी। 

भेल क्षेत्र के एसआरजी केंपस, युगांतर कॉलोनी, रीगल टाउन, अवंतिका एवेन्यू, रीगल होम्स, रीगल कस्तूरी में 23 से 29 जुलाई तक लॉकडाउन रहेगा। इसके अलावा लालघाटी क्षेत्र के ग्लोबस ग्रीन एकर में गुरुवार से लॉकडाउन रहेगा।

अरेरा कॉलोनी और शिवाजी नगर के कुछ कमर्शियल इलाकों में 23 जुलाई से लॉकडाउन रहेगा। हालांकि यह इलाके कौन से होंगे और वहां कब तक लॉकडाउन रहेगा, इस पर बुधवार को फैसला किया जा सकता है। इसके अलावा कमला नगर में संपूर्ण लॉकडाउन है। 

कोतवाली, मंगलवारा और हनुमानगंज क्षेत्र में न्यू इतवारा रोड, जुमेरती, काजीपुरा, कुम्हारपुरा, लखेरापुरा, खजांची गली, लोहा बाजार, नूर महल रोड, इब्राहिमपुरा चौक जैन मंदिर, गुर्जरपुरा, सिलावटपुरा में मंगलवार रात से लॉकडाउन लगा दिया गया है। मंगलवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने यहां का दौरा किया।

लॉकडाउन के दौरान लोगों को राहत
  • क्षेत्र में बैनर लगाए जाएंगे जिसमें सम्मानित व्यवसायियों के नंबर लिखे होंगे, इनपर कॉल करके सामान मंगाने की सुविधा रहेगी
  • किराना, दूध और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति नगर निगम करेगा
  • निगम के जोन और वार्ड प्रभारी से संपर्क कर सहायता मांगी जा सकती है
  • अखबार बांटने की छूट रहेगी
     
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मध्यप्रदेश में किसान दंपति से मारपीट मामले में कलेक्टर और एसपी हटाए गए, विपक्ष का हमला जारी

संघ प्रमुख और विहिप नेता दो दिवसीय बैठक के लिए पहुंचे भोपाल

मोहन भागवत (फाइल फोटो) मोहन भागवत (फाइल फोटो)

मध्यप्रदेश: निजी अस्पताल में कोरोना का इलाज करवा सकते हैं सरकारी कर्मचारी, सरकार करेगी भुगतान

मध्यप्रदेश की सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी योजना की घोषणा की है। सरकार ने एलान किया है कि अगर प्रदेश का कोई सरकारी कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाता है तो वो अपना इलाज किसी भी निजी अस्पताल में करा सकता है, इसका भुगतान सरकार करेगी।


सरकार की घोषणा के मुताबिक सरकारी कर्मचारी और उनके परिजन कोरोना का इलाज निजी अस्पतालों में करवा सकेंगे। उनके इलाज में लगने वाली दवा फेविपिरावियर और इंजेक्शन रेमडेसिविर जैसी महंगी दवाइयों समेत पूरे इलाज का खर्चा सरकार वहन करेगी।

इसके लिए कर्मचारी अपना सारा हिसाब-किताब अपने विभाग के माध्यम से जिले के सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षक को भेजेगा और यहीं से मेडिकल बिलों का भुगतान किया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था मध्यप्रदेश के केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए ही है। 

प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त संजय गोयल ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश में कहा गया है कि अगर सरकारी कर्मचारी सामान्य परिस्थितियों में बीमार होते हैं, तो उन्हें सरकार से अनुबंधित 101 निजी अस्पतालों में इलाज की सुुविधा मिलेगी। वहीं अगर कोरोना मरीज सरकारी अस्पतालों में इलाज कराएगी तो इसका भुगतान सरकार नहीं करेगी।

इसके अलावा कांग्रेस सरकार में 12 लाख सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और अध्यापकों के लिए बनी स्वास्थ्य बीमा योजना को अब संशोधित रूप में लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत अफसरों से एक हजार रुपये, कर्मचारियों से 500 रुपये, चौथी श्रेणी के कर्मचारियों से 400 रुपये हर महीने बीमा के प्रीमियम के तौर पर लिए जाते, जिससे सरकार को हर साल 400 करोड़ रुपये मिलते लेकिन कर्मचारी प्रीमियम की राशि देने का तैयार नहीं हुए।

अब मध्यप्रदेश सरकार इस योजना को संशोधित कर प्रीमियम की राशि कम करके नए रूप में योजना को लाने की तैयारी कर रही है।
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जामताड़ा जैसे मॉडल पर मध्य प्रदेश के जिलों में ऑनलाइन ठगी, चार आरोपी गिरफ्तार

झारखंड के जामताड़ा की तर्ज पर मध्य प्रदेश की साइबर सेल ने एक बड़े अंतरराज्यीय ठग के भांडाफोड़ का दावा किया है। इस ऑनलाइन धोखेधड़ी करने वाले लोगों को लॉजिस्टिक सहयोग दिया जाता था, उन्हें झूठी और गलत आईडी पर जारी किए गए सिम कार्ड दिए जाते थे।


मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पुलिस ने ऐसे चार लोगों को गिरफ्तार किया है, इसमें टेलीकॉम सर्विस कंपनी के तीन रिटेलर और एक डिस्ट्रीब्यूटर शामिल है। ये लोग दिल्ली और दूसरे राज्यों के ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के लिए लॉजिस्टिक आपूर्तिकर्ता का काम करते थे।

पुलिस ने बताया कि अभी इस गिरोह के कुछ लोग फरार हैं। दरअसर भोपाल के एक व्यापारी ने जनवरी में एक क्रेडिट कार्ड फ्रॉड की शिकायत की थी, जिसकी पुलिस जांच कर रही थी। जांच में जिस आरोपी को पकड़ा उसके पास से दो हजार से ज्यादा सिम कार्ड बरामद किए गए जो अलग-अलग आईडी पर जारी किए गए थे।

पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में झारखंड के जामताड़ा जैसा मॉडल देखा जा रहा है, इसमें शिवपुरी, शियोपुर, गुना और भिंड शामिल हैं। भोपाल के साइबर सेल के एसपी गुरकरण सिंह का कहना है कि 15 जनवरी को भोपाल के निवासी योगेश सूद ने एक शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में कहा गया कि योगेश को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था, कॉल पर महिला बात कर रही थी और खुद को क्रेडिट कार्ड कंपनी का बता रही थी। महिला ने योगेश ने क्रे़डिट कार्ड की सीमा बढ़ाने को कहा और एक लिंक दिया। महिला ने कहा कि इस लिंक पर जाकर सभी प्रक्रिया पूरी करनी है।

योगेश सूद की शिकायत में आगे कहा गया कि जैसे ही उन्होने लिंक पर क्लिक किया, उनके खाते से 1.22 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए। योगेश सूद की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी। जांच में पता चला कि योगेश के खाते से पैसा 12 ऑनलाइन वॉलेट में ट्रांसफर किया गया था।

जांच में पुलिस को पता चला कि जिस नंबर से योगेश पर कॉल आती हैं और जिन ऑनलाइन वॉलेट में पैसा ट्रांसफर हुआ है वो मध्य प्रदेश के अलग-अलग पतों पर रजिस्टर हैं। पुलिस ने एक टीम को शिवपुरी भेजा, जहां से टेलीकॉम कंपनी के रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटर को हिरासत में लिया गया।

जांच अधिकारी अभिषेक सोनेकर ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी आईडी और आधार कार्ड बनाने की बात कबूली है। आरोपियों ने गांव वालों की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रमाण पत्रों के आधार पर ये फर्जी आईडी बनाई और जामताड़ा के मॉडल पर फिशिंग का कारोबार किया।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में सतीश दुबे नाम का एक बिचौलिया भी था, जो फर्जी सिम कार्ड बेचने और बनाने में आरोपियों की मदद करता था। फिलहाल सतीश जेल में है।
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खेल-खेल में परदा बना गले का फंदा, परदे में लिपटने से दस साल के बच्चे की मौत

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दर्दनाक घटना हुई है, एक दस साल का बच्चा खेल-खेल में फांसी के फंदे का शिकार हो गया। ऋतिक शर्मा अपने घर में परदे से खेल रहा था, तभी वो परदा बच्चे के लिए फांसी का फंदा बन गया और कुछ दिन बाद बच्चे की मौत हो गई।


परदे से खेलते समय बच्चा अचानक परदे में लिपट गया, जिसके बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो उसके परिवार वाले उसे हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में दस दिन तक बच्चे का इलाज चला लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा पाए। जांच अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि ऋतिक अपने परिवार के साथ अयोध्या नगर स्थित भवानीधाम फेज-1 में रहता था।

ऋतिक चौथी कक्षा में पढ़ता था और उसके पिता निजी नौकरी करते हैं। एसआई ने बताया कि 29 अगस्त को ऋतिक अपनी मां के साथ खेल रहा था, मिनी पियानो बजा रहा था और बहन दूसरे कमरे में थी। खेल के दौरान ऋतिक परदे से लिपटकर खेल रहा था, जिसके बाद परदे से उसका गला जकड़ गया और वो बेहोश हो गया।

जब उसकी मां ने परदे से लिपटा देखा तो वो चिल्लाई और तुरंत अपने बच्चे को अस्पताल ले गई। बच्चे का शुरुआती इलाज पिपलानी स्थित इंद्रपुरी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था लेकिन बुधवार को बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसे हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टर ने बच्चे के चेक-अप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि परदे की जकड़न से बच्चे की गर्दन की हड्डी टूट गई थी।
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ग्वालियर-चंबल संभाग में कमलनाथ, दिग्विजय से ज्योतिरादित्य लड़ेंगे राजनीतिक वर्चस्व की जंग

परदा बना फांसी का फंदा
230 सदस्यों की मध्यप्रदेश विधानसभा में करीब 27 सीटों पर उपचुनाव होना है। एक सीट को छोड़ दें तो 26 सीट पर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी चुनाव जीते थे। जिनमें से 22 पार्टी के बागी नेता ज्योतिरादित्य के साथ भाजपाई हो गए। अब इन सीटों का उपचुनाव पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और भाजपा के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए नाक का सवाल बन गया है। पिछले चार विधानसभा चुनावों के बाद यह पहला अवसर है जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास राज्य की कमान है और चुनाव के महारथी ज्योतिरादित्य सिंधिया है। केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर सिंधिया के साथ चुनाव में सफलता की बड़ी जिम्मेदारी उठा रहे हैं और राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी अभी पिक्चर से गायब हैं।
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भोपाल के चिरायु हॉस्पिटल में भरा पानी, परिसर से लेकर पार्किंग तक डूबी

राजगढ़ में शहीद की अंतिम विदाई के दौरान हादसा, छत गिरने से मची अफरातफरी

भोपाल : प्रेमिका की हत्या कर घर में ही बना ली थी कब्र, अब मिली उम्रकैद की सजा

कई बार ऐसी खबरें पढ़ी और सुनी होंगी कि कोई शख्स किसी टेलीविजन सीरियल या फिल्म को देखकर अपराध करने के तरीके सीखता है। इसी बात को सच साबित करता है मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हुआ एक किस्सा। अपनी प्रेमिका का गला दबाकर हत्या करने वाले सीरियल किलर उदयन दास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। 


फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को दोपहर उदयन को ये सजा सुनाई। दरअसल, ये मामला 15 जुलाई 2016 का है, जब उदयन ने गहरी नींद में सो रही अपनी प्रेमिका आकांक्षा का तकिए से दम घोंट दिया था और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।

चीफ पब्लिक प्रोसिक्यूटर अरुण कुमार चटर्जी ने बताया कि बुधवार करीब दोपहर 12 बजे इस फैसले को सुनाया गया। बांकुरा पुलिस ने उदयन के खिलाफ 30 अप्रैल 2017 को 600 पेज की चार्जशीट अदालत में पेश की थी और सितंबर 2017 में उसके खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे।

इस मामले में 19 गवाहों के बयान और साक्ष्य उदयन के खिलाफ थे। उदयन ने अपनी प्रेमिका की हत्या करने के बाद उसका शव एक संदूक में रखा दिया और उस संदूक के ऊपर सीमेंट का चबूतरा बना दिया। उदयन ने बताया कि एक इंग्लिश चैनल देखकर उसे ये आइडिया मिला। उदयन इंग्लिश चैनल पर अपराध से संबंधित सीरियल देखता था। 

उदयन ने वॉकिंग डेथ नाम की एक ऐसी ही मर्डर मिस्ट्री देखी थी। उदयन ने हत्या के बाद शव को उठाकर दूसरे कमरे में रख दिया एक पुराने बक्से को खाली कर उसमें शव को डाल दिया। इसके बाद उसने बक्से को चारों और से सीमेंट से ढक दिया और उस पर एक चबूतरा बना दिया। इसके लिए उदयन ने 14 बोरी सीमेंट का इस्तेमाल किया था। 

आकांक्षा साल 2016 के जून महीने में नौकरी की बात कहकर बांकुरा से भोपाल आई थी। अगले साल जनवरी 2017 के पहले हफ्ते में आकांक्षा के परिवार वालों ने बांकुरा थाने में आकांक्षा की गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया। बांकुरा की पुलिस के साथ आकांक्षा के पिता शिवेंद्र शर्मा भोपाल आए थे।

इसके अलावा उदयन दास पर अपने माता-पिता की हत्या करने का भी आरोप है। उदयन अपने माता-पिता की इकलौती संतान है और वो उनके साथ रायपुर में रहता था। उदयन के पिता भेल में और माता सरकारी विभाग में काम करती थीं। साल 2010 में उदयन ने अपने माता-पिता की हत्या कर दी थी और उनके शवों को घर के बगीचे में दफना दिया था। इस मामले में अभी रायपुर कोर्ट का फैसला आना बाकी है।
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दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के बाद महिला लापता, आरोपी छोड़ पीड़िता को ढूंढ रही पुलिस

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक महिला दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के बाद लापता हो गई। भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां पुलिस दुष्कर्म के आरोपी को ना ढूंढकर पीड़िता की तलाश कर रही है। रिपोर्ट लिखाने के बाद महिला ने बताया कि उसे टायफाइड हो गया था, जिसके बाद वो अस्पताल में भर्ती हो गई थी।


पुलिस ने जब महिला से अस्पताल की जानकारी ली तो उसने फोन काट दिया और उसके बाद से महिला का फोन बंद आ रहा है। अब पुलिस महिला की तलाश कर रही है। यह मामला निशातपुर थाने का है, विवेचना अधिकारी उर्मिला यादव ने बताया कि एक 37 वर्षीय महिला निजी कंपनी में काम करती थी।

महिला ने 21 अगस्त को दुष्कर्म का मामला पुलिस थाने में दर्ज कराया था। शिकायत के दौरान महिला ने बताया कि दफ्तर जाने के लिए उसने दो साल पहले ऑटो लगवाया था, उसके ऑटो चालक का नाम रमेश कुशवाहा था और वो रोज रोजाना दफ्तर ले जाया करता था।

महिला ने बताया कि छह अगस्त को रमेश उसे बातों में उलझाकर बैरसिया रोड पर स्थित आशियाना कॉलोनी ले गया। महिला ने बताया कि यहां रमेश ने उसकी साथ बदतमीजी की। रमेश ने उस महिला को जान से मारने की धमकी दी, इसलिए वो चुप रही लेकिन बाद में महिला ने शिकायत करने का फैसला किया।

पुलिस के मुताबिक एफआईआर दर्ज कराने के बाद महिला घर चली गई, ज्यादा जानकारी के लिए महिला से फोन पर संपर्क किया गया। पुलिस ने उससे घटनास्थल के बारे में पूछताछ की लेकिन वो ज्यादा कुछ नहीं बता पाई। पुलिस ने बताया कि उसे ज्यादा याद नहीं था, वो मकान किसका था वो भी नहीं बता पाई।

पुलिस ने जब अस्पताल को लेकर जानकारी लेनी चाही तो महिला ने फोन ही बंद कर दिया। इसके बाद से पुलिस महिला की तलाश कर रही है।
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