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पेरिस के चर्च में आग: यूट्यूब ने लोगों को दी गलत जानकारी, आलोचना होने पर हटाया

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Tue, 16 Apr 2019 04:14 PM IST
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नॉट्र डाम कैथेड्रल - फोटो : PTI

पेरिस के सबसे पुराने और दुनियाभर में मशहूर नॉट्र डाम कैथेड्रल में सोमवार को भीषण आग लग गई। इस दौरान पैरिस के लोग इस एतिहासिक चर्च के आसपास वाले इलाकों में आकर घटना को देखने लगे। इसी बीच कुछ लोगों ने इस आग को देखने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया। लेकिन यूट्यूब ने लोगों को सही जानकारी नहीं दी।



यूट्यूब के एल्गोरिथम ने चर्च में आग के वीडियो में जो जानकारी दी, वो 9/11 हमले की थी। समाचार एजेंसी के मुताबिक आग को बुझा लिया गया है।


अमेरिका और दक्षिण कोरिया के लोग जब इमारत में आग का लाइव वीडियो देख रहे थे तो उन्हें इसके साथ जो नॉलेज पैनल दिख रहा था, वह 11 सितंबर, 2011 को हुए हमले पर ब्रिटेनिका के आर्टिकल दिखा रहा था।


बता दें यूट्यूब ने नॉलेज पैनल फीचर की शुरुआत साल 2018 में की थी, ताकि गलत जानकारी को फैलने से रोका जा सके। लेकिन इस मामले में इसी फीचर ने गलत जानकारी दे दी।


कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के असिस्टेंड प्रोफेसर वेजेलिस का कहना है कि यूट्यूब के इस ऑटोमैटिक टूल ने गलती से 9/11 के वीडियो और तस्वीरें ले लीं। वेजेलिस का कहना है कि जब भी हम ऐसे ऑटोमैटिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, तब गलती होने का हमेशा डर रहता है। 


यह एक बहुमुखी समस्या है, जो ना केवल झूठी खबरों का पता लगाने के लिए काम कर रहा है, बल्कि 9/11 के साथ गलत तरीके से जुड़ा हुआ है।


वहीं यूट्यूब ने अपने बयान में कहा है कि उसने लाइव वीडियो से जानकारी पैनलों को हटा दिया है। यूट्यूब ने कहा है, "हम नॉट्र डाम कैथेड्रल में लगी आग से दुखी हैं। बीते साल हमने जानकारी के लिए पैनलों की शुरुआत की थी, जिनमें थर्ड पार्टी सोर्स जैसे विकीपीडिया, इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका के लिंक भी जुड़े होते हैं। इन पैनलों को एल्गोरिथम द्वार ट्रिगर किया जाता है और हमारे सिस्टम कभी-कभी गलत लिंक ले लेते हैं। आग के लाइव वीडियो से हमने इन पैनलों को हटा दिया है।"

850 साल पुराना है यह चर्च

यह दुनिया के सबसे पुराने कैथेड्रल में से एक है। हर साल लाखों की तादाद में लोग इसे देखने और प्रार्थना करने आते हैं। हाल ही में इसकी इमारत की दीवारों में दरारें नजर आने लगी थी, जिसके नवीनीकरण का काम चल रहा था।


फ्रांस में इसके अलावा दूजी कोई इमारत ऐसी दिखाई नहीं पड़ती है। फ्रांस में आइफल टावर को टक्कर देने वाली यही एक इमारत है। इस इमारत ने दो विश्व युद्ध देखे हैं। 


फ्रांसीसी क्रांति के वक्त इसे बहुत नुकसान उठाना पड़ा था। इस इमारत के टावर 200 फीट ऊंचे हैं और यह 400 फीट से ज्यादा लंबी है। यह कुल 52 हजार वर्ग फीट में बनी हुई है। फ्रांसीसी क्रांति के दौरान इस चर्च में लूटपाट हुई थी। नेपोलियन ने इसी जगह को अपनी ताजपोशी के लिए इस्तेमाल किया था। 
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