यमन के हूती ने दावा किया है उन्होंने रविवार को लाल सागर और अरब सागर में एक अमेरिकी विध्वंसक जहाज के साथ दो नागरिक जहाजों पर हमला किया है। यह गाजा में फलस्तीनियों के समर्थन में शिपिंग को बाधित करने की कोशिश है। हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि विद्रोहियों ने अमेरिकी जहाज पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। साथ ही कैप्टन पेरिस नामक जहाज पर नौसैनिक मिसाइलें और हैप्पी कोंडोर नामक जहाज पर ड्रोन दागे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मिसाइलों ने लक्ष्य हासिल किया है या नहीं।
रविवार को यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने कहा कि यमन के अल मुखा से 40 समुद्री मील दक्षिण में एक जहाज ने पास में दो विस्फोटों की सूचना दी थी। जहाज की पहचान बताए बिना कहा गया कि जहाज और उसके चालक दल सुरक्षित हैं और अपनी यात्रा जारी रख रहे हैं।
ईरान-गठबंधन हूथी, जो यमन की राजधानी और इसके अधिकांश आबादी वाले क्षेत्रों को नियंत्रित करते हैं। इन्होंने फलस्तीनियों के समर्थन में नवंबर से लाल सागर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर दर्जनों हमले किए हैं।
अमेरिका की चेतावनी के बाद भी नहीं मान रहे हैं
इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद यमन के हूती विद्रोही जहाजों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देश खुले शब्दों में चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन हूती अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं।
आठ महीने से जारी युद्ध ने गाजा को मानवीय संकट में डाल दिया
आठ महीने से इस्राइली सेना लगातार गाजा पर हमले कर रहे हैं। इस हमले ने गाजा को मानवीय संकट में डाल दिया। यूएन ने इस दौरान गाजा में भूखमरी और सैकड़ो-हजारों लोगों के अकाल के कगार में होने की रिपोर्ट दी है। अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों ने इस्राइल से संकट को कम करने का आग्रह किया। संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, यूएन को छह मई से छह जून तक प्रतिदिन सहायता के तौर पर औसतन 68 ट्रक प्राप्त हुए। यह अप्रैल में प्रतिदिन औसतन 168 से काफी कम था। सहायता समूहों का कहना है कि प्रतिदिन 500 ट्रकों की जरूरत है।