दक्षिण अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की बेटी जिंजी मंडेला का सोमवार को 59 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जिंजी मंडेला डेनमार्क में दक्षिण अफ्रीका की राजदूत के तौर पर सेवाएं दे रही थीं। जिंजी नेल्सन मंडेला और विनी मंडेला की दूसरी संतान थीं।
सरकारी टेलीविजन साउथ अफ्रीका ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन से मिली जानकारी के अनुसार जिंजी मंडेला का सोमवार सुबह जोहानिसबर्ग के एक अस्पताल में निधन हो गया।
जिंजी साल 1985 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों की नजरों में तब आईं जब श्वेत अल्पसंख्यक सरकार ने नेल्सन मंडेला को कैद से रिहा करने की इस शर्त पर पेशकश की कि वह रंगभेद के खिलाफ अपने आंदोलन, अफ्रीका नेशनल कांग्रेस, द्वारा की गई हिंसा की निंदा करें।
दक्षिण अफ्रीका में उस वक्त रंगभेद का कट्टर भेदभाव प्रभावी था। जिंजी मंडेला ने एक सार्वजनिक बैठक में इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए अपना पत्र पढ़ा था। इस बैठक का प्रसारण पूरी दुनिया में हुआ था।