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Yemen Conflict: हदमाउत और अल-महरा पर यमन सरकार ने फिर किया नियंत्रण, सऊदी अरब समर्थित फोर्स ने STC को खदेड़ा

Mon, 05 Jan 2026 03:50 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सना

सार

यमन सरकार ने सऊदी समर्थन वाली होमलैंड शील्ड फोर्स के जरिए हदमाउत और अल-महरा प्रांतों पर यूएई समर्थित STC से नियंत्रण फिर हासिल किया। राष्ट्रपति अल-अलीमी और गवर्नर ने फोर्सेज की तैयारी की तारीफ की और लोगों से सहयोग का आह्वान किया।

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यमन का झंडा - फोटो : Google Gemini
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विस्तार
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दशक भर से युद्ध की मार झेल रहे यमन में बिगड़ते हालात के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां यमन की सरकार ने सऊदी समर्थन वाली होमलैंड शील्ड फोर्स के जरिए हदमाउत और अल-महरा प्रांतों पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है। यह इलाके पहले यूएई समर्थित साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) के कब्जे में थे। राष्ट्रपति मोहम्मद अल-अलीमी ने इसे बड़ी सफलता बताते हुए इसकी तारीफ की और लोगों से स्थानीय प्रशासन व सुरक्षा बलों का सहयोग करने का आह्वान किया।

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उन्होंने कहा कि होमलैंड शील्ड फोर्सेज ने शुक्रवार से शुरू हुई ऑपरेशन के बाद सभी सैन्य और सुरक्षा ठिकानों पर कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता इन फोर्सेज की अनुशासन और तैयारी को दिखाती है।वहीं हदमाउत के गवर्नर सेलम अल-खानबशी ने बताया कि अब उन्होंने सिय्यून शहर से अपने आधिकारिक काम शुरू कर दिए हैं। अल-अलीमी ने स्थानीय अधिकारियों और फोर्सेज की जिम्मेदार और तेज कार्रवाई की सराहना की और लोगों से कहा कि वे सुरक्षा और कानून बनाए रखने में सहयोग करें।

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अल-महरा अब होमलैंड शील्ड फोर्सेज के हाथों में

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इसके साथ ही अल-महरा के गवर्नर मोहम्मद अली यासर को भी अल-अलीमी ने फोन पर ब्रीफ किया। उन्होंने बताया कि सैन्य शिविर और सरकारी सुविधाओं का हस्तांतरण अब स्थानीय प्रशासन और होमलैंड शील्ड फोर्सेज के हाथ में होगा, जिससे सुरक्षा, स्थिरता और शांति बनी रहे।

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समझिए संघर्ष की पूरी कहानी?
बता दें कि यह स्थिति लगभग दस साल पहले शुरू हुई थी, जब सऊदी अरब और यूएई ने हाउथियों के खिलाफ यमन में मिलकर सेना भेजी थी। बाद में यह मिशन पूरी तरह सफल नहीं हुआ। इसके बाद यूएई ने दक्षिणी यमन में अपनी रणनीति के तहत एसटीसी का समर्थन करना शुरू किया।

लेकिन जब सऊदी अरब ने महसूस किया कि एसटीसी का कुछ इलाका उसके सीमा के पास खतरा बन सकता है, तो उसने हस्तक्षेप किया। अब होमलैंड शील्ड फोर्सेज ने वादी हदमाउत, सिय्यून और अन्य महत्वपूर्ण इलाकों पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है और एसटीसी से जुड़े बाकी सैनिकों का पीछा जारी है।

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