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World: US में विदेशी जहाजों को जोन्स एक्ट से राहत, 90 दिन की छूट; नाविकों की मदद न करने पर जकरबर्ग ने दी सफाई

Tue, 11 Aug 2026 07:38 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को विदेशी जहाजों को अमेरिकी बंदरगाहों के बीच सामान, तेल, उर्वरक और अन्य जीवाश्म ईंधन उत्पाद ले जाने के लिए 90 दिन की छूट बढ़ा दी। यह छूट 17 अगस्त से प्रभावी होगी। राष्ट्रपति ने ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद मूल्य दबाव कम करने के लिए 17 मार्च को पहली बार जोन्स एक्ट में छूट दी थी। होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध के कारण बंद है, जिससे अमेरिका लगातार मूल्य दबावों के लिए तैयारी कर रहा है। पिछली छूटों के विपरीत, पेंटागन मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन से परामर्श करेगा। यह तय करेगा कि 1920 के जोन्स एक्ट कानून से किन यात्राओं को छूट मिलेगी। नई छूट केवल ऊर्जा स्रोतों और कृषि से संबंधित वस्तुओं, जैसे उर्वरक और सोयाबीन तेल पर लागू होगी। व्हाइट हाउस प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा कि प्रशासन ने सैन्य और प्रमुख उद्योगों को महत्वपूर्ण संसाधनों तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यह छूट बढ़ाई है। इस छूट से गैसोलीन, डीजल और जेट ईंधन की घरेलू डिलीवरी बढ़ी है।
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अलास्का में नाविकों की मदद न करने पर जुकरबर्ग ने दी सफाई
अमेरिका के अलास्का में समुद्र तट पर ईंधन खत्म होने के बाद एक छोटे जहाज ने मदद मांगी, लेकिन मार्क जुकरबर्ग की नौका 'लॉन्चपैड' ने तुरंत जवाब नहीं दिया। समुद्री कानून विशेषज्ञ इयान राल्बी ने सोमवार को कहा कि कोस्ट गार्ड द्वारा जहाज को संकट में न पाए जाने पर मदद की कानूनी बाध्यता नहीं थी। मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के प्रवक्ता ने बताया कि चालक दल ने रेडियो कॉल तुरंत नहीं सुना। जब तक उन्होंने सुना, पास के 'विल्डरनेस लेगेसी' क्रूज जहाज ने 21 फुट के हेवेसक्राफ्ट जहाज को टो करके फारागुट बे पहुंचाया और ईंधन दिया। यूएस कोस्ट गार्ड ने भी पुष्टि की कि जहाज संकट में नहीं था। यह घटना सोशल मीडिया पर एक यात्री के पोस्ट के बाद चर्चा में आई, जिसमें जुकरबर्ग की नौका पर मदद से इन्कार का आरोप था। जुकरबर्ग और उनका परिवार 3 अगस्त को नौका पर मौजूद नहीं थे। प्रवक्ता ब्रायन बेकर ने कहा कि सभी सुरक्षित हैं।

बीजिंग में बाढ़ का अलर्ट, कई जिलों में रेड वार्निंग
बीजिंग में भारी बारिश के खतरे को देखते हुए मंगलवार को बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां तेज कर दी गईं। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जबकि फांगशान, डाशिंग और टोंगझोउ समेत कई जिलों में सबसे गंभीर रेड अलर्ट घोषित किया गया। गुरुवार तक 150 मिमी से अधिक बारिश का अनुमान है। शहर में लेवल-2 फ्लड कंट्रोल इमरजेंसी लागू की गई है। संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने, निर्माण कार्य रोकने और पहाड़ी कैंप व पर्यटन स्थलों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। बुधवार से कर्मचारियों के लिए लचीले या चरणबद्ध कार्य समय की सलाह दी गई है।

3.68 लाख से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
बाढ़ से निपटने के लिए बीजिंग में 252 राहत दल तैयार रखे गए हैं, जबकि 368 मेट्रो स्टेशनों, 33 अस्पताल परिसरों और 17 वृद्ध देखभाल केंद्रों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं। फांगशान में बड़ी संख्या में राहत सामग्री और 1.5 लाख से अधिक आपात उपकरण तैयार रखे गए हैं। चीन के राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने देश के कई हिस्सों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट बरकरार रखा है। टाइफून डॉल्फिन के प्रभाव के बीच फुजियान में करीब 1.68 लाख और शंघाई में करीब 2.16 लाख लोगों को संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

माउंट ब्रोमो की आग पर काबू
इंडोनेशिया के जावा द्वीप स्थित माउंट ब्रोमो के आसपास जंगल में लगी भीषण आग पर ज्यादातर काबू पा लिया गया है, लेकिन चार इलाकों में अब भी हॉटस्पॉट सक्रिय हैं। पिछले सप्ताह शुरू हुई आग से ब्रोमो टेंगर सेमेरू नेशनल पार्क में करीब 900 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। सूखी घास, वनस्पति और संरक्षित एडेलवाइस फूलों को नुकसान पहुंचा है। आग फैलने से रोकने के लिए माउंट ब्रोमो सहित प्रभावित पर्यटन क्षेत्र को बंद कर दिया गया है।

धुएं से बिगड़ी हवा, स्कूलों में कक्षाएं बंद
इंडोनेशिया में शुष्क मौसम के बीच जंगलों और पीटलैंड में आग का संकट बढ़ रहा है। सोमवार तक छह संवेदनशील प्रांतों में करीब 48,900 हेक्टेयर पीटलैंड जल चुका था, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र पश्चिम कालीमंतन है। राजधानी पोंटियानक में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक पहुंचने और सांस संबंधी बीमारियां बढ़ने के बाद स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं निलंबित कर दी गईं।

35 से ज्यादा विमान राहत अभियान में जुटे
सरकार ने सुमात्रा और बोर्नियो में आग बुझाने के लिए 35 से अधिक विमानों को तैनात किया है, जिनमें पानी गिराने वाले हेलीकॉप्टर और निगरानी विमान शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार पीटलैंड की आग जमीन के नीचे लंबे समय तक सुलगती रह सकती है और दोबारा भड़क सकती है, इसलिए जमीनी और हवाई अभियान साथ-साथ चलाए जा रहे हैं। पश्चिम कालीमंतन से उठने वाला धुआं कई दिनों में पड़ोसी मलेशिया तक पहुंचा है। इंडोनेशिया में हर साल होने वाली जंगल और पीटलैंड की आग से पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया में जहरीले धुंध का खतरा बढ़ जाता है।
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पूर्व अमेरिकी मरीन रॉबर्ट गिल्मैन रूस की जेल से रिहा 
रूस ने पूर्व अमेरिकी मरीन रॉबर्ट गिल्मैन को चार साल से अधिक समय तक हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया है। उनके लिए काम करने वाले संगठन ‘ग्लोबल रीच’ के अनुसार, जेल में खराब हालात और कथित दुर्व्यवहार के कारण उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी और उनकी जान को खतरा था। रिहाई के बाद गिल्मैन को टेक्सास के एक अमेरिकी सैन्य अस्पताल ले जाया जा रहा है, जहां उनकी मेडिकल और मनोवैज्ञानिक जांच के साथ इलाज किया जाएगा। उनका परिवार, जिसमें उनकी मां भी शामिल हैं, उनसे मिलने टेक्सास पहुंच गया है।

बढ़ती सजा और जेल में दुर्व्यवहार
32 वर्षीय गिल्मैन को 2022 में ट्रेन में हंगामा करने के बाद एक पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट का दोषी ठहराया गया था और साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में जेल में सेल की जांच के दौरान जेल इंस्पेक्टर, जांच अधिकारी और एक गार्ड पर हमले के मामलों में उनकी सजा बढ़ती गई। अक्टूबर 2024 में उन्हें आठ साल और एक महीने की सजा सुनाई गई, जबकि जेल गार्ड्स के साथ मारपीट का दोषी पाए जाने के बाद पिछले साल उनकी कुल सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी गई थी। ‘ग्लोबल रीच’ के अधिकारी एरिक लेब्सन के मुताबिक, जेल में कथित दुर्व्यवहार के कारण गिल्मैन 47 दिनों तक 'डिसोसिएटिव स्टूपर' की स्थिति में रहे। बाद में उन्हें सिविलियन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें फीडिंग ट्यूब लगाई गई और बिस्तर से हथकड़ी लगाकर रखा गया।

मानवीय आधार पर रिहाई
लेब्सन ने बताया कि अस्पताल की रिपोर्ट में गिल्मैन की स्थिति को 'बहुत गंभीर और जानलेवा' बताया गया था। इसके बाद अमेरिकी सरकार ने उनकी रिहाई के लिए प्रयास तेज किए और रूसी अधिकारियों ने उन्हें 'एकतरफा मानवीय आधार' पर रिहा किया। अमेरिकी सीनेटर एडवर्ड मार्की ने भी रूस और अमेरिका से मैसाचुसेट्स निवासी गिल्मैन की रिहाई के लिए मिलकर काम करने की अपील की थी। गिल्मैन उन कम से कम आठ अमेरिकियों में शामिल थे, जो हाल के वर्षों में अमेरिका-रूस के कई हाई-प्रोफाइल कैदी अदला-बदली के बावजूद रूसी हिरासत में बने हुए थे।
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