कनाडा के ओंटारियो में एक यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर 29 वर्षीय व्यक्ति ने एक पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई। इस गोलीबारी में करीब 30 गोलियां चलीं, जिससे हमलावर और एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सोमवार को योम किप्पुर के दौरान हुई गोलीबारी के विषय में विशेष जांच इकाई (SIU) ने बताया कि रविवार शाम 7 बजे व्यक्ति एक ट्रक से बेलेविले स्थित सन्स ऑफ जैकब सिनेगॉग पहुंचा और अधिकारी पर गोली चलाई। अधिकारी ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दूसरा अधिकारी भी गोलीबारी में शामिल हुआ। SIU प्रवक्ता क्रिस्टी डेनेट्टे ने 20 से 30 गोलियां चलने का अनुमान लगाया। जांचकर्ताओं को सड़क पर दर्जनों गोली के निशान मिले। पुलिस ने अभी तक मकसद स्थापित नहीं किया है, लेकिन बेलेविले के मेयर नील एलिस ने इसे घृणा अपराध की ओर इशारा करने वाली परिस्थितियां बताया। उप पुलिस प्रमुख शेरी मीक्स ने बताया कि घायल अधिकारी की हालत स्थिर है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और ओंटारियो प्रीमियर डग फोर्ड ने इस गोलीबारी की निंदा की है। कार्नी ने यहूदी समुदाय के प्रति बढ़ती यहूदी विरोधी भावना पर चिंता व्यक्त की थी।
अफगानिस्तान में 5.0 तीव्रता का भूकंप
अफगानिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई। भूकंप के झटके किस-किस इलाके में महसूस किए गए, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल सूचना नहीं है। अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
श्रीलंका में ईस्टर बम धमाकों के मामले में 15 दोषी करार, 2019 में 260 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत
श्रीलंका की एक अदालत ने मंगलवार को 2019 के ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में 15 लोगों को दोषी करार दिया। इन हमलों में 260 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 500 लोग घायल हुए थे। 21 अप्रैल 2019 को तीन चर्च और तीन होटलों को निशाना बनाया गया था। मामले में 24 आरोपियों के खिलाफ 23,270 आरोप लगाए गए थे। हालांकि, हमलों को सीधे अंजाम देने वाले सभी लोग मारे जा चुके हैं। श्रीलंका में 1976 के बाद फांसी नहीं दी गई है, इसलिए मौत की सजा आमतौर पर उम्रकैद में बदल जाती है।
कोलंबिया में जंगल की भीषण आग, सार्वजनिक आपदा घोषित
जंगल में लगी भीषण आग के कारण कोलंबिया में हालात नाजुक हैं। सरकार ने इसे सार्वजनिक आपदा घोषित कर दिया है। देश के पूर्वोत्तर में विला दे लेवा शहर के आसपास पहाड़ों में आग लगी है, जिससे बड़े पैमाने पर वनस्पति जल गई और लोगों को निकालना पड़ा। राजधानी बोगोटा से करीब 160 किलोमीटर दूर स्थित विला दे लेवा में शनिवार को आग लगी। रविवार शाम तक करीब 290 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ और आग 50 फीसदी नियंत्रण में थी। तेज हवाओं ने आग बुझाने के प्रयासों को जटिल कर दिया। स्थानीय अधिकारियों ने आपातकाल घोषित कर सोमवार को व्यक्तिगत कक्षाएं निलंबित कीं और होटलों सहित कई जगहों से लोगों को निकाला। 400 से अधिक अग्निशमनकर्मी और स्वयंसेवक आग बुझाने में जुटे हैं, जबकि चार हेलीकॉप्टरों ने पानी गिराया। पर्यावरण मंत्री फैबियो अर्जोन ने आग जानबूझकर लगाए जाने की आशंका जताई है। पूरे कोलंबिया में करीब 19 सक्रिय जंगल की आग जल रही है। एल नीनो के प्रभाव से सूखे की स्थिति ने आग के खतरे को बढ़ा दिया है। पड़ोसी इक्वाडोर भी जंगल की आग से जूझ रहा है, जहां 12 आग सक्रिय हैं।
ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना मूर्खता का स्पष्ट लक्षण: इस्माइल बाघेई
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए ईरान को दोषी ठहराने वाले अमेरिका के बयान को 'मूर्खता की राह' का एक स्पष्ट लक्षण बताया है। उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों और संकट की असली वजह अमेरिका की ओर से किया गया युद्ध है, जिस कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ। बाघेई ने अमेरिकी रवैये की तुलना 1939 में हिटलर के पोलैंड हमले से की। बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर लिखा- अमेरिकी अधिकारी ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, मानो लोगों की याददाश्त इतनी कमजोर हो कि वे भूल जाएं कि असल में हमले वाला युद्ध किसने शुरू किया था और किसके कदमों की वजह से ऐसा संकट पैदा हुआ, जिसके बाद होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ और कारोबारी जहाजों की आवाजाही में रुकावट आई।'
उन्होंने कहा कि यह कोई नई चाल नहीं है। 1939 में हिटलर ने भी पोलैंड पर अपने हमले को इसी तरह अपनी सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम बताने की कोशिश की थी। बाघेई ने कहा कि जब अपनी मर्जी से गैरकानूनी युद्ध शुरू करने वाला ही उसके नतीजों के लिए पीड़ित पक्ष को दोषी ठहराने लगे, तो क्या इसे ‘रणनीतिक समझदारी’ कहा जाना चाहिए या फिर यह बस 'मूर्खतापूर्ण कदम' की साफ मिसाल?” इससे पहले बाघेई ने अमेरिका पर मीडिया दल को वीजा न देने को 'सच को छिपाने' का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन की ओर से पत्रकारों और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा में जा रहे मीडिया दल को वीजा जारी करने से इनकार करना 'सच को छिपाने' का प्रयास है। बाघेई ने एक अन्य 'एक्स' पोस्ट में लिखा- अमेरिका ने उन पत्रकारों के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं जिन्हें वह पसंद नहीं करता, चाहे वे देश के हों या वे विदेशी रिपोर्टर जिनकी आवाज वह दबाना चाहता है और इसमें ईरानी राष्ट्रपति की कम्युनिकेशन टीम भी शामिल है।(आईएएनएस)
तुर्किये में स्कूल के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी: 11 छात्र घायल, 2 की हालत गंभीर
तुर्किये के मनिसा प्रांत में मंगलवार को एक वोकेशनल हाई स्कूल के बाहर हुई गोलीबारी में 11 छात्र घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत नाजुक बनी हुई है। न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने बताया कि घटना के बाद नाबालिग हमलावर को उसके माता-पिता के साथ हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज में हमलावर राइफल जैसे हथियार के साथ सड़क पर चलता और भागता नजर आया। बाद में पुलिस ने उसे जमीन पर गिराकर काबू में किया और पकड़ कर ले गई।
तुर्किए के स्कूलों में इस साल गोलीबारी की यह तीसरी बड़ी घटना है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे पहले अप्रैल में दक्षिणी प्रांत कहरामनमारस के एक स्कूल में 14 वर्षीय लड़के ने गोलीबारी कर एक शिक्षक और 9 मासूम छात्रों की जान ले ली थी। उस घटना से ठीक एक दिन पहले सानलिउर्फा के एक स्कूल में हुई फायरिंग में 16 लोग घायल हुए थे। इन हमलों के बाद राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने शिक्षा उप-मंत्री को हटा दिया था और बंदूक नियमों को सख्त करने का वादा किया था।