विज्ञापन
विज्ञापन

ऑटो कंपनियों के लिए बड़ी राहत, सरकार ने टाला रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी का फैसला

ऑटो डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 22 Aug 2019 02:51 PM IST
China Car Plant
China Car Plant - फोटो : Nikkei
ख़बर सुनें
सरकार ने ऑटो सेक्टर में छाई मंदी को दूर करने के लिए एक प्रभावी कदम उठाया है। सरकार ने फिलहाल के लिए पेट्रोल और डीजल वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी के फैसले पर पुर्नविचार करने का फैसला किया है। ऑटो इंडस्ट्री लंबे वक्त से इस बढ़ोतरी को टालने का प्रयास कर रही थी।

कारों की रजिस्ट्रेशन फीस 5,000 रुपये तक करने का प्रस्ताव

पिछले महीने सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राफ्ट अधिसूचना जारी करके इंटरनल कंबशन इंजन वाली कारों की रजिस्ट्रेशन फीस में 5,000 रुपये तक करने का प्रस्ताव दिया था। फिलहाल यह राशि 600 रुपये है। इसके अलावा इंटरनल कंबशन इंजन वाली कारों के रजिस्ट्रेशन री-न्यू करवाने की फीस बढ़ाकर 15000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया था।

सरकार पड़ी ढीली

सूत्रों का कहना है कि ऑटो इंडस्ट्री की चिंताओं को देखते हुए सरकार अब सक्रिय तौर पर फीस बढ़ोतरी को लेकर ज्यादा सक्रिय नहीं है। ऑटो कंपनियों ने सरकार से गुहार लगाई थी कि उन्हें मंदी से उबारने के लिए सरकार कोई पैकेज जारी करे। इंडस्ट्री ने जीएसटी की दरों में कमी के साथ रजिस्ट्रेशन फीस समेत दूसरे शुल्कों को कम करने की मांग की थी।

वित्त मंत्री से मिला था ऑटो सेक्टर

इसके लिए ऑटो कंपनियों ने वित्त मंत्री निर्मता सीतारमन से मुलाकात कर इंडस्ट्री के मौजूदा हाल से अवगत कराया था। जिसके बाद वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री से भी इसे लेकर चर्चा की थी। इस साल जुलाई में यात्री वाहनों की बिक्री में 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई है, जब बिक्री घटकर 18.71 फीसदी तक पहुंच गई है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन यानी सियाम के आंकड़ों के मुताबिक पहले सात महीनो में यात्री वाहनों की बिक्री में 13.2 फीसदी लगभग 17 लाख यूनिट्स की गिरावट आई थी।

इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट

26 जुलाई को जारी दूसरी ड्राफ्ट अधिसूचना में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस में छूट देने का प्रस्ताव दिया गया था। वहीं पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों पर फीस बढ़ाने की बात कही गई थी, ताकि लोग हतोत्साहित हों और इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ रुख करें।

दोपहिया वाहनों पर रजिस्ट्रेशन फीस 1,000 रुपये

सूत्रों का कहना है कि हालांकि सड़क, परिवहन मंत्रालय के इस मसौदे पर फैसला 26 अगस्त को होगा, क्योंकि इसका एक महीना पूरा होने वाला है। वहीं फीस बढ़ोतरी पर फैसला दो महीने से पहले नहीं होने वाला है, तब तक पुरानी फीस ही जारी रहेगी। सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक पेट्रोल और डीजल से चलने वाले दोपहिया वाहनों पर रजिस्ट्रेशन फीस 1,000 रुपये, तिहपिया वाहनों पर 5,000 रुपये और कमर्शियल लाइट मोटर व्हीकल्स पर 10,000 और मध्यम श्रेणी के भारी वाहनों और यात्री वाहनों पर 20,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस की जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय
Invertis university

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
Astrology Services

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
सबसे विश्वशनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Auto News

कार संस्कार: कार में भूल कर भी इन चीजों को न करें अनदेखा, वरना पड़ सकता है बहुत महंगा

अगर आप अपनी कार का रख-रखाव सही तरीके से करेंगे तो कार लम्बे समय तक आपका साथ निभाएगी और ब्रेक डाउन जैसी समस्या भी नहीं होगी। लेकिन कार में कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें नजरअंदाज करना बेहद नुकसान दायक साबित हो सकता है।

21 सितंबर 2019

विज्ञापन

जीएसटी की दरों में बड़ा बदलाव, जानें किस पर मिली राहत, किससे बढ़ेगा जेब पर बोझ

जीएसटी काउंसिल ने शुक्रवार शाम अर्थव्यवस्था की सुस्ती को दूर करने के लिए किये जा रहे उपायों की मांग के बीच कई वस्तुओं पर कर की दर में कटौती करने का एलान किया।

20 सितंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree