करीब 20 करोड़ लोगों की संवेदनशील जानकारियां लीक होने के मामले में सोशल मीडिया कंपनी याहू को समझौते के तौर पर 11.75 करोड़ डॉलर चुकाने पड़ेंगे। यह डाटा इन लोगों के याहू खातों की सुरक्षा में सेंध लगने के कारण लीक हो गया था। याहू ने पीड़ितों के साथ इस मामले का निपटारा करने के लिए किए कानूनी समझौते के तहत उन्हें दो साल तक मुफ्त क्रेडिट मॉनीटरिंग सेवा उपलब्ध कराने के साथ ही अन्य तरह का मुआवजा देने की पेशकश की है। इस पूरी पेशकश को तकरीबन 11.75 करोड़ डॉलर के बराबर कीमत का माना जा रहा है।
इससे पहले भी याहू ने पिछले साल अक्टूबर में सभी पीड़ितों के साथ समझौता किया था, लेकिन कैलिफोर्निया राज्य के सान जोसे शहर की जिला अदालत की जज लूसी कोह के इसे खारिज कर देने से यह समझौता अटक गया था। उस समझौते में पीड़ितों को करीब 5 करोड़ डॉलर के लाभ मिलने थे, लेकिन जज लूसी ने इसकी गणना पर सवाल उठा दिया था। अब इसी समझौते को याहू ने दोबारा कुछ बदलावों के साथ पेश किया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह पैसा याहू का वर्तमान में मालिकाना हक रखने वाली कंपनियों वेरीजोन और अल्ताबा देंगी। हालांकि इस समझौते को फिलहाल मंजूरी मिलनी बाकी है। बता दें कि वर्ष 2013 से 2014 के बीच याहू खातों की सुरक्षा में सेंध लगाकर करीब 3 अरब लोगों का डाटा चुरा लिए जाने की बात सामने आई थी। इसे अब तक का सबसे बड़ा डाटा लीक मामला माना जाता है।