यमन के दक्षिणी अब्यान प्रांत में एक सैन्य अड्डे पर अलकायदा के हमलावरों द्वारा की गई गोलबारी में 19 सैनिकों की मौत हो गई। यह हमला आधी रात को शुरू हुआ जब आंतकवादियों ने यमनी सेना के एक शिविर पर रॉकेट से ग्रेनेड दागे।
एक सरकारी सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि अलकायदा के बंदूकधारियों ने अदन में बृहस्पतिवार को हुए बम धमाके का फायदा उठाकर अल महफाद सैन्य अड्डे पर हमला किया और सैनिकों से मुठभेड़ की।
अभी एक दिन पहले ही अदन में दोहरे हमले हुए थे। इस हमले में कम से कम 51 लोग मारे गए थे। यह हमला पिछले दो वर्षों का सबसे घातक हमला था। साल 2014 में यमन में ताजा संघर्ष शुरू हुआ, जब पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के वफादार सैनाओं ने हुती लड़कों के साथ मिलकर राजधानी सना के साथ देश के अधिकांश हिस्सों को कब्जा कर लिया।
मार्च 2015 में युद्ध तेज हो गया जब सऊदी अरब-यूएई के नेतृत्व वाले गठबंधन सेनाओं ने विद्रोहियों के खिलाफ राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मंसूर हादी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को बहाल करने के लिए हस्तक्षेप किया।