फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वोलोदिमिर जेलेंस्की का पेरिस दौरा: यूरोपीय नेताओं से मुलाकात करेंगे, व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाएगी नई रणनीति?

Mon, 13 Jul 2026 05:37 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस।

सार

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की रूस के खिलाफ समर्थन जुटाने के लिए पेरिस में यूरोपीय नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इस बैठक में यूक्रेन की हवाई सुरक्षा और युद्ध की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
वोलोदिमिर जेलेंस्की, यूक्रेनी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एक्स/वोलोदिमिर जेलेंस्की
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की सोमवार को पेरिस पहुंचे। वहां वह रूस के हमले के खिलाफ यूक्रेन की मदद कर रहे करीब दो दर्जन यूरोपीय नेताओं से बातचीत करेंगे। यह जंग अब पांचवें साल में प्रवेश कर चुकी है।  
विज्ञापन


यूरोपीय देशों के विदेश मंत्री भी अलग से ब्रसेल्स में बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में यूक्रेन की जरूरतों और रूस से यूरोप को पैदा हुए खतरों पर चर्चा होने की उम्मीद है। 

क्या यूक्रेन को मिल रही है जंग में बढ़त?
यूक्रेन और उसके यूरोपीय समर्थक जंग खत्म करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बातचीत के लिए दबाव बनाना चाहते हैं। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के सालभर के शांति प्रयासों के बावजूद मॉस्को ने समझौता करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।  
विज्ञापन


विश्लेषकों और पश्चिमी अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में ड्रोन तकनीक में यूक्रेन की प्रगति ने उसे बढ़त दिलाई है। उनका कहना है कि यूक्रेन के हमलों ने मोर्चे के पीछे रूस की आपूर्ति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। इससे रूसी सेना की आगे बढ़ने की गति धीमी हुई है और उसे ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।

क्रीमिया पर हमले से रूस को कितना नुकसान?
यूक्रेनी सेना ने खास तौर पर क्रीमिया को मिलने वाली आपूर्ति को निशाना बनाया है। इससे काला सागर स्थित इस क्षेत्र में ईंधन का सबसे बड़ा संकट पैदा हुआ है। रूस ने 2014 में क्रीमिया को गैरकानूनी तरीके से अपने कब्जे में ले लिया था। यूक्रेन के इन हमलों से क्रेमलिन के उस दावे को भी झटका लगा है कि रूस जंग जीत रहा है।

यूक्रेन को हवाई सुरक्षा की जरूरत क्यों?
जेलेंस्की जल्द से जल्द यूरोपीय देशों के साथ मिलकर बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव करने वाली हवाई सुरक्षा प्रणाली विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाना चाहते हैं। यह प्रणाली यूक्रेन के बिजली ढांचे पर रूस के विनाशकारी हमलों को रोकने में मदद कर सकती है।

हाल ही में रातभर हुए हमलों के बाद सोमवार को जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा, दुनिया में हर कोई देख रहा है कि यूक्रेन को ज्यादा हवाई सुरक्षा और लोगों की जिंदगी की ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है।  

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पिछले हफ्ते यूक्रेन को पैट्रियट हवाई सुरक्षा प्रणाली बनाने का लाइसेंस देने की घोषणा कीव के लिए बड़ी सफलता साबित हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों और यूक्रेनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस योजना को असली हथियारों में बदलने में कई साल लग सकते हैं।

पेरिस बैठक से रूस को क्या संदेश देना चाहता है यूरोप?
पेरिस में 'इच्छुक देशों के गठबंधन' की बैठक में यूक्रेन का समर्थन करने वाले 30 से ज्यादा देश शामिल होंगे। इसमें करीब 25 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में नेताओं की मौजूदगी को यूक्रेन के लिए लंबे समय तक समर्थन के संकेत और रूस के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। रूस लगातार यूरोप की एकजुटता और मजबूती को चुनौती दे रहा है।

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरट ने सोमवार को कहा कि वह रूस के राजदूत को तलब करेंगे। रूसी हैकर्स पर प्रतिबंध लगाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला रूस की ओर से करीब 10 यूरोपीय देशों में की जा रही जासूसी की एक बड़ी साइबर मुहिम से जुड़ा है।

युद्ध का असर पड़ोसी देशों तक कैसे पहुंचा?
युद्ध का असर यूक्रेन के पड़ोसी देशों पर भी पड़ा है। ताजा घटना में रूस के रातभर के हमलों के दौरान छोड़ा गया एक ड्रोन यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र से उड़कर मोल्दोवा की सीमा में गिर गया और उसमें विस्फोट हो गया। मोल्दोवा के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने इस घटना को 'गंभीर और अस्वीकार्य' बताया।

जेलेंस्की ऐसे समय फ्रांस की राजधानी पहुंचे, जब अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की मौत हो चुकी है। वह वाशिंगटन में यूक्रेन के मजबूत समर्थकों में से एक थे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब यूक्रेन सरकार में बड़ा बदलाव चल रहा है और यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इस बीच, यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिडेंको ने रविवार को पद छोड़ दिया। 

ये भी पढ़ें: रूस ने ईरान क्यों भेजा 'प्रलय विमान': क्या अब बदल जाएगी जंग की दिशा, अमेरिका के लिए कितना बड़ा संदेश?

रूस पर यूक्रेन के ड्रोन हमलों का कितना असर?
यूक्रेन ने अपने बनाए लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों से रूस के अंदर काफी दूर स्थित ठिकानों को निशाना बनाया है। कई बार उसने रूस के लगातार हवाई हमलों में इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन की संख्या के बराबर या उससे ज्यादा ड्रोन हमले किए हैं। 

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने दावा किया कि रूस की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने मॉस्को की ओर बढ़ रहे 350 यूक्रेनी ड्रोन को गिराया। इनमें से 50 ड्रोन राजधानी मॉस्को के आसपास गिराए गए।
विज्ञापन


मॉस्को क्षेत्र के प्रमुख आंद्रेई वोरोब्योव ने कहा कि रातभर में 81 यूक्रेनी ड्रोन गिराए गए। वोरोब्योव ने बताया कि मॉस्को क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में इस्त्रा के पास पियोनेर्स्की बस्ती में यूक्रेनी हमले में तीन लोगों की मौत हुई और तीन अन्य घायल हुए। उन्होंने कहा कि पांच निजी मकानों में आग लग गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें