1970 के दशक में वाटरगेट स्कैंडल को उजागर करने वाले पत्रकार और लेखक बॉब वुडवर्ड की एक नई किताब में किए गए दावे के बाद अमेरिकी चुनाव में महामारी पर ट्रंप की फितरत हावी हो गई है। ‘रेज’ नामक किताब में दावा किया गया है कि ट्रंप जानते थे कि कोरोना वायरस फ्लू के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है, लेकिन उन्होंने जानबूझकर इसके प्रकोप को कम करके दिखाया।
पत्रकार बॉब वुडवर्ड के साथ टेप साक्षात्कार में फरवरी माह की शुरुआत में ट्रंप ने स्वीकार किया था कि वायरस फ्लू से ज्यादा खतरनाक है लेकिन इस टिप्पणी के तीन दिन बाद उन्होंने फॉक्स टीवी पर त्रिश रेगन से कहा, हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं और ज्यादातर मामले बहुत तेजी से बेहतर हो रहे हैं।
मार्च में भी वुडवर्ड से ट्रंप ने कहा, मैं आतंक नहीं फैलाना चाहता, इससे अफरा-तफरी मच जाएगी। हम आत्मविश्वास दिखाना चाहते हैं, अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। देश में अब तक 1.90 लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
किताब में ट्रंप के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका में कोरोना से पहली मौत से पहले ही राष्ट्रपति ने बताया था कि यह एक जानलेवा बीमारी है। यह किताब 15 सितंबर को आधिकारिक रूप से बाजार में आएगी। इसमें नस्लवाद और दूसरे मुद्दों पर भी ट्रंप की सोच के बारे में बातचीत के अंश छापे गए हैं।
नाकाम रहे राष्ट्रपति, अमेरिकियों से धोखा : बिडेन
डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बिडेन ने ट्वीट किया, जब एक जानलेवा वायरस हमारे देश को तबाह कर रहा था, राष्ट्रपति जानबूझकर अपना कर्तव्य निभाने में नाकाम रहे। यह अमेरिकियों से धोखा है। उन्होंने कहा, ट्रंप ने सिर्फ दो हफ्ते पहले कार्रवाई की होती तो अकेले मार्च और अप्रैल में ही 54,000 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन राष्ट्रपति ने इसके खतरे को कम करके बताया, जिससे अर्थव्यवस्था भी चौपट हुई।
ट्रंप ने कहा, किताब मुझ पर सियासी हमला है
राष्ट्रपति ट्रंप ने किताब की आलोचना करते हुए कहा कि वुडवर्ड की पुस्तक मुझ पर सियासी रूप से एक हमला है। किताब पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप की प्रेस सचिव केले मैकएनानी ने कहा, राष्ट्रपति ने कभी भी कोरोना के खतरे को कम नहीं आंका। वे सिर्फ लोगों का ढाढस बंधाना चाहते थे।
किम जोंग ने बताया था, कैसे की अंकल की हत्या
ट्रंप द्वारा लेखक और वाशिंगटन पोस्ट के संपादक बॉब वुडवर्ड को दिसंबर से जुलाई के बीच दिए 18 साक्षात्कारों पर आधारित यह किताब 15 सितंबर को बाजार में आएगी। इसमें ट्रंप ने वुडवर्ड को यह भी बताया कि वे जब जब 2018 में सिंगापुर में उत्तर कोरिया के नेता से पहली बार मिले थे, तब किम ने उन्हें सब कुछ बताया था। किम ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने रिश्तेदार अंकल की किस प्रकार हत्या की थी।
नस्लवाद के सवाल पर मजाक उड़ाया
वुडवर्ड कहते हैं कि उन्होंने 19 जून को ट्रंप से हुई वार्ता में ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन का भी जिक्र किया। तब ट्रंप ने मजाक उड़ाते हुए कहा, क्या आपने कूल-एड पी रखी है। कूल एड अमेरिकी बच्चे पसंद करते हैं। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका में नस्लवाद है? तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है यह हर जगह है, लेकिन यहां पर कम है।