पूर्व अमेरिकी दूत जालमे खलीलजाद ने पाक सेना और जनरल मुनीर पर निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ वर्षों तक दोहरा खेल खेला। उन्होंने आरोप लगाया कि पाक ने अफगानिस्तान में अमेरिकी मदद ली, लेकिन आतंकियों को भी पनाह दी जो अमेरिकी सैनिकों की हत्या कर रहे थे।
पूर्व अमेरिकी दूत जालमे खलीलजाद ने कहा कि जनरल आसिम मुनीर पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि कैसे पाकिस्तानी सेना ने बार-बार अमेरिका के साथ दोहरा खेल खेला है। उसने अमेरिका की सहायता ली है और साथ ही अमेरिकियों की हत्या करने वालों को शरण भी दी है।
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खलीलजाद ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, राष्ट्रपति ट्रंप जानते हैं कि पाकिस्तानी सेना ने लंबे समय से हमारे साथ दोहरा खेल खेला है। अफगानिस्तान में हमारी वर्षों की सैन्य उपस्थिति के दौरान, पाकिस्तान ने हमारी सहायता ली और साथ ही उन लोगों को समर्थन और शरण प्रदान की जो हमारे लोगों को मार रहे थे।
9/11 आतंकी हमले का किया जिक्र
इसी तरह, 9/11 के बाद आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के दौरान, पाकिस्तानी सेना ने चुनिंदा रूप से हमारी और अल-कायदा आतंकवादियों की मदद की। हमने बिन लादेन को कहां पाया? खलीलजाद ने लिखा कि पाक जनरल के पास संभवतः पांच एजेंडे होंगे इसमें भारत-पाक संबंध, सैन्य स्वामित्व वाली कंपनियों और व्यापार के माध्यम से पाकिस्तान के खनिजों में अमेरिकी निवेश, अफगानिस्तान में अमेरिकी हितों की सुरक्षा के लिए ट्रंप का ठेका लेना, चीन के साथ संचार का माध्यम बनना और अधिक वैधता शामिल है।
खलीलजाद ने कहा कि लोकप्रियता हासिल करने और अपने पद को बढ़ाने के बावजूद पाकिस्तान व्यापक समस्याओं से जूझ रहा है। इनमें बलूचिस्तान में उग्रवाद, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल और देश में आर्थिक संकट शामिल हैं।
ट्रंप और मुनीर की दुर्लभ मुलाकात
बता दें कि ट्रंप-मुनीर की इस मुलाकात को एक दुर्लभ मुलाकात माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि जनरल मुनीर ने हाल ही में कश्मीर को पाकिस्तान की शिरा बताया और पाकिस्तानी संस्कृति को भारतीयों से उच्चतर करार दिया था। यह बयान कुछ ही दिन पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले से पहले दिया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी।