नवंबर के बाद से ही हूतियों ने व्यापारी बेड़े पर अपने हमलों को बढ़ा दिया है। ईरान समर्थित समूह का कहना है कि वे इस्राइल, अमेरिका और ब्रिटेन से जुड़े जहाजों को निशाना बना रहे हैं।
इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर लगभग दो दर्जन हमले हो चुके हैं। यमन के हूती विद्रोही जहाजों को निशाना बना रहे हैं। हूती अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। अब इस्राइल के हाइफा बंदरगाह में जहाजों को निशाना बनाया है। हालांकि इस्राइली सेना ने ऐसे किसी भी हमले की खबर को नकार दिया है।
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संयुक्त हवाई हमले किए
यमन के हूती समूह ने गुरुवार को दावा किया कि उसने एक इराकी समूह के साथ संयुक्त हवाई हमले किए थे, जिसमें इस्राइल के हाइफा बंदरगाह में जहाजों को निशाना बनाया गया था। हालांकि, इस्राइली सेना ने इस दावे को झूठा करार दिया।
सी किसी भी घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं
हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरिया ने कहा कि गाजा के राफा में इस्राइलियों द्वारा किए गए नरसंहार के जवाब में हाइफा बंदरगाह को निशाना बनाया गया। वहां ड्रोन से हमले किए गए। इस बीच, इस्राइली सेना से जुड़े सूत्रों ने कहा कि ऐसी किसी भी घटना के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। हाइफा में काम करने वाली कंपनियों के लोगों ने कहा कि बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहा।
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सरिया ने दावा किया कि एक अभियान के दौरान सैन्य उपकरण ले जाने वाले दो जहाजों को निशाना बनाया और दूसरे ने एक जहाज को निशाना बनाया, जिसने कब्जे वाले फलस्तीन में हाइफा के बंदरगाह पर हूती के प्रवेश प्रतिबंध का उल्लंघन किया था। साथ ही चेतावनी दी कि इस्राइलियों को और अधिक हमलों की उम्मीद करनी चाहिए।
पिछले साल से बढ़े हैं हमले
बता दें, नवंबर के बाद से ही हूतियों ने व्यापारी बेड़े पर अपने हमलों को बढ़ा दिया है। ईरान समर्थित समूह का कहना है कि वे इस्राइल, अमेरिका और ब्रिटेन से जुड़े जहाजों को निशाना बना रहे हैं। दरअसल, हूती गाजा में युद्ध और पश्चिमी हवाई हमलों को रोकने की मांग कर रहे हैं।