यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक के दौरान अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। इसका मकसद रूस के खिलाफ और अधिक सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका पर दबाव बनाना है। अल जजीरा की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
जेलेंस्की ने यह घोषणा शनिवार को ऐसे समय में की, जब रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं। यूरोप के पूर्वी हिस्से में भी इस युद्ध के फैलने की आशंका को लेकर बढ़ गई है। उन्होंने एक्स पर लिखा, अब हम अमेरिका से (रूस के खिलाफ) और अभी सख्त प्रतिबंधों की उम्मीद कर रहे हैं। यूरोप अपनी भूमिका निभा रहा है।
दबाव के आगे नहीं झुक रहा रूस
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले संकेत दे चुके हैं कि वह रूस पर बड़े प्रतिबंध लगाने को तैयार हैं। लेकिन उन्होंने शर्त रखी है कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सहयोगी देश मिलकर रूस से तेल खरीब बंद करने पर सहमत हों। ट्रंप युद्धविराम की कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन रूस अब तक ऐसे दबावों के आगे नहीं झुका है।
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दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी मांग सकते हैं जेलेंस्की
जेलेंस्की इस बैठक में यह मुद्दा भी उठाएंगे कि युद्धविराम के बाद यूक्रेन को भविष्य में रूसी हमलों कैसे सुरक्षित रखा जाए। वह अमेरिका से दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी की मांग कर सकते हैं। उधर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि वह यूक्रेन में किसी भी पश्चिमी सेना की तैनाती को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
रूस ने हाल में किया बड़ा हमला
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने हाल ही में रात के समय सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें चालीस मिसाइलें और करीब 580 ड्रोन छोड़े गए। इस हमले में तीन लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए। नाटो सहयोगियों ने रूस की आक्रामकता को देखते हुए यूरोप की पूर्वी सीमाओं पर अपनी सुरक्षा को मजबूत किया है। पोलैंड की सेना ने शनिवार को बताया कि रूसी हमलों के बाद पोलिश और सहयोगी देशों के लड़ाकू विमान रोकथाम अभियान के तहत उड़ान भर चुके हैं।
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ब्रिटेन के लड़ाकू विमानों ने की पोलैंड में गश्त
इसी बीच, ब्रिटेन ने भी पुष्टि की है कि उसके लड़ाकू विमानों ने नाटों मिशन ईस्टर्न सेंट्री के तहत पहली बार पोलैंड के वायु क्षेत्र में गश्त की है, ताकि रूसी हवाई हमलों के खतरों से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। तनाव उस समय और बढ़ गया, जब शुक्रवार को तीन रूसी लड़ाकू विमान कथित तौर पर एस्टोनिया की हवाई सीमा में घुस गए। रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना से इनकार किया है। हालांकि एस्टोनिया के अधिकारियों ने कहा कि यह घुसपैठ 12 मिनट तक रही और रडार व विजुअल निगरानी दोनों से प्रमाणित हुई है। एस्टोनिया के सैन्य खुफिया प्रमुख कर्नल एंट्स किविसेल्ग ने कहा कि अभी यह पुष्टि होना बाकी है कि यह उल्लंघन जानबूझकर किया गया था या नहीं।