यमन में सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। यमनी सेना ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटे में हूती नियंत्रण वाले इलाकों में 181 सैन्य ऑपरेशन किए। यह कार्रवाई दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव और हिंसा का संकेत है।
यमनी सरकार के सैन्य प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली ने रविवार को एक्स पर जारी बयान में कहा कि इन अभियानों में ड्रोन, तोप और रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल किया गया। हूती ठिकानों, हथियारों के गोदामों, सैन्य वाहनों और कथित तौर पर हमलों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
कितने हूती मारे गए या घायल हुए?
अल-नुजैली के मुताबिक, इन सैन्य अभियानों में हूती समूह के दर्जनों सदस्य मारे गए या घायल हुए। सात प्रांतों में सैन्य उपकरण भी नष्ट किए गए। हालांकि, उन्होंने मृतकों और घायलों की सटीक संख्या नहीं बताई। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई हाल के दिनों में हूतियों की ओर से सरकारी बलों, नागरिक ढांचे, आर्थिक प्रतिष्ठानों और बंदरगाहों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई।
क्या हूतियों ने भी किया पलटवार?
इस बीच हूती समूह ने शनिवार शाम सरकार के नियंत्रण वाले मारिब शहर पर हमला करने का दावा किया। यह शहर तेल समृद्ध मारिब प्रांत में स्थित है। सरकार समर्थक मीडिया के मुताबिक, हूतियों ने शहर के रिहायशी इलाकों की ओर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। तत्काल यह जानकारी नहीं मिल सकी कि हमले में कितने लोग हताहत हुए या कितना नुकसान हुआ। मारिब स्थित सरकारी सबा टीवी ने मिसाइल हमले की जानकारी दी। शिन्हुआ से बातचीत में स्थानीय निवासियों ने भी बताया कि हमले के समय शहर में कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई।
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सऊदी अरब तक क्यों बढ़ रहा है संघर्ष?
हूतियों ने हाल के हफ्तों में यमन के सरकार नियंत्रित इलाकों और पड़ोसी सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमले तेज किए हैं। सऊदी अरब यमनी सरकार का प्रमुख समर्थक है। हूती समूह ने 20 जुलाई को सऊदी जहाजों के लिए समुद्री प्रतिबंध की घोषणा की थी। इसके बाद उसने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों और सऊदी अरब के भीतर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले करने का दावा किया है।
यमन में संघर्ष की शुरुआत कैसे हुई?
यमन में संघर्ष 2014 के अंत से जारी है। उस समय हूतियों ने उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसमें राजधानी सना भी शामिल थी। इसके बाद यमनी सरकार के समर्थन में 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हस्तक्षेप किया। तब से देश लंबे समय से जारी संघर्ष में फंसा हुआ है।