यमन जेल में 11 सालों से बंद अपनी बेटी से मिलने भारत से उनकी मां मिलने पहुंची। दोनों बहुत देर तक एक दूसरे को गले से लगाकर रोते रहे। जेल में उपस्थित अन्य लोग भी उनको देख भावुक हो उठे, अपनी बेटी से मिलने के बाद मां ने एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें नहीं लगा था कि वह कभी उसे देख पाएंगी। बेटी हत्या के आरोप में यमन जेल में मौत की सजा काट रही है।
बुधवार 24 अप्रैल का दिन यमन जेल में 11 साल बाद एक मां-बेटी के मिलन का गवाह बना। यमन जेल में पिछले 11 साल से निमिषा प्रिया एक यमन नागरिक की हत्या के आरोप में सजा काट रही हैं। उनकी मां जो कि भारत में रहती हैं, वे कई सालों उससे मिलने के लिए प्रयास कर रहीं थी। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर यमन जाने की अनुमति मांगी थी, ताकि वे अपनी बेटी की मौत की सजा माफ करवा सकें। अनुमति मिलने के बाद वह भारत से यमन गईं। उन्होंने अपनी बेटी से मिलने की अनुमित मांगी थी।
अपनी बेटी से मिलकर जेल से लौटीं निमिषा प्रिया की मां प्रेमा कुमारी ने एक वीडियो के जरिए अपनी भावना बयां करते हुए भारत और यमन सरकार को शुक्रिया भी कहा है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी सरकार की दयालुता के कारण ठीक है।
उन्होंने बताया कि जब वह जेल में गईं, तो उनकी बेटी उन्हें दूर से देखते ही दौड़ लगाकर आई, और गले लगा लिया। वह रोते-रोते मुझे मम्मी कहकर पुकार रही थी। प्रेमा ने कहा कि हम दोनों बहुत देर तक एक दूसरे को गले लगाकर रोते रहे। बाद में निमिषा ने कहा कि मां रो मत सब ठीक हो जाएगा, और आंसू पोंछकर फिर गले लगा लिया। प्रेमा कुमारी ने कहा कि वह उसे कई सालों के बाद देख रही थीं। उन्होंने कहा कि जितनी देर मैं वहां रही बेटी से नजर नहीं हटाई। वे बार बार उसको प्यार करती रहीं। दोनों ने जेल में साथ में खाना भी खाया और बातें भी की।
प्रेमा ने बताया कि जेल में कैद अन्य महिलाओं से भी मुलाकात हुई, कई ने उन्हें गले लगाया। जेल की महिलाओं का निमिषा के साथ व्यवहार देखकर उन्हें सुकून मिला। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं था कि वे अपनी बेटी को फिर कभी देख भी पाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि हम दोनों को ऐसे रोता देख आस-पास के लोग भी भावुक हो गए थे। प्रेमा ने बताया कि निमिषा ने मुझसे कहा था कि मां चिंता मत करो सब ठीक हो जाएगा, बस आप खुश रहो।
पासपोर्ट पाने की कोशिश में हुई थी हत्या
निमिषा प्रिया जो कि बतौर नर्स पश्चिम एशियाई देश में काम कर रहीं थी। निमिषा का कहना है कि उनका पासपोर्ट तलाल अब्दो महदी के कब्जे में था। उसके कई बार पासपोर्ट वापस मांगने पर भी वह नहीं दे रहा था। तब निमिषा ने अपना पासपोर्ट वापस लेने के लिए नशीला पदार्थ पिला दिया था। ताकि वह बेहोश हो जाए। बेहोशी की स्थिति में निमिषा अपना पासपोर्ट लेकर भागना चाहती थीं। लेकिन अधिक मात्रा में नशीला पदार्थ लेने के कारण तलाल अब्दो की मृत्यु हो गई थी। उसके मौत के इल्जाम में निमिषा जुलाई 2017 से जेल में बंद है। निमिषा को हत्या के आरोप में मौत की सजा मिली है।