US ने ईरान से जंग के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज किए, यूरोपीय देशों के संपर्क में ट्रंप प्रशासन
ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने की बातचीत में गतिरोध के बीच ट्रंप प्रशासन ने कूटनीतिक प्रयासों का दायरा बढ़ा दिया है। अमेरिका अब पारंपरिक मध्यस्थों के अलावा यूरोप के ऑस्ट्रिया और ग्रीस जैसे देशों से भी संपर्क कर रहा है, ताकि तेहरान पर दबाव बनाया जा सके और वार्ता फिर शुरू हो। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस सप्ताह ऑस्ट्रिया और ग्रीस के विदेश मंत्रियों से बातचीत की। इसके तुरंत बाद दोनों यूरोपीय मंत्रियों ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी चर्चा की। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि रुबियो की बातचीत में ईरान का मुद्दा शामिल था, हालांकि उसने दोनों देशों से ईरान से संपर्क करने को कहने से इनकार किया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऑस्ट्रिया और ग्रीस औपचारिक मध्यस्थ की भूमिका में नहीं हैं, लेकिन युद्ध के बढ़ते आर्थिक और सुरक्षा प्रभावों के कारण वे समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं। ऑस्ट्रिया में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का मुख्यालय है, जबकि ग्रीस का समुद्री परिवहन क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रभावित है। अमेरिका के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना प्रमुख प्राथमिकता बन गया है। वहीं ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी दबाव का सामना कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच स्थायी समझौते की कोशिशें फिलहाल अनिश्चित बनी हुई हैं।
युद्धपोत- अब्राहम लिंकन को राहत कब? ट्रंप ने बयान से चौंकाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की करीब नौ महीने की तैनाती को लेकर उठ रही चिंताओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया। पोत ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में शामिल है। मानसिक स्वास्थ्य और आपूर्ति संबंधी समस्याओं की खबरों के बीच ट्रंप ने कहा कि 260 दिनों से अधिक की तैनाती भी पर्याप्त लंबी नहीं है। ट्रंप ने बताया कि लिंकन की जगह जल्द ही एक अन्य विमानवाहक पोत तैनात किया जाएगा। हालांकि, कई डेमोक्रेट सांसदों ने सैनिकों की परिस्थितियों को लेकर रक्षा मंत्रालय से जवाब मांगा है। नौसेना ने कहा कि उसे पोत पर आत्महत्या संबंधी विचारों या प्रयासों में बढ़ोतरी के संकेत नहीं मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, अगस्त में एक नौसैनिक समुद्र में गिर गया था, लेकिन उसे तुरंत बचाकर चिकित्सा सहायता दी गई। इस घटना को आत्महत्या का प्रयास माना गया या नहीं, इसकी जानकारी नहीं दी गई। इस बीच, यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को लिंकन की जगह तैनात किए जाने की उम्मीद है।